संजय राउत का BJP पर हमला: 'लोकतंत्र बचाने से पहले अमिताभ बच्चन को बचाएं'
सारांश
मुख्य बातें
शिवसेना (यूबीटी) के वरिष्ठ नेता संजय राउत ने 4 नवंबर 2026 को ठाणे में प्रेस को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री, केंद्रीय गृह मंत्री और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेताओं पर तीखा हमला बोला। उन्होंने सरकार पर लोकतंत्र की दुहाई देने के बजाय पहले देश के नागरिकों और फिल्मी हस्तियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की माँग की।
बहस की चुनौती और लोकतंत्र का सवाल
राउत ने कहा कि कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की ओर से बार-बार एसआईआर, लोकतंत्र और देश से जुड़े मुद्दों पर खुली बहस की चुनौती दी जा रही है। उन्होंने कहा, 'उनकी ओर से जहां कहा जाएगा, उस मंच पर बहस की जाएगी।' राउत ने व्यंग्यात्मक लहजे में जोड़ा कि जो लोग देश और राज्य चला रहे हैं, वे अब लोकतंत्र बचाने की बात करते हुए सड़क पर आ गए हैं।
उन्होंने ज्ञानेश कुमार के समर्थन में सत्ता पक्ष की 'लोकतंत्र बचाओ' मुहिम पर सवाल उठाते हुए कहा, 'हम उनसे गुहार लगा रहे हैं कि लोकतंत्र को बचाइए।' उनका आशय था कि असली लोकतांत्रिक संकट पटाखा-विवाद या ज्ञानेश कुमार प्रकरण नहीं, बल्कि आम नागरिकों और कलाकारों की सुरक्षा है।
अमिताभ बच्चन और फिल्म जगत की सुरक्षा पर चिंता
राउत ने देश के महानायक अमिताभ बच्चन के बुलेटप्रूफ सुरक्षा में जीने की स्थिति को 'शर्मनाक और निंदनीय' बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि पूरा हिंदी फिल्म जगत दहशत में जी रहा है।
राउत ने एक के बाद एक घटनाओं का हवाला दिया — अमिताभ बच्चन को धमकियाँ, टाइगर श्रॉफ पर कथित गोलीबारी और बाबा सिद्दीकी की हत्या। उन्होंने कहा कि बड़े बिल्डरों और कलाकारों को धमकियाँ दी जा रही हैं, जबकि कथित तौर पर जिम्मेदार व्यक्ति साबरमती जेल में सरकारी सुरक्षा में बैठा है। उनके शब्दों में, 'पहले हमको बचाएं, बाद में लोकतंत्र बचाने की बात करें।'
BMC और दीया मिर्जा प्रकरण पर BJP को चेतावनी
राउत ने बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) में भाजपा के प्रभाव पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि पटाखों को लेकर दीया मिर्जा की पर्यावरण संबंधी चिंताओं पर न्यायालय ने भी माना है कि वे गलत नहीं हैं, फिर भी BMC में बैठे भाजपा नेता न्यायालय के आदेश की 'बार-बार अवहेलना' कर रहे हैं।
राउत ने चेतावनी दी कि अगर वे न्यायालय का आदेश नहीं मानेंगे, तो उन्हें जेल जाना पड़ सकता है। उन्होंने कहा, 'यह धर्मनिरपेक्ष देश है।'
राजनीतिक पृष्ठभूमि
यह बयान ऐसे समय में आया है जब महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव की चर्चाएँ और विपक्ष का सत्ता-विरोधी अभियान तेज़ है। शिवसेना (यूबीटी), कांग्रेस और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP-शरद पवार गुट) मिलकर महाविकास आघाडी (MVA) के बैनर तले BJP-शिंदे-अजित पवार गठबंधन को चुनौती दे रहे हैं। राउत MVA के सबसे मुखर प्रवक्ताओं में से एक माने जाते हैं।
आगे क्या
राउत के इन बयानों के बाद BJP की ओर से प्रतिक्रिया की संभावना है। अमिताभ बच्चन की सुरक्षा और बाबा सिद्दीकी हत्याकांड की जाँच पहले से ही राजनीतिक और सामाजिक बहस के केंद्र में हैं। आने वाले दिनों में यह मुद्दा महाराष्ट्र के चुनावी विमर्श को और गर्म कर सकता है।