भारत जी20 में विकास दर में सबसे आगे, ऑस्ट्रेलियाई उद्योग जगत ने सराहा सुधारों का असर
सारांश
मुख्य बातें
ऑस्ट्रेलिया के शीर्ष उद्योग नेताओं ने 9 जुलाई को मेलबर्न में भारत की आर्थिक प्रगति की जमकर सराहना करते हुए कहा कि सुधारों की बदौलत भारत आज जी20 देशों में सर्वाधिक विकास दर वाला देश बन चुका है। पिछले पाँच वर्षों में भारत की औसत वार्षिक वृद्धि दर लगभग 8 प्रतिशत रही है, जो किसी भी अन्य जी20 अर्थव्यवस्था से अधिक है।
उद्योग नेताओं की प्रतिक्रिया
एएनजेड बैंक के मुख्य कार्यकारी अधिकारी नुनो माटोस ने कहा, "इस समय भारत एक बहुत मजबूत देश है। भारत ने कई सुधार किए हैं और देश बहुत अच्छा प्रदर्शन कर रहा है।" उन्होंने आगे कहा कि टेक्नोलॉजी, रिन्यूएबल एनर्जी और इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) जैसे क्षेत्रों में भारत की तेज़ी से हो रही तैयारी ने दुनिया का ध्यान खींचा है।
माटोस ने स्पष्ट किया कि जी20 देशों में विकास के मामले में भारत का शीर्ष पर होना "एक ऐसी सच्चाई है जिसे रोका नहीं जा सकता।" उनके अनुसार भारत अब दुनिया के सबसे शक्तिशाली देशों में शामिल हो चुका है।
निवेशकों के विश्वास पर विशेषज्ञों की राय
ऑस्ट्रेलियनसुपर के मुख्य कार्यकारी अधिकारी पॉल श्रोडर ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दीर्घकालिक सोच और व्यापार एवं निवेश के प्रति उनकी गहरी समझ ने भारत में वैश्विक निवेशकों का भरोसा मजबूत किया है। श्रोडर ने बताया कि वे पहले भी प्रधानमंत्री मोदी से मिल चुके हैं।
श्रोडर ने कहा, "उन्होंने हमेशा मुझे भरोसा दिलाया है कि वे बिजनेस और निवेश को समझते हैं। वे भारत की समृद्धि के बारे में लंबे समय की सोच रखते हैं और यह पक्का करते हैं कि निवेशकों को स्थिर नीतियाँ और भविष्य के लिए अनुकूल माहौल मिले।"
ऑस्ट्रेलिया-भारत संबंध और खेल कूटनीति
वैश्विक डिज़ाइन एवं निर्माण फर्म पॉपुलस के सीनियर प्रिंसिपल, ग्लोबल डायरेक्टर और को-फाउंडर पॉल हेनरी ने ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री अल्बानीज के साथ आयोजित कार्यक्रम में प्रधानमंत्री मोदी की सक्रिय भागीदारी को ऑस्ट्रेलिया-भारत संबंधों के लिए "बहुत अच्छा संकेत" बताया।
हेनरी ने विशेष रूप से 2036 के संभावित ओलंपिक और 2030 के कॉमनवेल्थ गेम्स के लिए अहमदाबाद को प्रधानमंत्री मोदी के समर्थन का उल्लेख किया। उन्होंने कहा, "इससे पता चलता है कि भारत में इस समय कैसी भविष्य की सोच है और हम आगे चलकर जबरदस्त ग्रोथ देख सकते हैं।"
क्या होगा आगे
ऑस्ट्रेलियाई उद्योग जगत का यह उत्साह ऐसे समय में आया है जब भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच व्यापार एवं निवेश संबंध नई ऊँचाइयों को छू रहे हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, रिन्यूएबल एनर्जी, इन्फ्रास्ट्रक्चर और खेल क्षेत्र में द्विपक्षीय सहयोग आने वाले वर्षों में और गहरा होने की संभावना है।