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संजय राउत का BJP पर हमला: 'लोकतंत्र बचाने से पहले अमिताभ बच्चन को बचाएं'

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संजय राउत का BJP पर हमला: 'लोकतंत्र बचाने से पहले अमिताभ बच्चन को बचाएं'

सारांश

संजय राउत ने ठाणे में BJP पर दोहरा वार किया — एक तरफ लोकतंत्र की दुहाई देने वालों से अमिताभ बच्चन और फिल्म जगत की सुरक्षा पर जवाब माँगा, दूसरी तरफ BMC को न्यायालय आदेश न मानने पर जेल की चेतावनी दी। यह बयान महाराष्ट्र के गरमाते चुनावी माहौल में MVA के तीखे आक्रमण का हिस्सा है।

मुख्य बातें

संजय राउत ने 4 नवंबर 2026 को ठाणे में प्रधानमंत्री और गृह मंत्री को लोकतंत्र व राष्ट्रीय मुद्दों पर खुली बहस की चुनौती दी।
राउत ने अमिताभ बच्चन के बुलेटप्रूफ सुरक्षा में जीने को 'शर्मनाक' बताया; टाइगर श्रॉफ पर गोलीबारी और बाबा सिद्दीकी की हत्या का भी उल्लेख किया।
उन्होंने आरोप लगाया कि BMC में बैठे BJP नेता दीया मिर्जा के पटाखा-विरोधी रुख पर न्यायालय के आदेश की बार-बार अवहेलना कर रहे हैं।
राउत ने चेतावनी दी कि न्यायालय आदेश न मानने पर संबंधित अधिकारियों को जेल जाना पड़ सकता है।
यह बयान महाविकास आघाडी (MVA) के BJP-विरोधी चुनावी अभियान के बीच आया है।

शिवसेना (यूबीटी) के वरिष्ठ नेता संजय राउत ने 4 नवंबर 2026 को ठाणे में प्रेस को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री, केंद्रीय गृह मंत्री और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेताओं पर तीखा हमला बोला। उन्होंने सरकार पर लोकतंत्र की दुहाई देने के बजाय पहले देश के नागरिकों और फिल्मी हस्तियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की माँग की।

बहस की चुनौती और लोकतंत्र का सवाल

राउत ने कहा कि कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की ओर से बार-बार एसआईआर, लोकतंत्र और देश से जुड़े मुद्दों पर खुली बहस की चुनौती दी जा रही है। उन्होंने कहा, 'उनकी ओर से जहां कहा जाएगा, उस मंच पर बहस की जाएगी।' राउत ने व्यंग्यात्मक लहजे में जोड़ा कि जो लोग देश और राज्य चला रहे हैं, वे अब लोकतंत्र बचाने की बात करते हुए सड़क पर आ गए हैं।

उन्होंने ज्ञानेश कुमार के समर्थन में सत्ता पक्ष की 'लोकतंत्र बचाओ' मुहिम पर सवाल उठाते हुए कहा, 'हम उनसे गुहार लगा रहे हैं कि लोकतंत्र को बचाइए।' उनका आशय था कि असली लोकतांत्रिक संकट पटाखा-विवाद या ज्ञानेश कुमार प्रकरण नहीं, बल्कि आम नागरिकों और कलाकारों की सुरक्षा है।

अमिताभ बच्चन और फिल्म जगत की सुरक्षा पर चिंता

राउत ने देश के महानायक अमिताभ बच्चन के बुलेटप्रूफ सुरक्षा में जीने की स्थिति को 'शर्मनाक और निंदनीय' बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि पूरा हिंदी फिल्म जगत दहशत में जी रहा है।

राउत ने एक के बाद एक घटनाओं का हवाला दिया — अमिताभ बच्चन को धमकियाँ, टाइगर श्रॉफ पर कथित गोलीबारी और बाबा सिद्दीकी की हत्या। उन्होंने कहा कि बड़े बिल्डरों और कलाकारों को धमकियाँ दी जा रही हैं, जबकि कथित तौर पर जिम्मेदार व्यक्ति साबरमती जेल में सरकारी सुरक्षा में बैठा है। उनके शब्दों में, 'पहले हमको बचाएं, बाद में लोकतंत्र बचाने की बात करें।'

BMC और दीया मिर्जा प्रकरण पर BJP को चेतावनी

राउत ने बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) में भाजपा के प्रभाव पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि पटाखों को लेकर दीया मिर्जा की पर्यावरण संबंधी चिंताओं पर न्यायालय ने भी माना है कि वे गलत नहीं हैं, फिर भी BMC में बैठे भाजपा नेता न्यायालय के आदेश की 'बार-बार अवहेलना' कर रहे हैं।

राउत ने चेतावनी दी कि अगर वे न्यायालय का आदेश नहीं मानेंगे, तो उन्हें जेल जाना पड़ सकता है। उन्होंने कहा, 'यह धर्मनिरपेक्ष देश है।'

राजनीतिक पृष्ठभूमि

यह बयान ऐसे समय में आया है जब महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव की चर्चाएँ और विपक्ष का सत्ता-विरोधी अभियान तेज़ है। शिवसेना (यूबीटी), कांग्रेस और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP-शरद पवार गुट) मिलकर महाविकास आघाडी (MVA) के बैनर तले BJP-शिंदे-अजित पवार गठबंधन को चुनौती दे रहे हैं। राउत MVA के सबसे मुखर प्रवक्ताओं में से एक माने जाते हैं।

आगे क्या

राउत के इन बयानों के बाद BJP की ओर से प्रतिक्रिया की संभावना है। अमिताभ बच्चन की सुरक्षा और बाबा सिद्दीकी हत्याकांड की जाँच पहले से ही राजनीतिक और सामाजिक बहस के केंद्र में हैं। आने वाले दिनों में यह मुद्दा महाराष्ट्र के चुनावी विमर्श को और गर्म कर सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बॉलीवुड सुरक्षा और BMC का न्यायालय अवमानना — लेकिन असल में यह MVA की उस रणनीति का हिस्सा है जो BJP को एक साथ 'कानून-व्यवस्था में विफल' और 'लोकतंत्र के ढोंगी' दोनों साबित करना चाहती है। गौरतलब है कि बाबा सिद्दीकी हत्याकांड और बॉलीवुड को धमकियों का मुद्दा मुंबई पुलिस की जाँच का विषय है, जिसे राजनीतिक फ्रेम में डालना तथ्यों को सरल बना देता है। BMC-दीया मिर्जा प्रकरण में न्यायालय की टिप्पणी वास्तव में दर्ज है, लेकिन 'जेल जाने' की चेतावनी अभी न्यायिक प्रक्रिया पर आधारित नहीं, बल्कि राजनीतिक दबाव की भाषा है। महाराष्ट्र के चुनावी समर में इस तरह के बहु-मुद्दी हमले विपक्षी कथा को ऊर्जा देते हैं, लेकिन इनकी जाँच-परख पाठक की जिम्मेदारी है।
RashtraPress
4 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

संजय राउत ने BJP को क्या चुनौती दी?
संजय राउत ने प्रधानमंत्री, केंद्रीय गृह मंत्री और BJP नेताओं को लोकतंत्र और राष्ट्रीय मुद्दों पर खुली बहस की चुनौती दी। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी की ओर से जहाँ भी बहस का मंच तय होगा, वहाँ बहस होगी।
राउत ने अमिताभ बच्चन का ज़िक्र क्यों किया?
राउत ने कहा कि अमिताभ बच्चन बुलेटप्रूफ सुरक्षा में जी रहे हैं और पूरा हिंदी फिल्म जगत दहशत में है। उन्होंने टाइगर श्रॉफ पर कथित गोलीबारी और बाबा सिद्दीकी की हत्या का हवाला देते हुए कानून-व्यवस्था पर सरकार को कटघरे में खड़ा किया।
दीया मिर्जा और BMC विवाद क्या है?
अभिनेत्री दीया मिर्जा ने पटाखों को लेकर पर्यावरण संबंधी चिंताएँ जताई थीं, जिस पर न्यायालय ने भी कहा था कि उनकी बात गलत नहीं है। राउत का आरोप है कि BMC में भाजपा के नेता इस न्यायालय आदेश की बार-बार अवहेलना कर रहे हैं।
राउत की BMC को जेल की चेतावनी क्या संदर्भ में थी?
राउत ने कहा कि अगर BMC के भाजपा नेता न्यायालय के आदेश का पालन नहीं करेंगे, तो न्यायालय की अवमानना होगी और उन्हें जेल जाना पड़ सकता है। यह एक राजनीतिक चेतावनी थी, न कि कोई न्यायिक आदेश।
यह बयान महाराष्ट्र की राजनीति में क्यों अहम है?
यह बयान ऐसे समय में आया है जब महाराष्ट्र में चुनावी सरगर्मी तेज़ है और MVA — जिसमें शिवसेना (यूबीटी), कांग्रेस और NCP (शरद पवार गुट) शामिल हैं — BJP-शिंदे गठबंधन के खिलाफ सक्रिय अभियान चला रही है। राउत MVA के प्रमुख प्रवक्ता हैं और उनके बयान सीधे विपक्षी चुनावी एजेंडे को धार देते हैं।
राष्ट्र प्रेस
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