ओपी राजभर का राहुल गांधी पर तीखा वार: 'मुसलमान को बनाओ कांग्रेस अध्यक्ष, तब मानूंगा मसीहा'
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री एवं सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के प्रमुख ओमप्रकाश राजभर ने 24 मई 2026 को लखनऊ में कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर कड़ा प्रहार किया। राहुल गांधी के अल्पसंख्यक वोटों पर फोकस और मुसलमानों के हितों की बात करने के बयान पर राजभर ने सीधी चुनौती देते हुए कहा कि यदि वे सच में मुसलमानों के हितैषी हैं, तो पहले किसी मुसलमान को कांग्रेस का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाएँ।
राजभर की सीधी चुनौती
राजभर ने कहा, 'राहुल गांधी अगर मुसलमानों के मसीहा बनना चाहते हैं तो किसी मुसलमान के बेटे को अपनी पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष बना दें, तब मैं उन्हें मानूंगा।' उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि जब केरल में कांग्रेस के नेतृत्व वाले गठबंधन की सरकार बनी, तो क्या वहाँ किसी मुसलमान को मुख्यमंत्री बनाया गया? राजभर ने कहा, 'अगर यूपी में उनके गठबंधन की सरकार बनती है तो क्या वे किसी मुसलमान को मुख्यमंत्री घोषित करेंगे, या सिर्फ बोल रहे हैं?'
अल्पसंख्यक परिभाषा पर सवाल
राजभर ने यह भी रेखांकित किया कि अल्पसंख्यक समुदाय में केवल मुसलमान नहीं, बल्कि सिख, ईसाई, पारसी और जैन भी शामिल हैं। उन्होंने सवाल किया कि राहुल गांधी बार-बार केवल मुसलमानों की ही बात क्यों करते हैं। आलोचकों का कहना है कि यह बयान कांग्रेस की अल्पसंख्यक राजनीति को लेकर व्यापक बहस को फिर से हवा देता है।
गोयल के आरोपों पर समर्थन
केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल द्वारा राहुल गांधी पर देश में हिंसा फैलाने का आरोप लगाए जाने को राजभर ने उचित ठहराया। उन्होंने कहा, 'बहराइच और संभल में दंगा कराने की कोशिश की गई, लेकिन सफल नहीं हुए। राहुल गांधी और अखिलेश यादव के नेता हिंदू-मुसलमान को लड़ाने की राजनीति करते हैं।' गौरतलब है कि ये आरोप राजभर की ओर से लगाए गए हैं और संबंधित पक्षों ने इन्हें अस्वीकार किया है।
'वंदे मातरम' पर कड़ा रुख
पश्चिम बंगाल में मदरसों में 'वंदे मातरम' को अनिवार्य किए जाने के फैसले पर राजभर ने पूर्ण समर्थन जताया। उन्होंने कहा, 'भारत में रहना है तो वंदे मातरम कहना ही होगा। यह व्यवस्था पूरे देश में लागू होनी चाहिए — सिर्फ बंगाल नहीं, उत्तर प्रदेश में भी।' यह बयान राष्ट्रीय प्रतीकों और धार्मिक अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर जारी बहस के बीच आया है।
सुभासपा में बड़े पैमाने पर शामिल
राजभर ने दावा किया कि विभिन्न दलों से बड़ी संख्या में नेता और कार्यकर्ता सुभासपा में शामिल हो रहे हैं। उनके अनुसार, समाजवादी पार्टी से 150, बहुजन समाज पार्टी से 98, तथा आम आदमी पार्टी और कांग्रेस से भी लोग पार्टी में आए हैं। उन्होंने बताया कि एक रविवार को अकेले 250 लोगों ने पार्टी की सदस्यता ग्रहण की। यह दावा राजभर की ओर से किया गया है और इसकी स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध नहीं है।