17 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

सीबीएसई वेरिफिकेशन और पुनर्मूल्यांकन पोर्टल 2 जून से सक्रिय, लाखों छात्रों को राहत

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
सीबीएसई वेरिफिकेशन और पुनर्मूल्यांकन पोर्टल 2 जून से सक्रिय, लाखों छात्रों को राहत

सारांश

29 मई से दो बार टलने और 1 जून को तकनीकी खराबी के बाद सीबीएसई ने 2 जून को वेरिफिकेशन और पुनर्मूल्यांकन पोर्टल सक्रिय किया। आईआईटी साइबर विशेषज्ञ ऑनमार्क पोर्टल की खामियाँ दूर करने में जुटे हैं, जबकि ओएसएम प्रणाली पर सवाल अभी भी बने हैं।

मुख्य बातें

सीबीएसई ने 2 जून 2026 को वेरिफिकेशन और पुनर्मूल्यांकन पोर्टल आधिकारिक रूप से सक्रिय किया।
पोर्टल की तारीख 29 मई से बढ़ाकर 1 जून और फिर 2 जून की गई; 1 जून को लॉगिन में तकनीकी खराबी आई।
आईआईटी के साइबर सुरक्षा विशेषज्ञ और सरकारी एजेंसियाँ ऑनमार्क पोर्टल को सुरक्षित बनाने में लगी हैं।
12वीं कक्षा में लागू ऑनस्क्रीन मार्किंग (ओएसएम) प्रणाली तकनीकी खामियों को लेकर आलोचना के घेरे में है।
छात्रों को आवेदन से पहले बोर्ड द्वारा एक्स पर साझा निर्देश वीडियो देखने की सलाह दी गई है।

केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने 2 जून 2026 को अपना आधिकारिक वेरिफिकेशन और पुनर्मूल्यांकन पोर्टल सक्रिय कर दिया, जिससे बोर्ड परीक्षा परिणाम से असंतुष्ट लाखों विद्यार्थियों को अपने अंकों की समीक्षा कराने का अवसर मिला है। बोर्ड ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट के माध्यम से इस प्रक्रिया के आरंभ की आधिकारिक पुष्टि की और छात्रों के लिए चरणबद्ध निर्देशों वाला एक वीडियो भी साझा किया।

पोर्टल लॉन्च में देरी का कारण

उल्लेखनीय है कि सीबीएसई ने यह पोर्टल मूल रूप से 29 मई को खोलने की योजना बनाई थी, जिसे बाद में बढ़ाकर 1 जून किया गया। बोर्ड ने स्पष्ट किया था कि छात्रों को पूरी तरह पारदर्शी और तकनीकी खामियों से मुक्त प्रणाली देने के लिए अतिरिक्त समय की आवश्यकता थी। हालाँकि, 1 जून को सुबह से ही पोर्टल सुचारु रूप से काम नहीं किया, जिससे छात्रों को लॉगिन में परेशानी का सामना करना पड़ा। अंततः 2 जून को पोर्टल को पूरी तरह सक्रिय किया गया।

ऑनमार्क पोर्टल की तकनीकी खामियाँ

परीक्षा सेवाओं के लिए उपयोग किए जाने वाले ऑनमार्क पोर्टल में सामने आई कमियों को लेकर सीबीएसई लगातार निगरानी कर रही है। बोर्ड ने अपने बयान में कहा, 'हम अपने सर्विस प्रोवाइडर के ऑनमार्क पोर्टल में उन कमज़ोरियों पर करीब से नज़र रख रहे हैं, जिन्हें पब्लिक डोमेन में फ्लैग किया जा रहा है।' सीबीएसई अधिकारियों के अनुसार, सरकारी एजेंसियाँ और भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थानों (आईआईटी) के साइबर सुरक्षा विशेषज्ञ प्रणाली को अधिक सुरक्षित और मज़बूत बनाने में जुटे हुए हैं।

ऑनस्क्रीन मार्किंग प्रणाली पर उठे सवाल

यह घटनाक्रम ऐसे समय में आया है जब 12वीं कक्षा के मूल्यांकन के लिए हाल ही में लागू की गई ऑनस्क्रीन मार्किंग (ओएसएम) प्रणाली को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। तकनीकी समस्याओं और मूल्यांकन प्रक्रिया से जुड़ी चिंताओं की रिपोर्टें सामने आने के बाद इस प्रणाली की आलोचना भी हुई थी। आलोचकों का कहना है कि नई प्रणाली की पर्याप्त जाँच किए बिना इसे लागू करना छात्रों के हितों के विरुद्ध है।

छात्रों के लिए आगे की राह

सीबीएसई अधिकारियों के अनुसार, प्रणाली की विश्वसनीयता बढ़ाने, साइबर सुरक्षा को मज़बूत करने और मूल्यांकन प्रक्रिया से जुड़ी चिंताओं का समाधान करने के लिए निरंतर प्रयास जारी हैं। बोर्ड ने परीक्षा सेवाओं की शुचिता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने पर विशेष ज़ोर दिया है। विद्यार्थियों को सलाह दी गई है कि वे आवेदन से पहले बोर्ड द्वारा साझा किए गए निर्देश वीडियो को ध्यानपूर्वक देखें और समय-सीमा का ध्यान रखें।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि उस बड़े सवाल की ओर इशारा करता है कि क्या बोर्ड ने ओएसएम प्रणाली को लाखों छात्रों पर लागू करने से पहले पर्याप्त परीक्षण किया था। आईआईटी विशेषज्ञों को बाद में बुलाना यह स्वीकार करना है कि प्रणाली शुरुआत से ही तैयार नहीं थी। असली चिंता यह है कि जिन छात्रों के अंक ओएसएम की खामियों से प्रभावित हो सकते हैं, उनके लिए पुनर्मूल्यांकन एकमात्र सहारा है — और वह सहारा भी तकनीकी अड़चनों से घिरा रहा। पारदर्शिता के दावों को विश्वसनीय बनाने के लिए बोर्ड को केवल पोर्टल नहीं, बल्कि जवाबदेही का ढाँचा भी सार्वजनिक करना होगा।
RashtraPress
17 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सीबीएसई वेरिफिकेशन और पुनर्मूल्यांकन पोर्टल क्या है?
यह सीबीएसई का आधिकारिक ऑनलाइन पोर्टल है, जहाँ बोर्ड परीक्षा परिणाम से असंतुष्ट छात्र अपने अंकों के सत्यापन (वेरिफिकेशन) या पुनर्मूल्यांकन (री-इवैल्यूएशन) के लिए आवेदन कर सकते हैं। यह पोर्टल 2 जून 2026 को सक्रिय किया गया।
सीबीएसई पोर्टल खुलने में देरी क्यों हुई?
पोर्टल मूल रूप से 29 मई को खुलना था, जिसे बढ़ाकर 1 जून किया गया। बोर्ड के अनुसार, तकनीकी खामियों से मुक्त और पारदर्शी प्रणाली तैयार करने के लिए अतिरिक्त समय चाहिए था। 1 जून को भी लॉगिन में तकनीकी समस्या आई, जिसके बाद 2 जून को पोर्टल सफलतापूर्वक सक्रिय किया गया।
ऑनमार्क पोर्टल में क्या समस्याएँ सामने आई हैं?
सीबीएसई के सर्विस प्रोवाइडर के ऑनमार्क पोर्टल में पब्लिक डोमेन में कई कमज़ोरियाँ फ्लैग की गई हैं। बोर्ड ने स्वीकार किया है कि इन्हें दूर करने के लिए सरकारी एजेंसियाँ और आईआईटी के साइबर सुरक्षा विशेषज्ञ काम कर रहे हैं।
ऑनस्क्रीन मार्किंग (ओएसएम) प्रणाली पर विवाद क्यों है?
12वीं कक्षा के मूल्यांकन के लिए हाल ही में लागू ओएसएम प्रणाली को लेकर तकनीकी समस्याओं और मूल्यांकन प्रक्रिया की विश्वसनीयता पर सवाल उठे हैं। आलोचकों का कहना है कि प्रणाली को बिना पर्याप्त परीक्षण के लागू किया गया, जिससे छात्रों के अंक प्रभावित हो सकते हैं।
वेरिफिकेशन और पुनर्मूल्यांकन के लिए आवेदन कैसे करें?
सीबीएसई ने एक्स पर साझा अपनी पोस्ट में चरणबद्ध निर्देशों वाला एक वीडियो जारी किया है। छात्रों को सलाह दी गई है कि वे आवेदन से पहले इस वीडियो को ध्यानपूर्वक देखें और बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट पर दी गई समय-सीमा का पालन करें।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 महीना पहले
  2. 1 महीना पहले
  3. 1 महीना पहले
  4. 1 महीना पहले
  5. 1 महीना पहले
  6. 1 महीना पहले
  7. 1 महीना पहले
  8. 2 महीने पहले