सीबीएसई 12वीं पुनर्जांच पोर्टल 29 मई से खुलेगा, 40,000 से अधिक उत्तर पुस्तिका अनुरोध प्राप्त
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) के 12वीं के परिणाम को लेकर वेबसाइट हैकिंग, डिजिटल स्कैनिंग और मूल्यांकन प्रणाली में त्रुटियों के आरोपों के बीच सीबीएसई के क्षेत्रीय प्रमुख राजेश कुमार गुप्ता ने बुधवार, 27 मई को स्पष्ट किया कि बोर्ड की डिजिटल मूल्यांकन प्रणाली पूरी तरह पारदर्शी और सुरक्षित है। उन्होंने बताया कि अब तक 40,000 से अधिक उत्तर पुस्तिका अनुरोध प्राप्त हो चुके हैं और पुनर्जांच पोर्टल 29 मई से पुनः खोला जाएगा।
वेबसाइट हैकिंग के दावों पर सीबीएसई का खंडन
राजेश कुमार गुप्ता ने सीबीएसई की वेबसाइट हैक होने की बात को सिरे से नकारा। उन्होंने कहा, 'सीबीएसई की बोर्ड परीक्षा पूर्ण रूप से ऑफलाइन मोड में आयोजित की जाती है, ऐसे में वेबसाइट हैक होने का कोई प्रश्न ही नहीं उठता। परीक्षा पेन-पेपर माध्यम से होती है, तो एग्जाम का वेबसाइट हैक होने से कोई मतलब नहीं है।' यह स्पष्टीकरण उस समय आया जब सोशल मीडिया पर परिणाम में गड़बड़ी के दावे तेज़ी से फैल रहे थे।
मूल्यांकन प्रणाली पर सफाई
डिजिटल स्कैनिंग और मूल्यांकन में गलतियों के सवाल पर गुप्ता ने कहा, 'बच्चों ने जो भी उत्तर लिखे, उसी के अनुसार उनका मूल्यांकन किया गया है। अगर वे परीक्षा में कुछ लिखेंगे ही नहीं, तो उन्हें उसी अनुसार अंक प्राप्त होंगे।' उन्होंने यह भी जोड़ा कि ऐसा नहीं है कि सभी उपस्थित छात्रों के अंक शून्य आए हैं — कुछ छात्रों ने 100 प्रतिशत अंक भी प्राप्त किए हैं। परिणाम पूरी तरह छात्रों के प्रदर्शन के आधार पर जारी किए गए हैं।
तकनीकी दिक्कतें और समय-सीमा विस्तार
गुप्ता ने स्वीकार किया कि सीबीएसई के स्कूल 26 देशों में हैं और एक साथ लाखों उपयोगकर्ताओं के वेबसाइट पर आने से तकनीकी समस्याएँ आ सकती हैं। इसी को देखते हुए परीक्षा नियंत्रक डॉ. संयम भारद्वाज ने उत्तर पुस्तिकाओं की डिजिटल स्कैन प्रतियाँ प्राप्त करने के लिए आवेदन की अंतिम तिथि 22 मई से बढ़ाकर 25 मई कर दी थी, जिससे सभी छात्रों को अतिरिक्त समय मिला।
उत्तर पुस्तिका शुल्क में कटौती और पुनर्जांच की व्यवस्था
इस वर्ष उत्तर पुस्तिका प्राप्त करने का शुल्क ₹700 से घटाकर मात्र ₹100 कर दिया गया है ताकि अधिक से अधिक छात्र अपनी उत्तर पुस्तिका देखकर संशय दूर कर सकें। गुप्ता ने बताया कि सामान्यतः हर वर्ष 5 से 6 प्रतिशत छात्र ही उत्तर पुस्तिका के लिए आवेदन करते हैं, किंतु इस वर्ष इसमें 2 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज हुई है। जिन छात्रों को लगता है कि उनका मूल्यांकन उचित नहीं हुआ, उनके लिए पुनर्जांच और अंक पुनर्मूल्यांकन पोर्टल 29 मई से पुनः खुलेगा। यदि पुनर्जांच के बाद अंकों में कोई बदलाव — बढ़ने या घटने — का निर्णय होता है, तो उसकी जिम्मेदारी बोर्ड की होगी और अंक अपडेट किए जाएँगे। इसके साथ ही छात्रों से लिए गए शुल्क भी वापस कर दिए जाएँगे।
आगे की राह
सीबीएसई के इस कदम से उन लाखों छात्रों को राहत मिलने की उम्मीद है जो अपने परिणाम को लेकर असमंजस में थे। पोर्टल के 29 मई से खुलने के बाद यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि पुनर्जांच के बाद कितने छात्रों के अंकों में बदलाव आता है और बोर्ड की मूल्यांकन प्रणाली पर उठे सवाल किस हद तक शांत होते हैं।