CBSE पुनर्मूल्यांकन 2026: साइबर हमले के बीच 56,000 से अधिक आवेदन, 6 जून तक मौका
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) को उत्तर-पुस्तिका सत्यापन और पुनर्मूल्यांकन प्रक्रिया के लिए देशभर के छात्रों से 56,000 से अधिक आवेदन मिले हैं, जबकि इसी दौरान बोर्ड की ऑनलाइन प्रणालियों पर एक बड़े साइबर हमले की कोशिश भी हुई। बोर्ड ने बुधवार रात 9:30 बजे IST तक प्राप्त आँकड़ों के आधार पर यह जानकारी साझा की और कहा कि हमले को सफलतापूर्वक विफल कर दिया गया है।
मुख्य घटनाक्रम
CBSE की ओर से जारी बयान के अनुसार, अंकों के सत्यापन और उत्तर-पुस्तिकाओं के पुनर्मूल्यांकन की ऑनलाइन सुविधा 2 जून 2026 को शुरू हुई थी और 6 जून की आधी रात तक उपलब्ध रहेगी। बोर्ड ने स्पष्ट किया कि आवेदन केवल ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से ही स्वीकार किए जा रहे हैं; ऑफलाइन आवेदन मान्य नहीं होंगे।
बोर्ड ने अपने बयान में कहा, ‘हमारी टेक्निकल टीमें परफॉर्मेंस पर लगातार नज़र रख रही हैं और छात्रों को अधिक सुगम, तेज़ और निर्बाध अनुभव देने के लिए सुधार लागू कर रही हैं।’
फीस और सुरक्षा उपाय
आवेदकों को सत्यापन के लिए प्रति विषय ₹100 और री-इवैल्यूएशन के लिए प्रति प्रश्न ₹25 शुल्क देना होगा। आवेदनों की प्रामाणिकता सुनिश्चित करने और दुरुपयोग रोकने के लिए CBSE ने इस वर्ष पहली बार आधार-आधारित प्रमाणीकरण भी लागू किया है — यह बदलाव हाल के साइबर खतरों के मद्देनज़र अहम माना जा रहा है।
ऑन-स्क्रीन मार्किंग विवाद की पृष्ठभूमि
यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब हाल ही में लागू की गई ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) प्रणाली को लेकर बोर्ड कई आलोचनाओं और सवालों का सामना कर रहा है। डिजिटल मूल्यांकन प्रक्रिया से जुड़ी कथित अनियमितताओं के बाद इसी सप्ताह की शुरुआत में CBSE के चेयरमैन राहुल सिंह और सेक्रेटरी हिमांशु गुप्ता का तबादला कर दिया गया था।
शिकायतों में उत्तर-पुस्तिकाओं की अदला-बदली, मूल्यांकन में गड़बड़ी और ग्रेड आवंटन में त्रुटियाँ शामिल बताई गई हैं। यह दूसरा बड़ा प्रशासनिक झटका है जो डिजिटल बदलाव की रफ़्तार पर सवाल खड़ा करता है।
सरकारी जाँच
केंद्र सरकार ने मामले की जाँच के लिए एस. राधा चौहान की अध्यक्षता में एक सदस्यीय जाँच समिति का गठन किया है। पैनल को एक महीने के भीतर ‘कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग’ को अपनी रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया गया है।
आगे क्या
आवेदन विंडो 6 जून की आधी रात बंद होने के बाद CBSE को पुनर्मूल्यांकन परिणामों की प्रक्रिया तय समय-सीमा में पूरी करनी होगी। साइबर हमले की प्रकृति और स्रोत पर बोर्ड ने अभी विस्तृत जानकारी साझा नहीं की है, और जाँच समिति की रिपोर्ट OSM प्रणाली के भविष्य की दिशा तय कर सकती है।