राहुल गांधी में PM मोदी से बहस की क्षमता नहीं, पहले मुझसे डिबेट करें: ओम प्रकाश राजभर
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश के कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने अंबेडकर नगर में बयान देते हुए कांग्रेस सांसद राहुल गांधी पर सीधा हमला बोला और कहा कि उनमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सामने बैठकर खुली बहस करने की न तो क्षमता है और न ही आत्मविश्वास। राजभर ने राहुल गांधी को चुनौती दी कि यदि उन्हें बहस में इतनी रुचि है तो वे पहले उनके साथ किसी भी मुद्दे पर आमने-सामने चर्चा करें।
राजभर की सीधी चुनौती
राजभर ने कहा कि कांग्रेस के 60 वर्षों के शासनकाल से जुड़े किसी भी विषय पर वे राहुल गांधी के साथ बहस के लिए तैयार हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी देश के खिलाफ बोलने को आदत बना चुके हैं और उन्हें कई महत्वपूर्ण विषयों का व्यावहारिक अनुभव नहीं है। राजभर के अनुसार, राहुल गांधी जानबूझकर संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठाकर अनावश्यक विवाद खड़ा कर रहे हैं।
चुनाव आयोग विवाद पर राजभर का तर्क
राजभर ने चुनाव आयोग और चुनाव आयुक्तों को हटाने की संवैधानिक प्रक्रिया का उल्लेख करते हुए स्पष्ट किया कि इसके लिए लोकसभा और राज्यसभा में बहुमत के साथ-साथ राष्ट्रपति की भी मंजूरी अनिवार्य होती है। उनका कहना था कि विपक्षी नेता इस तथ्य को जानते हुए भी भ्रम फैला रहे हैं, क्योंकि उनके पास जनता के बीच जाने का साहस नहीं है। राजभर ने पौराणिक संदर्भ देते हुए कहा कि मोदी के सामने आने पर राहुल गांधी का आधा बल वैसे ही खत्म हो जाएगा, जैसे सुग्रीव और बाली की लड़ाई में बाली के सामने जाने वाले का।
गिरिराज सिंह की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया
केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह पहले ही कह चुके थे कि राहुल गांधी पहले उनसे बहस कर लें। इस पर राजभर ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) के पास एक से बढ़कर एक अनुभवी और विद्वान नेता हैं, जिनसे निपटे बिना राहुल गांधी प्रधानमंत्री तक पहुँचने का सपना भी नहीं देख सकते।
विदेशी फंडिंग और वीपी सिंह का संदर्भ
राजभर ने राहुल गांधी के विदेशी फंडिंग संबंधी आरोपों पर सवाल उठाते हुए पूछा कि उन्हें यह जानकारी किस आधार पर मिली कि पैसा चेक के ज़रिए आया या नकद के रूप में। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय वी.पी. सिंह का उदाहरण देते हुए कहा कि वी.पी. सिंह बोफोर्स के सबूत लेकर निकले, प्रधानमंत्री भी बने, परंतु दुनिया छोड़ने तक संबंधित दस्तावेज़ सार्वजनिक नहीं कर सके। राजभर ने माँग की कि यदि राहुल गांधी के पास विदेशी फंडिंग के ठोस प्रमाण हैं तो वे उन्हें सार्वजनिक रूप से प्रस्तुत करें।
समाजवादी पार्टी पर भी निशाना
समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव पर भी राजभर ने परोक्ष रूप से निशाना साधा। उन्होंने संकेत दिया कि विपक्षी दलों का यह रुख ठोस नीतिगत बहस से बचने की रणनीति मात्र है। आगे देखना होगा कि राहुल गांधी इस चुनौती पर क्या प्रतिक्रिया देते हैं और क्या वे बहस के लिए कोई ठोस मंच तय करते हैं।