CBSE री-इवैल्यूएशन पोर्टल पर 4 बैंकों के पेमेंट गेटवे सक्रिय, 40,000 से अधिक छात्रों ने किया आवेदन
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने 3 जून को स्पष्ट किया कि कक्षा 10वीं और 12वीं के परिणामों के बाद शुरू हुई अंक सत्यापन और पुनर्मूल्यांकन (री-इवैल्यूएशन) प्रक्रिया के लिए पोर्टल पर चार सरकारी बैंकों के पेमेंट गेटवे सुचारू रूप से उपलब्ध हैं। बोर्ड के अनुसार, बुधवार सुबह 9:30 बजे तक लगभग 40,000 छात्र इस सुविधा के ज़रिए अपना आवेदन सफलतापूर्वक जमा कर चुके हैं।
कौन-से बैंक और भुगतान विकल्प
CBSE के मुताबिक, पोर्टल पर भुगतान के लिए भारतीय स्टेट बैंक (SBI), केनरा बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा और इंडियन बैंक के पेमेंट गेटवे जोड़े गए हैं। बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि छात्रों का इन बैंकों में खाता होना अनिवार्य नहीं है — कोई भी आवेदक उपलब्ध गेटवे के माध्यम से शुल्क जमा कर सकता है।
उम्मीदवारों को UPI, नेट बैंकिंग, क्रेडिट कार्ड और डेबिट कार्ड के विकल्प दिए गए हैं, जिससे देशभर के छात्रों को आवेदन प्रक्रिया पूरी करने में आसानी हो रही है।
आवेदन की रफ़्तार और तकनीकी स्थिति
बोर्ड ने बताया कि अब तक प्रक्रिया सामान्य ढंग से चल रही है और कोई व्यापक तकनीकी अवरोध सामने नहीं आया है। पोर्टल की लगातार निगरानी की जा रही है ताकि सत्यापन और पुनर्मूल्यांकन की पूरी प्रक्रिया पारदर्शी, सुरक्षित और सुचारू बनी रहे।
सोशल मीडिया दावों पर बोर्ड की अपील
हाल के दिनों में पुनर्मूल्यांकन पोर्टल को लेकर सोशल मीडिया पर कई तरह की सूचनाएँ और दावे सामने आए थे। CBSE ने छात्रों और अभिभावकों से अपील की है कि वे केवल बोर्ड की आधिकारिक घोषणाओं पर ही भरोसा करें और किसी भी अपुष्ट या भ्रामक जानकारी से बचें।
उत्तर पुस्तिकाओं को लेकर पुरानी शिकायतें
गौरतलब है कि कक्षा 12 के परिणाम घोषित होने के बाद बड़ी संख्या में छात्रों ने शिकायत की थी कि उनकी स्कैन की गई उत्तर पुस्तिकाओं के कई पन्ने धुंधले दिख रहे थे। कुछ छात्रों ने उत्तर पुस्तिका के हिस्से गायब होने का आरोप लगाया, तो कई ने बोर्ड की ऑनलाइन सेवाओं के इस्तेमाल में दिक्कतें बताईं।
कई छात्रों का यह भी कहना था कि साझा की गई उत्तर पुस्तिकाएँ उनकी हैं ही नहीं। इन शिकायतों के बाद विभिन्न छात्र संगठनों ने OSM (ऑन-स्क्रीन मार्किंग) प्रणाली पर सवाल उठाए और तर्क दिया कि स्कैनिंग व डिजिटल मूल्यांकन की त्रुटियाँ अंतिम परिणाम पर असर डाल रही हैं।
क्या होगा आगे
बोर्ड ने दोहराया है कि छात्रों के हितों को ध्यान में रखते हुए पोर्टल की रीयल-टाइम निगरानी जारी रहेगी, और किसी भी तकनीकी समस्या की स्थिति में आधिकारिक चैनलों के माध्यम से जानकारी दी जाएगी।