4 नवंबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

राहुल गांधी में PM मोदी से बहस की क्षमता नहीं, पहले मुझसे डिबेट करें: ओम प्रकाश राजभर

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
राहुल गांधी में PM मोदी से बहस की क्षमता नहीं, पहले मुझसे डिबेट करें: ओम प्रकाश राजभर

सारांश

UP के कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने राहुल गांधी की PM मोदी को बहस की चुनौती को सिरे से खारिज करते हुए कहा — पहले मुझसे निपटो। उन्होंने राहुल पर संवैधानिक संस्थाओं का अनादर, देश-विरोधी बयानबाज़ी और बिना सबूत के आरोप लगाने का आरोप भी जड़ा।

मुख्य बातें

ओम प्रकाश राजभर ने अंबेडकर नगर में कहा कि राहुल गांधी में PM मोदी के सामने डिबेट करने की क्षमता नहीं है।
राजभर ने राहुल गांधी को कांग्रेस के 60 वर्षों के शासन पर किसी भी मुद्दे पर बहस की खुली चुनौती दी।
केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह के बाद अब राजभर भी राहुल गांधी से पहले खुद से बहस की माँग कर रहे हैं।
राजभर ने चुनाव आयोग पर राहुल गांधी के बयानों को भ्रामक बताते हुए संवैधानिक प्रक्रिया की दुहाई दी।
राहुल गांधी के विदेशी फंडिंग के आरोपों पर राजभर ने सबूत पेश करने की माँग की, वी.पी.
सिंह के बोफोर्स प्रकरण का हवाला दिया।

उत्तर प्रदेश के कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने अंबेडकर नगर में बयान देते हुए कांग्रेस सांसद राहुल गांधी पर सीधा हमला बोला और कहा कि उनमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सामने बैठकर खुली बहस करने की न तो क्षमता है और न ही आत्मविश्वास। राजभर ने राहुल गांधी को चुनौती दी कि यदि उन्हें बहस में इतनी रुचि है तो वे पहले उनके साथ किसी भी मुद्दे पर आमने-सामने चर्चा करें।

राजभर की सीधी चुनौती

राजभर ने कहा कि कांग्रेस के 60 वर्षों के शासनकाल से जुड़े किसी भी विषय पर वे राहुल गांधी के साथ बहस के लिए तैयार हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी देश के खिलाफ बोलने को आदत बना चुके हैं और उन्हें कई महत्वपूर्ण विषयों का व्यावहारिक अनुभव नहीं है। राजभर के अनुसार, राहुल गांधी जानबूझकर संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठाकर अनावश्यक विवाद खड़ा कर रहे हैं।

चुनाव आयोग विवाद पर राजभर का तर्क

राजभर ने चुनाव आयोग और चुनाव आयुक्तों को हटाने की संवैधानिक प्रक्रिया का उल्लेख करते हुए स्पष्ट किया कि इसके लिए लोकसभा और राज्यसभा में बहुमत के साथ-साथ राष्ट्रपति की भी मंजूरी अनिवार्य होती है। उनका कहना था कि विपक्षी नेता इस तथ्य को जानते हुए भी भ्रम फैला रहे हैं, क्योंकि उनके पास जनता के बीच जाने का साहस नहीं है। राजभर ने पौराणिक संदर्भ देते हुए कहा कि मोदी के सामने आने पर राहुल गांधी का आधा बल वैसे ही खत्म हो जाएगा, जैसे सुग्रीव और बाली की लड़ाई में बाली के सामने जाने वाले का।

गिरिराज सिंह की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया

केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह पहले ही कह चुके थे कि राहुल गांधी पहले उनसे बहस कर लें। इस पर राजभर ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) के पास एक से बढ़कर एक अनुभवी और विद्वान नेता हैं, जिनसे निपटे बिना राहुल गांधी प्रधानमंत्री तक पहुँचने का सपना भी नहीं देख सकते।

विदेशी फंडिंग और वीपी सिंह का संदर्भ

राजभर ने राहुल गांधी के विदेशी फंडिंग संबंधी आरोपों पर सवाल उठाते हुए पूछा कि उन्हें यह जानकारी किस आधार पर मिली कि पैसा चेक के ज़रिए आया या नकद के रूप में। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय वी.पी. सिंह का उदाहरण देते हुए कहा कि वी.पी. सिंह बोफोर्स के सबूत लेकर निकले, प्रधानमंत्री भी बने, परंतु दुनिया छोड़ने तक संबंधित दस्तावेज़ सार्वजनिक नहीं कर सके। राजभर ने माँग की कि यदि राहुल गांधी के पास विदेशी फंडिंग के ठोस प्रमाण हैं तो वे उन्हें सार्वजनिक रूप से प्रस्तुत करें।

समाजवादी पार्टी पर भी निशाना

समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव पर भी राजभर ने परोक्ष रूप से निशाना साधा। उन्होंने संकेत दिया कि विपक्षी दलों का यह रुख ठोस नीतिगत बहस से बचने की रणनीति मात्र है। आगे देखना होगा कि राहुल गांधी इस चुनौती पर क्या प्रतिक्रिया देते हैं और क्या वे बहस के लिए कोई ठोस मंच तय करते हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

उतना ही यह मुद्दा बिखरेगा और मूल प्रश्न — क्या PM मोदी खुली बहस के लिए तैयार हैं — गौण हो जाएगा। राजभर का वी.पी. सिंह वाला संदर्भ दिलचस्प है, लेकिन विदेशी फंडिंग के आरोपों पर 'सबूत दिखाओ' की माँग तब तक अधूरी है जब तक सरकार स्वयं इस जाँच को स्वतंत्र एजेंसी के हवाले नहीं करती। असली बहस शायद इस पर होनी चाहिए।
RashtraPress
4 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ओम प्रकाश राजभर ने राहुल गांधी को क्या चुनौती दी?
राजभर ने कहा कि राहुल गांधी में PM मोदी के सामने डिबेट करने की क्षमता नहीं है और उन्हें पहले राजभर के साथ कांग्रेस के 60 साल के शासनकाल पर बहस करनी चाहिए। उन्होंने यह चुनौती अंबेडकर नगर में दी।
राहुल गांधी ने PM मोदी को बहस की चुनौती क्यों दी थी?
कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने PM मोदी को खुली बहस की चुनौती दी थी, जिसके जवाब में BJP नेताओं ने पहले खुद से बहस करने की माँग की। राजभर और गिरिराज सिंह दोनों ने यह रुख अपनाया।
राजभर ने चुनाव आयोग पर क्या कहा?
राजभर ने स्पष्ट किया कि चुनाव आयुक्त को हटाने के लिए लोकसभा, राज्यसभा में बहुमत और राष्ट्रपति की मंजूरी ज़रूरी है। उन्होंने राहुल गांधी और विपक्षी नेताओं पर इस प्रक्रिया को जानते हुए भी भ्रम फैलाने का आरोप लगाया।
राजभर ने वी.पी. सिंह का उदाहरण क्यों दिया?
राजभर ने पूर्व PM वी.पी. सिंह का उदाहरण देते हुए कहा कि वे बोफोर्स के सबूत का दावा करते रहे, प्रधानमंत्री भी बने, लेकिन दस्तावेज़ कभी सार्वजनिक नहीं हुए। इसी संदर्भ में उन्होंने राहुल गांधी से विदेशी फंडिंग के आरोपों के सबूत माँगे।
इस विवाद में समाजवादी पार्टी का क्या ज़िक्र आया?
राजभर ने समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव पर भी परोक्ष निशाना साधा और संकेत दिया कि विपक्षी दलों का यह रुख असल में ठोस नीतिगत बहस से बचने की रणनीति है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 2 महीने पहले
  2. 2 महीने पहले
  3. 2 महीने पहले
  4. 3 महीने पहले
  5. 5 महीने पहले
  6. 5 महीने पहले
  7. 10 महीने पहले
  8. 1 साल पहले