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सीबीएसई 12वीं पुनर्जांच पोर्टल 29 मई से खुलेगा, 40,000 से अधिक उत्तर पुस्तिका अनुरोध प्राप्त

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सीबीएसई 12वीं पुनर्जांच पोर्टल 29 मई से खुलेगा, 40,000 से अधिक उत्तर पुस्तिका अनुरोध प्राप्त

सारांश

सीबीएसई के 12वीं परिणाम पर हैकिंग और मूल्यांकन गड़बड़ी के आरोपों के बीच क्षेत्रीय प्रमुख राजेश कुमार गुप्ता ने सफाई दी। 40,000 से अधिक उत्तर पुस्तिका अनुरोध मिले, शुल्क ₹700 से घटाकर ₹100 किया गया और पुनर्जांच पोर्टल 29 मई से फिर खुलेगा।

मुख्य बातें

सीबीएसई पुनर्जांच और अंक पुनर्मूल्यांकन पोर्टल 29 मई 2025 से पुनः खोला जाएगा।
अब तक 40,000 से अधिक उत्तर पुस्तिका अनुरोध प्राप्त हुए हैं — सामान्य से 2 प्रतिशत अधिक।
उत्तर पुस्तिका प्राप्त करने का शुल्क ₹700 से घटाकर ₹100 किया गया।
क्षेत्रीय प्रमुख राजेश कुमार गुप्ता ने वेबसाइट हैकिंग के दावों को पूरी तरह नकारा; परीक्षा ऑफलाइन मोड में होती है।
परीक्षा नियंत्रक डॉ.
संयम भारद्वाज ने डिजिटल स्कैन प्रतियों के आवेदन की तिथि 22 मई से बढ़ाकर 25 मई की थी।
पुनर्जांच में अंक बदलने पर जिम्मेदारी बोर्ड की होगी और शुल्क वापस किया जाएगा।

केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) के 12वीं के परिणाम को लेकर वेबसाइट हैकिंग, डिजिटल स्कैनिंग और मूल्यांकन प्रणाली में त्रुटियों के आरोपों के बीच सीबीएसई के क्षेत्रीय प्रमुख राजेश कुमार गुप्ता ने बुधवार, 27 मई को स्पष्ट किया कि बोर्ड की डिजिटल मूल्यांकन प्रणाली पूरी तरह पारदर्शी और सुरक्षित है। उन्होंने बताया कि अब तक 40,000 से अधिक उत्तर पुस्तिका अनुरोध प्राप्त हो चुके हैं और पुनर्जांच पोर्टल 29 मई से पुनः खोला जाएगा।

वेबसाइट हैकिंग के दावों पर सीबीएसई का खंडन

राजेश कुमार गुप्ता ने सीबीएसई की वेबसाइट हैक होने की बात को सिरे से नकारा। उन्होंने कहा, 'सीबीएसई की बोर्ड परीक्षा पूर्ण रूप से ऑफलाइन मोड में आयोजित की जाती है, ऐसे में वेबसाइट हैक होने का कोई प्रश्न ही नहीं उठता। परीक्षा पेन-पेपर माध्यम से होती है, तो एग्जाम का वेबसाइट हैक होने से कोई मतलब नहीं है।' यह स्पष्टीकरण उस समय आया जब सोशल मीडिया पर परिणाम में गड़बड़ी के दावे तेज़ी से फैल रहे थे।

मूल्यांकन प्रणाली पर सफाई

डिजिटल स्कैनिंग और मूल्यांकन में गलतियों के सवाल पर गुप्ता ने कहा, 'बच्चों ने जो भी उत्तर लिखे, उसी के अनुसार उनका मूल्यांकन किया गया है। अगर वे परीक्षा में कुछ लिखेंगे ही नहीं, तो उन्हें उसी अनुसार अंक प्राप्त होंगे।' उन्होंने यह भी जोड़ा कि ऐसा नहीं है कि सभी उपस्थित छात्रों के अंक शून्य आए हैं — कुछ छात्रों ने 100 प्रतिशत अंक भी प्राप्त किए हैं। परिणाम पूरी तरह छात्रों के प्रदर्शन के आधार पर जारी किए गए हैं।

तकनीकी दिक्कतें और समय-सीमा विस्तार

गुप्ता ने स्वीकार किया कि सीबीएसई के स्कूल 26 देशों में हैं और एक साथ लाखों उपयोगकर्ताओं के वेबसाइट पर आने से तकनीकी समस्याएँ आ सकती हैं। इसी को देखते हुए परीक्षा नियंत्रक डॉ. संयम भारद्वाज ने उत्तर पुस्तिकाओं की डिजिटल स्कैन प्रतियाँ प्राप्त करने के लिए आवेदन की अंतिम तिथि 22 मई से बढ़ाकर 25 मई कर दी थी, जिससे सभी छात्रों को अतिरिक्त समय मिला।

उत्तर पुस्तिका शुल्क में कटौती और पुनर्जांच की व्यवस्था

इस वर्ष उत्तर पुस्तिका प्राप्त करने का शुल्क ₹700 से घटाकर मात्र ₹100 कर दिया गया है ताकि अधिक से अधिक छात्र अपनी उत्तर पुस्तिका देखकर संशय दूर कर सकें। गुप्ता ने बताया कि सामान्यतः हर वर्ष 5 से 6 प्रतिशत छात्र ही उत्तर पुस्तिका के लिए आवेदन करते हैं, किंतु इस वर्ष इसमें 2 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज हुई है। जिन छात्रों को लगता है कि उनका मूल्यांकन उचित नहीं हुआ, उनके लिए पुनर्जांच और अंक पुनर्मूल्यांकन पोर्टल 29 मई से पुनः खुलेगा। यदि पुनर्जांच के बाद अंकों में कोई बदलाव — बढ़ने या घटने — का निर्णय होता है, तो उसकी जिम्मेदारी बोर्ड की होगी और अंक अपडेट किए जाएँगे। इसके साथ ही छात्रों से लिए गए शुल्क भी वापस कर दिए जाएँगे।

आगे की राह

सीबीएसई के इस कदम से उन लाखों छात्रों को राहत मिलने की उम्मीद है जो अपने परिणाम को लेकर असमंजस में थे। पोर्टल के 29 मई से खुलने के बाद यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि पुनर्जांच के बाद कितने छात्रों के अंकों में बदलाव आता है और बोर्ड की मूल्यांकन प्रणाली पर उठे सवाल किस हद तक शांत होते हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन पर्याप्त नहीं। शुल्क में कटौती और समय-सीमा विस्तार स्वागतयोग्य कदम हैं, पर असली सवाल यह है कि जब हर वर्ष से 2 प्रतिशत अधिक छात्र उत्तर पुस्तिका माँग रहे हैं, तो यह वृद्धि महज जागरूकता की है या मूल्यांकन पर भरोसे की कमी की? बोर्ड ने हैकिंग को तकनीकी असंभव बताया, पर वेबसाइट की भारी लोडिंग समस्या स्वयं स्वीकार की — यह विरोधाभास छात्रों और अभिभावकों के संदेह को पूरी तरह नहीं मिटाता। पारदर्शिता का असली प्रमाण पुनर्जांच के बाद के आँकड़ों में होगा।
RashtraPress
12 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सीबीएसई 12वीं पुनर्जांच पोर्टल कब खुलेगा?
सीबीएसई का पुनर्जांच और अंक पुनर्मूल्यांकन पोर्टल 29 मई 2025 से पुनः खोला जाएगा। जो छात्र अपने मूल्यांकन से संतुष्ट नहीं हैं, वे इस पोर्टल के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं।
सीबीएसई उत्तर पुस्तिका प्राप्त करने का शुल्क कितना है?
इस वर्ष उत्तर पुस्तिका प्राप्त करने का शुल्क ₹700 से घटाकर मात्र ₹100 कर दिया गया है। यह कदम अधिक से अधिक छात्रों को अपनी उत्तर पुस्तिका देखकर संशय दूर करने का अवसर देने के लिए उठाया गया है।
क्या सीबीएसई की वेबसाइट वाकई हैक हुई थी?
नहीं। सीबीएसई के क्षेत्रीय प्रमुख राजेश कुमार गुप्ता ने इस दावे को पूरी तरह नकारा है। उनके अनुसार बोर्ड परीक्षाएँ पूरी तरह ऑफलाइन पेन-पेपर माध्यम से होती हैं, इसलिए वेबसाइट हैक से परीक्षा परिणाम प्रभावित होने का कोई प्रश्न नहीं उठता।
पुनर्जांच के बाद अंक बदलने पर क्या होगा?
यदि पुनर्जांच के बाद किसी छात्र के अंक बढ़ते या घटते हैं, तो उसकी जिम्मेदारी सीबीएसई बोर्ड की होगी और अंक अपडेट किए जाएँगे। इसके साथ ही छात्रों से लिया गया आवेदन शुल्क भी वापस कर दिया जाएगा।
इस वर्ष उत्तर पुस्तिका अनुरोधों में कितनी वृद्धि हुई?
सामान्यतः हर वर्ष 5 से 6 प्रतिशत छात्र उत्तर पुस्तिका के लिए आवेदन करते हैं, लेकिन इस वर्ष इसमें 2 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। अब तक 40,000 से अधिक उत्तर पुस्तिका अनुरोध प्राप्त हो चुके हैं।
राष्ट्र प्रेस
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