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सीबीएसई पोस्ट-रिजल्ट पोर्टल 1 जून से खुलेगा, 4 लाख छात्र कर सकेंगे पुनर्मूल्यांकन आवेदन

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सीबीएसई पोस्ट-रिजल्ट पोर्टल 1 जून से खुलेगा, 4 लाख छात्र कर सकेंगे पुनर्मूल्यांकन आवेदन

सारांश

18 लाख परीक्षार्थियों, 98 लाख उत्तर पुस्तिकाओं और व्यापक असंतोष के बाद सीबीएसई ने पोस्ट-रिजल्ट पोर्टल की तारीख 1 जून तय की है। शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान की उच्च स्तरीय बैठक के बाद यह फैसला आया — अब असली परीक्षा पोर्टल की तकनीकी विश्वसनीयता की होगी।

मुख्य बातें

सीबीएसई का पोस्ट-रिजल्ट एक्टिविटीज पोर्टल 1 जून 2026 से शुरू होगा।
कक्षा 12वीं में इस वर्ष लगभग 18 लाख छात्र परीक्षा में शामिल हुए; 98 लाख उत्तर पुस्तिकाएँ और 40 करोड़ पृष्ठ स्कैन किए गए।
अब तक लगभग 4 लाख छात्र 11 लाख स्कैन उत्तर पुस्तिकाएँ देख चुके हैं।
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में पारदर्शी और छात्र-हितैषी समाधान के निर्देश दिए।
शिकायत के लिए टेली-काउंसलिंग हेल्पलाइन 1800 11 8004 उपलब्ध।

केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने 29 मई 2026 को घोषणा की कि पोस्ट-रिजल्ट एक्टिविटीज पोर्टल अब 1 जून 2026 से सक्रिय किया जाएगा। इस पोर्टल के ज़रिए कक्षा 12वीं के छात्र अपनी उत्तर पुस्तिकाओं के सत्यापन, अंकों की पुनर्गणना और पुनर्मूल्यांकन के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि यह कदम मूल्यांकन प्रक्रिया को पारदर्शी और त्रुटिरहित बनाने की दिशा में उठाया गया है।

क्यों उठाना पड़ा यह कदम

इस वर्ष कक्षा 12वीं की परीक्षा में लगभग 18 लाख छात्र शामिल हुए थे। बोर्ड ने ऑन-स्क्रीन मार्किंग प्रणाली के ज़रिए लगभग 98 लाख उत्तर पुस्तिकाओं और लगभग 40 करोड़ पृष्ठों को स्कैन कर मूल्यांकन किया। परिणाम घोषित होने के बाद बड़ी संख्या में छात्रों ने असंतोष जताया और स्कैन कॉपी व पुनर्मूल्यांकन के लिए आवेदन किया।

गौरतलब है कि अब तक लगभग 4 लाख छात्र पोर्टल के माध्यम से लगभग 11 लाख स्कैन की गई उत्तर पुस्तिकाओं तक पहुँच प्राप्त कर चुके हैं। इसके अलावा, अनेक छात्रों ने पुनर्मूल्यांकन शुल्क जमा करने में तकनीकी कठिनाइयों का सामना किया। कुछ छात्रों का कथित तौर पर यह भी कहना है कि पोर्टल पर दिखाई गई उत्तर पुस्तिका उनकी अपनी नहीं है।

सरकार की प्रतिक्रिया

केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने सीबीएसई मुख्यालय में एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की, जिसमें मूल्यांकन और परिणामोत्तर प्रक्रियाओं से जुड़े मुद्दों की विस्तृत समीक्षा की गई। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि छात्रों की समस्याओं का समाधान समयबद्ध, पारदर्शी और छात्र-हितैषी तरीके से सुनिश्चित किया जाए।

प्रधान ने तीन प्रमुख सुधारों पर ज़ोर दिया — छात्र सहायता प्रणालियों को मज़बूत करना, मूल्यांकन एवं निगरानी ढाँचे में सुधार, और सीबीएसई डिजिटल प्लेटफॉर्म को अधिक उपयोगकर्ता-अनुकूल बनाना।

पोर्टल पर क्या मिलेगा

बोर्ड के अनुसार, 1 जून से पोर्टल पर छात्र ऑनलाइन माध्यम से उत्तर पुस्तिका सत्यापन, अंक पुनर्गणना और पुनर्मूल्यांकन के लिए आवेदन कर सकेंगे। बोर्ड ने आश्वस्त किया है कि मूल्यांकन के सभी मानकों और प्रोटोकॉल का कड़ाई से पालन किया जाएगा, ताकि प्रत्येक छात्र को निष्पक्ष अवसर मिले।

आम जनता पर असर

जिन छात्रों या अभिभावकों को परिणाम, सत्यापन या पुनर्मूल्यांकन प्रक्रिया से जुड़ी जानकारी चाहिए, वे सीबीएसई टेली-काउंसलिंग हेल्पलाइन 1800 11 8004 पर निःशुल्क संपर्क कर सकते हैं। ईमेल के ज़रिए भी सहायता उपलब्ध है। यह ऐसे समय में आया है जब देशभर में लाखों परिवार बोर्ड परिणामों के बाद उच्च शिक्षा प्रवेश की प्रक्रिया में हैं और अंकों में किसी भी बदलाव का सीधा असर दाखिले पर पड़ सकता है।

क्या होगा आगे

सीबीएसई का यह कदम ऑन-स्क्रीन मार्किंग प्रणाली को लेकर उठे सवालों के बीच आया है। बोर्ड की विश्वसनीयता अब इस बात पर निर्भर करेगी कि 1 जून से शुरू होने वाला पोर्टल तकनीकी रूप से कितना सहज और शिकायत-मुक्त रहता है। आने वाले हफ्तों में पुनर्मूल्यांकन के परिणाम यह तय करेंगे कि ऑन-स्क्रीन मार्किंग में वास्तव में कितनी खामियाँ थीं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन 4 लाख छात्रों का असंतोष और 'गलत उत्तर पुस्तिका' जैसी शिकायतें बताती हैं कि डिजिटलीकरण अपने आप में पर्याप्त नहीं है। पोर्टल की तारीख तय करना एक प्रशासनिक कदम है — असली सवाल यह है कि क्या पुनर्मूल्यांकन के नतीजे सार्वजनिक किए जाएँगे ताकि ऑन-स्क्रीन प्रणाली की खामियों का वस्तुनिष्ठ आकलन हो सके। बिना पारदर्शी ऑडिट के, यह प्रक्रिया छात्रों का भरोसा बहाल करने की बजाय महज़ शिकायत-प्रबंधन बनकर रह जाएगी।
RashtraPress
16 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सीबीएसई पोस्ट-रिजल्ट एक्टिविटीज पोर्टल क्या है और यह कब शुरू होगा?
यह सीबीएसई का ऑनलाइन पोर्टल है जिसके ज़रिए कक्षा 12वीं के छात्र उत्तर पुस्तिका सत्यापन, अंक पुनर्गणना और पुनर्मूल्यांकन के लिए आवेदन कर सकते हैं। यह पोर्टल 1 जून 2026 से सक्रिय किया जाएगा।
सीबीएसई पुनर्मूल्यांकन के लिए आवेदन कैसे करें?
1 जून 2026 से पोर्टल खुलने के बाद छात्र ऑनलाइन माध्यम से आवेदन कर सकेंगे। किसी समस्या की स्थिति में सीबीएसई टेली-काउंसलिंग हेल्पलाइन 1800 11 8004 पर संपर्क किया जा सकता है।
इस वर्ष कितने छात्रों ने सीबीएसई 12वीं परीक्षा दी और कितनों ने पुनर्मूल्यांकन माँगा?
इस वर्ष लगभग 18 लाख छात्र कक्षा 12वीं की परीक्षा में शामिल हुए। अब तक लगभग 4 लाख छात्र पोर्टल के ज़रिए 11 लाख स्कैन उत्तर पुस्तिकाएँ देख चुके हैं और बड़ी संख्या में पुनर्मूल्यांकन के लिए आवेदन किए गए हैं।
केंद्रीय शिक्षा मंत्री ने सीबीएसई को क्या निर्देश दिए?
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने सीबीएसई मुख्यालय में उच्च स्तरीय बैठक के बाद अधिकारियों को निर्देश दिया कि छात्रों की समस्याओं का समाधान समयबद्ध, पारदर्शी और छात्र-हितैषी तरीके से किया जाए। उन्होंने डिजिटल प्लेटफॉर्म को बेहतर बनाने और मूल्यांकन निगरानी ढाँचे में सुधार पर भी ज़ोर दिया।
ऑन-स्क्रीन मार्किंग प्रणाली को लेकर छात्रों की क्या शिकायतें हैं?
अनेक छात्रों ने कथित तौर पर कहा है कि पोर्टल पर दिखाई गई उत्तर पुस्तिका उनकी अपनी नहीं है। इसके अलावा, पुनर्मूल्यांकन शुल्क जमा करने में तकनीकी कठिनाइयाँ भी सामने आई हैं, जिसके चलते सरकार को उच्च स्तरीय समीक्षा करनी पड़ी।
राष्ट्र प्रेस
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