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CBSE पोर्टल पर 14,000 यूजर एक साथ, साइबर हमलों के बीच 2 मिनट में 15 लाख हिट दर्ज

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CBSE पोर्टल पर 14,000 यूजर एक साथ, साइबर हमलों के बीच 2 मिनट में 15 लाख हिट दर्ज

सारांश

CBSE के री-इवैल्यूएशन पोर्टल पर एक साथ 14,000 यूजर सक्रिय रहे और 28,000 से अधिक आवेदन जमा हुए, लेकिन असली कहानी पर्दे के पीछे की है — दो मिनट में 15 लाख हिट के साथ DoS हमले का प्रयास और फाइलों तक एक लाख से अधिक अनधिकृत पहुँच की कोशिशें, जिन्हें बोर्ड की सुरक्षा टीमों ने नाकाम किया।

मुख्य बातें

CBSE पोर्टल पर मंगलवार रात 10 बजे तक करीब 14,000 यूजर एक साथ सक्रिय थे।
28,000 से अधिक वेरिफिकेशन और री-इवैल्यूएशन आवेदन सफलतापूर्वक जमा किए गए।
DoS हमले के प्रयास में मात्र दो मिनट में लगभग 15 लाख हिट दर्ज हुईं।
पोर्टल की फाइलों तक 1 लाख से अधिक अनधिकृत पहुँच के प्रयास भी हुए।
राहत के लिए सेशन टाइम लिमिट बढ़ाई गई; तकनीकी टीमें 24 घंटे निगरानी कर रही हैं।

केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) के वेरिफिकेशन और री-इवैल्यूएशन पोर्टल पर 3 जून को भारी ट्रैफिक दर्ज किया गया, जहाँ मंगलवार रात 10 बजे तक करीब 14,000 यूजर एक साथ सक्रिय थे और 28,000 से अधिक आवेदन सफलतापूर्वक जमा किए जा चुके थे। बोर्ड के अनुसार, इस दौरान पोर्टल को बाधित करने के लिए बड़े पैमाने पर साइबर हमले के प्रयास भी हुए, जिनमें मात्र दो मिनट के भीतर लगभग 15 लाख हिट दर्ज की गईं।

पोर्टल पर रिकॉर्ड ट्रैफिक

बोर्ड के मुख्यालय ने बताया कि शैक्षणिक सत्र का कार्यक्रम पहले से तय होने के बावजूद पोर्टल पर असाधारण भार पड़ा। कई विषयों में पुनर्मूल्यांकन के लिए आवेदन करने वाले छात्रों की संख्या भी पिछले रुझानों की तुलना में बढ़ी है, जिससे एक साथ लॉगिन का दबाव बना रहा।

साइबर हमले के प्रयास और सुरक्षा प्रतिक्रिया

CBSE की साइबर सुरक्षा टीमों के अनुसार, पोर्टल पर डिनायल ऑफ सर्विस (DoS) हमले का प्रयास किया गया। इसके साथ ही पोर्टल की फाइलों तक अनधिकृत पहुँच बनाने के एक लाख से अधिक प्रयास भी दर्ज किए गए। बोर्ड का कहना है कि सुरक्षा तंत्र सक्रिय रहने के कारण इन हमलों का छात्रों की आवेदन प्रक्रिया पर कोई बड़ा असर नहीं पड़ने दिया गया।

सिस्टम में अपग्रेड और सेशन टाइम लिमिट

अधिकारियों के अनुसार, छात्रों से मिले फीडबैक के आधार पर पोर्टल को अपग्रेड किया गया है और सेशन टाइम लिमिट बढ़ाई गई है। इस बदलाव से उन परीक्षार्थियों को राहत मिलने की उम्मीद है, जिन्हें व्यस्त समय में बार-बार टाइम-आउट की समस्या का सामना करना पड़ रहा था। तकनीकी टीमें 24 घंटे पोर्टल की निगरानी कर रही हैं।

छात्रों और अभिभावकों के लिए मायने

वेरिफिकेशन और री-इवैल्यूएशन प्रक्रिया उन हज़ारों छात्रों के लिए निर्णायक है, जो अपने परीक्षा परिणामों में स्पष्टता या संभावित त्रुटियों के सुधार की उम्मीद रखते हैं। यह प्रक्रिया उच्च शिक्षा में दाख़िले की कट-ऑफ़ और स्ट्रीम चयन को सीधे प्रभावित कर सकती है, इसलिए पोर्टल की निर्बाध उपलब्धता छात्रों के लिए अहम है।

आगे क्या

बोर्ड ने दोहराया है कि वह छात्रों से मिले फीडबैक के आधार पर अपने डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म में लगातार सुधार करता रहेगा। यह घटनाक्रम ऐसे समय में आया है जब देशभर में सरकारी और शैक्षणिक पोर्टलों पर साइबर हमलों की कोशिशें बढ़ी हैं, और CBSE जैसे बड़े बोर्डों की डिजिटल रक्षा-तैयारी पर सवाल नए सिरे से उठ रहे हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

भारतीय शिक्षा बुनियादी ढाँचे की डिजिटल कमज़ोरी की ओर इशारा करता है — जहाँ हर परीक्षा सीज़न में वही पैटर्न दोहराता है: भारी ट्रैफिक, टाइम-आउट, और अब हमले। सेशन टाइम बढ़ाना तात्कालिक राहत है, परन्तु स्थायी समाधान स्केलेबल क्लाउड आर्किटेक्चर और स्वतंत्र सुरक्षा ऑडिट में है। बोर्ड ने हमलावरों की पहचान या FIR पर चुप्पी साधी है, जो जवाबदेही का एक खुला सवाल छोड़ता है। जब तक हमलों के स्रोत और मंशा की पारदर्शी जाँच नहीं होती, ‘हमने रोक लिया’ का दावा छात्रों के भरोसे की पूरी कसौटी नहीं बन सकता।
RashtraPress
19 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

CBSE वेरिफिकेशन और री-इवैल्यूएशन पोर्टल पर क्या हुआ?
मंगलवार रात 10 बजे तक पोर्टल पर करीब 14,000 यूजर एक साथ सक्रिय थे और 28,000 से अधिक आवेदन जमा हुए। इसी दौरान पोर्टल को बाधित करने के लिए DoS हमले का प्रयास किया गया, जिसमें दो मिनट में लगभग 15 लाख हिट दर्ज की गईं।
क्या साइबर हमलों से छात्रों की आवेदन प्रक्रिया प्रभावित हुई?
CBSE के अनुसार, सुरक्षा तंत्र सक्रिय रहने के कारण हमलों का छात्रों की आवेदन प्रक्रिया पर कोई बड़ा असर नहीं पड़ा। पोर्टल की फाइलों तक एक लाख से अधिक अनधिकृत पहुँच के प्रयास भी विफल कर दिए गए।
पोर्टल में क्या सुधार किए गए हैं?
बोर्ड ने छात्रों के फीडबैक के आधार पर सेशन टाइम लिमिट बढ़ाई है, ताकि बार-बार टाइम-आउट की समस्या न हो। तकनीकी टीमें 24 घंटे निगरानी कर रही हैं ताकि पोर्टल सुरक्षित और भरोसेमंद बना रहे।
CBSE री-इवैल्यूएशन प्रक्रिया छात्रों के लिए क्यों महत्वपूर्ण है?
यह प्रक्रिया उन हज़ारों छात्रों के लिए महत्वपूर्ण है जो अपने परीक्षा परिणामों में स्पष्टता या संभावित त्रुटियों के सुधार की उम्मीद रखते हैं। इसके परिणाम उच्च शिक्षा में दाख़िले और स्ट्रीम चयन को सीधे प्रभावित कर सकते हैं।
DoS हमला क्या होता है और इसका पोर्टल पर क्या असर पड़ता है?
डिनायल ऑफ सर्विस (DoS) हमले में किसी वेबसाइट या सर्वर पर एक साथ इतने अनुरोध भेजे जाते हैं कि वह वास्तविक उपयोगकर्ताओं के लिए जवाब देना बंद कर दे। CBSE पोर्टल पर हुए इस प्रयास में दो मिनट के भीतर लगभग 15 लाख हिट दर्ज की गईं, लेकिन सुरक्षा तंत्र ने सेवा को बाधित नहीं होने दिया।
राष्ट्र प्रेस
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