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ओपी राजभर का राहुल गांधी पर तीखा वार: 'मुसलमान को बनाओ कांग्रेस अध्यक्ष, तब मानूंगा मसीहा'

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ओपी राजभर का राहुल गांधी पर तीखा वार: 'मुसलमान को बनाओ कांग्रेस अध्यक्ष, तब मानूंगा मसीहा'

सारांश

ओपी राजभर ने राहुल गांधी की 'मुसलमान-हितैषी' छवि को सीधे चुनौती दी — 'पहले किसी मुसलमान को कांग्रेस अध्यक्ष बनाओ।' केरल से यूपी तक सवाल, 'वंदे मातरम' पर कड़ा रुख और सुभासपा में 250 नई सदस्यताओं का दावा — राजभर का यह हमला यूपी की सियासत में नई बहस छेड़ता है।

मुख्य बातें

ओमप्रकाश राजभर ने 24 मई 2026 को लखनऊ में राहुल गांधी को चुनौती दी कि वे किसी मुसलमान को कांग्रेस का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाएँ।
राजभर ने सवाल किया कि केरल और यूपी में कांग्रेस गठबंधन की सरकार आने पर क्या किसी मुसलमान को मुख्यमंत्री बनाया जाएगा।
केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल के राहुल गांधी पर हिंसा भड़काने के आरोप को राजभर ने सही ठहराया; बहराइच और संभल का हवाला दिया।
पश्चिम बंगाल के मदरसों में 'वंदे मातरम' अनिवार्य करने के फैसले का राजभर ने समर्थन किया, इसे उत्तर प्रदेश में भी लागू करने की बात कही।
राजभर के दावे के अनुसार सुभासपा में सपा से 150 , बसपा से 98 और अन्य दलों से भी सदस्य शामिल हुए; एक रविवार को 250 नई सदस्यताएँ।

उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री एवं सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के प्रमुख ओमप्रकाश राजभर ने 24 मई 2026 को लखनऊ में कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर कड़ा प्रहार किया। राहुल गांधी के अल्पसंख्यक वोटों पर फोकस और मुसलमानों के हितों की बात करने के बयान पर राजभर ने सीधी चुनौती देते हुए कहा कि यदि वे सच में मुसलमानों के हितैषी हैं, तो पहले किसी मुसलमान को कांग्रेस का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाएँ।

राजभर की सीधी चुनौती

राजभर ने कहा, 'राहुल गांधी अगर मुसलमानों के मसीहा बनना चाहते हैं तो किसी मुसलमान के बेटे को अपनी पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष बना दें, तब मैं उन्हें मानूंगा।' उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि जब केरल में कांग्रेस के नेतृत्व वाले गठबंधन की सरकार बनी, तो क्या वहाँ किसी मुसलमान को मुख्यमंत्री बनाया गया? राजभर ने कहा, 'अगर यूपी में उनके गठबंधन की सरकार बनती है तो क्या वे किसी मुसलमान को मुख्यमंत्री घोषित करेंगे, या सिर्फ बोल रहे हैं?'

अल्पसंख्यक परिभाषा पर सवाल

राजभर ने यह भी रेखांकित किया कि अल्पसंख्यक समुदाय में केवल मुसलमान नहीं, बल्कि सिख, ईसाई, पारसी और जैन भी शामिल हैं। उन्होंने सवाल किया कि राहुल गांधी बार-बार केवल मुसलमानों की ही बात क्यों करते हैं। आलोचकों का कहना है कि यह बयान कांग्रेस की अल्पसंख्यक राजनीति को लेकर व्यापक बहस को फिर से हवा देता है।

गोयल के आरोपों पर समर्थन

केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल द्वारा राहुल गांधी पर देश में हिंसा फैलाने का आरोप लगाए जाने को राजभर ने उचित ठहराया। उन्होंने कहा, 'बहराइच और संभल में दंगा कराने की कोशिश की गई, लेकिन सफल नहीं हुए। राहुल गांधी और अखिलेश यादव के नेता हिंदू-मुसलमान को लड़ाने की राजनीति करते हैं।' गौरतलब है कि ये आरोप राजभर की ओर से लगाए गए हैं और संबंधित पक्षों ने इन्हें अस्वीकार किया है।

'वंदे मातरम' पर कड़ा रुख

पश्चिम बंगाल में मदरसों में 'वंदे मातरम' को अनिवार्य किए जाने के फैसले पर राजभर ने पूर्ण समर्थन जताया। उन्होंने कहा, 'भारत में रहना है तो वंदे मातरम कहना ही होगा। यह व्यवस्था पूरे देश में लागू होनी चाहिए — सिर्फ बंगाल नहीं, उत्तर प्रदेश में भी।' यह बयान राष्ट्रीय प्रतीकों और धार्मिक अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर जारी बहस के बीच आया है।

सुभासपा में बड़े पैमाने पर शामिल

राजभर ने दावा किया कि विभिन्न दलों से बड़ी संख्या में नेता और कार्यकर्ता सुभासपा में शामिल हो रहे हैं। उनके अनुसार, समाजवादी पार्टी से 150, बहुजन समाज पार्टी से 98, तथा आम आदमी पार्टी और कांग्रेस से भी लोग पार्टी में आए हैं। उन्होंने बताया कि एक रविवार को अकेले 250 लोगों ने पार्टी की सदस्यता ग्रहण की। यह दावा राजभर की ओर से किया गया है और इसकी स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध नहीं है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि उस राजनीतिक दरार को उजागर करता है जो भाजपा के सहयोगी दलों और विपक्ष के बीच अल्पसंख्यक प्रतिनिधित्व के सवाल पर बढ़ती जा रही है। कांग्रेस पर 'प्रतीकात्मक राजनीति' का आरोप नया नहीं है, लेकिन जब यह आरोप एक पिछड़े समुदाय के नेता की ओर से आता है जो खुद एनडीए का हिस्सा है, तो इसका राजनीतिक वज़न अलग होता है। सवाल यह है कि क्या राजभर की यह आक्रामकता यूपी में अपनी पार्टी की ज़मीन मज़बूत करने की रणनीति है — या फिर 2027 विधानसभा चुनाव से पहले गठबंधन में अपनी मोलभाव की शक्ति बढ़ाने का प्रयास। मुख्यधारा की कवरेज जो अक्सर चूकती है, वह यह है कि राजभर के दावे — चाहे सदस्यता के हों या सांप्रदायिक हिंसा के — अधिकांश मामलों में स्वतंत्र सत्यापन के बिना प्रसारित होते हैं।
RashtraPress
9 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ओपी राजभर ने राहुल गांधी को क्या चुनौती दी?
राजभर ने कहा कि यदि राहुल गांधी सच में मुसलमानों के हितैषी हैं, तो किसी मुसलमान को कांग्रेस का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाएँ। उन्होंने केरल और यूपी में मुस्लिम मुख्यमंत्री का सवाल भी उठाया।
राजभर ने 'वंदे मातरम' पर क्या कहा?
राजभर ने पश्चिम बंगाल के मदरसों में 'वंदे मातरम' अनिवार्य करने के फैसले का पूर्ण समर्थन किया और कहा कि यह व्यवस्था उत्तर प्रदेश सहित पूरे देश में लागू होनी चाहिए।
सुभासपा में किन दलों से कितने लोग शामिल हुए?
राजभर के दावे के अनुसार समाजवादी पार्टी से 150, बहुजन समाज पार्टी से 98 और आम आदमी पार्टी व कांग्रेस से भी लोग सुभासपा में शामिल हुए हैं। एक रविवार को 250 लोगों ने एक साथ सदस्यता ली। यह दावा राजभर की ओर से है, स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध नहीं है।
राजभर ने पीयूष गोयल के किस बयान का समर्थन किया?
केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने राहुल गांधी पर देश में हिंसा फैलाने का आरोप लगाया था, जिसे राजभर ने सही ठहराया। उन्होंने बहराइच और संभल की घटनाओं का हवाला देते हुए कांग्रेस और सपा पर हिंदू-मुस्लिम को लड़ाने की राजनीति का आरोप लगाया।
ओपी राजभर कौन हैं और उनकी पार्टी क्या है?
ओमप्रकाश राजभर सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के प्रमुख और उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री हैं। उनकी पार्टी एनडीए गठबंधन का हिस्सा है और मुख्यतः पूर्वांचल के राजभर समुदाय में प्रभाव रखती है।
राष्ट्र प्रेस
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