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ऑस्ट्रेलियनसुपर का NIIF में ₹500 मिलियन AUD का नया निवेश, मोदी ने मेलबर्न में किया स्वागत

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ऑस्ट्रेलियनसुपर का NIIF में ₹500 मिलियन AUD का नया निवेश, मोदी ने मेलबर्न में किया स्वागत

सारांश

ऑस्ट्रेलिया के सबसे बड़े पेंशन फंड ऑस्ट्रेलियनसुपर ने NIIF में 500 मिलियन AUD का नया दांव लगाया है — 2019 के 240 मिलियन AUD के शुरुआती निवेश के बाद यह दूसरी बड़ी प्रतिबद्धता है। भारत में उसकी कुल होल्डिंग अब 3.3 बिलियन AUD पर पहुँच गई है, जो वैश्विक संस्थागत पूंजी के लिए भारत की बढ़ती आकर्षण-शक्ति को रेखांकित करती है।

मुख्य बातें

ऑस्ट्रेलियनसुपर ने भारत के NIIF में 500 मिलियन ऑस्ट्रेलियाई डॉलर का अतिरिक्त निवेश किया।
इस निवेश के बाद भारत में ऑस्ट्रेलियनसुपर की कुल होल्डिंग 3.3 बिलियन ऑस्ट्रेलियाई डॉलर हो गई।
यह घोषणा 9 जुलाई को मेलबर्न में ऑस्ट्रेलिया-भारत वार्षिक लीडर्स समिट के दौरान हुई।
2019 में किए गए शुरुआती 240 मिलियन AUD के निवेश को फंड ने अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाला इंफ्रास्ट्रक्चर निवेश बताया।
NIIF की स्थापना 2015 में भारत सरकार ने इंफ्रास्ट्रक्चर में दीर्घकालिक पूंजी आकर्षित करने के लिए की थी।
चीफ इन्वेस्टमेंट ऑफिसर शॉन मैनुअल ने नीतिगत स्थिरता और मजबूत आर्थिक बुनियाद को निवेश की प्रमुख वजह बताया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 9 जुलाई को मेलबर्न में आयोजित ऑस्ट्रेलिया-भारत वार्षिक लीडर्स समिट के दौरान ऑस्ट्रेलियनसुपर द्वारा भारत के नेशनल इन्वेस्टमेंट एंड इंफ्रास्ट्रक्चर फंड (NIIF) में किए गए 500 मिलियन ऑस्ट्रेलियाई डॉलर के अतिरिक्त निवेश का स्वागत किया। ऑस्ट्रेलिया के सबसे बड़े पेंशन फंड की यह प्रतिबद्धता भारत में उसकी कुल होल्डिंग को 3.3 बिलियन ऑस्ट्रेलियाई डॉलर तक ले जाती है।

मोदी की प्रतिक्रिया और एक्स पर संदेश

प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, 'भारत, ऑस्ट्रेलियनसुपर के 500 मिलियन ऑस्ट्रेलियाई डॉलर के निवेश का स्वागत करता है, जिसकी घोषणा आज सुबह मेलबर्न में उनके चीफ एग्जीक्यूटिव पॉल श्रोडर ने की। यह भारत की ग्रोथ और रिफॉर्म की राह में दुनिया के भरोसे की एक और झलक है। यह उन बड़े मौकों को भी दिखाता है जो हमारी तेजी से बदलती अर्थव्यवस्था दुनिया के निवेशकों को देती है।'

मोदी ने यह भी कहा कि यह कदम भारत की विकास गाथा में वैश्विक विश्वास का प्रतीक है। यह घोषणा ऐसे समय में आई है जब भारत वैश्विक निवेशकों के लिए एक प्रमुख गंतव्य के रूप में उभर रहा है।

2019 से जारी है साझेदारी

यह नई प्रतिबद्धता 2019 में NIIF में ऑस्ट्रेलियनसुपर के शुरुआती 240 मिलियन ऑस्ट्रेलियाई डॉलर के निवेश के बाद आई है। फंड ने इस शुरुआती निवेश को अपने सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले इंफ्रास्ट्रक्चर निवेशों में से एक बताया है। गौरतलब है कि NIIF की स्थापना 2015 में भारत सरकार ने देश के इंफ्रास्ट्रक्चर क्षेत्र में दीर्घकालिक संस्थागत पूंजी आकर्षित करने के उद्देश्य से की थी।

ऑस्ट्रेलियनसुपर के निवेश अधिकारी की राय

ऑस्ट्रेलियनसुपर के चीफ इन्वेस्टमेंट ऑफिसर शॉन मैनुअल ने कहा, 'NIIF में ऑस्ट्रेलियनसुपर का निवेश हमारी सबसे सफल साझेदारी में से एक रहा है और इसीलिए हम सदस्यों के लिए रिटर्न बढ़ाने में मदद करने के लिए फिर से निवेश करने को लेकर उत्साहित हैं।'

मैनुअल ने आगे कहा, 'NIIF के साथ हमारा अनुभव दिखाता है कि जब दीर्घकालिक पूंजी को दूरदर्शी नीति, भरोसेमंद संस्थाओं और मजबूत साझेदारी के साथ जोड़ा जाता है, तो क्या हासिल किया जा सकता है।' उन्होंने नीतिगत स्थिरता को निवेश के पीछे की एक अहम वजह बताया।

भारत में ऑस्ट्रेलियनसुपर की कुल उपस्थिति

वर्तमान में ऑस्ट्रेलियनसुपर भारत में इंफ्रास्ट्रक्चर, इक्विटी और प्राइवेट मार्केट में लगभग 2.8 बिलियन ऑस्ट्रेलियाई डॉलर का निवेश कर चुका है। नए 500 मिलियन ऑस्ट्रेलियाई डॉलर के कमिटमेंट के बाद यह आँकड़ा 3.3 बिलियन ऑस्ट्रेलियाई डॉलर पर पहुँच गया है। मैनुअल के अनुसार, भारत की मजबूत आर्थिक वृद्धि और बढ़ता मध्यम वर्ग इसे निवेश के लिए आकर्षक बनाते हैं।

आगे की राह

यह निवेश भारत-ऑस्ट्रेलिया आर्थिक संबंधों को और गहरा करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के दीर्घकालिक संस्थागत निवेश भारत के इंफ्रास्ट्रक्चर विकास को गति देने में सहायक होंगे और अन्य वैश्विक पेंशन फंडों के लिए एक उदाहरण प्रस्तुत कर सकते हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

असली प्रश्न यह है कि NIIF के माध्यम से आने वाली यह पूंजी जमीनी इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं में कितनी प्रभावी रूप से तब्दील होती है। भारत में विदेशी संस्थागत निवेश के आँकड़े प्रभावशाली दिखते हैं, लेकिन क्रियान्वयन की गति और परियोजनाओं की पारदर्शिता पर नज़र रखना ज़रूरी है। यदि यह साझेदारी मॉडल सफल रही, तो यह अन्य वैश्विक पेंशन फंडों को भारत की ओर आकर्षित करने की मिसाल बन सकती है।
RashtraPress
9 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ऑस्ट्रेलियनसुपर ने NIIF में कितना निवेश किया है?
ऑस्ट्रेलियनसुपर ने NIIF में 500 मिलियन ऑस्ट्रेलियाई डॉलर का नया निवेश किया है, जो 2019 के 240 मिलियन AUD के शुरुआती निवेश के बाद दूसरी बड़ी प्रतिबद्धता है। इससे भारत में उसकी कुल होल्डिंग 3.3 बिलियन ऑस्ट्रेलियाई डॉलर पर पहुँच गई है।
NIIF क्या है और इसकी स्थापना कब हुई?
नेशनल इन्वेस्टमेंट एंड इंफ्रास्ट्रक्चर फंड (NIIF) की स्थापना 2015 में भारत सरकार ने देश के इंफ्रास्ट्रक्चर क्षेत्र में दीर्घकालिक संस्थागत पूंजी आकर्षित करने के उद्देश्य से की थी। यह फंड सड़क, बंदरगाह, ऊर्जा और अन्य बुनियादी ढाँचा परियोजनाओं में निवेश करता है।
यह निवेश किस अवसर पर घोषित हुआ?
यह घोषणा 9 जुलाई को मेलबर्न में आयोजित ऑस्ट्रेलिया-भारत वार्षिक लीडर्स समिट के दौरान हुई। ऑस्ट्रेलियनसुपर के चीफ एग्जीक्यूटिव पॉल श्रोडर ने इसकी औपचारिक घोषणा की।
ऑस्ट्रेलियनसुपर ने दोबारा निवेश क्यों किया?
चीफ इन्वेस्टमेंट ऑफिसर शॉन मैनुअल के अनुसार, 2019 का शुरुआती निवेश फंड के सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले इंफ्रास्ट्रक्चर निवेशों में से एक रहा। भारत की मजबूत आर्थिक वृद्धि, बढ़ता मध्यम वर्ग और नीतिगत स्थिरता को दोबारा निवेश की प्रमुख वजह बताया गया।
PM मोदी ने इस निवेश पर क्या कहा?
प्रधानमंत्री मोदी ने एक्स पर लिखा कि यह निवेश भारत की ग्रोथ और रिफॉर्म की राह में वैश्विक भरोसे की झलक है। उन्होंने कहा कि यह भारत की तेजी से बदलती अर्थव्यवस्था द्वारा वैश्विक निवेशकों को दिए जा रहे बड़े अवसरों को भी दर्शाता है।
राष्ट्र प्रेस
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