कांग्रेस ने 60 साल दलित, मुस्लिम और गरीबों को नजरअंदाज किया: ओपी राजभर का तीखा हमला
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री एवं सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर ने 26 मई 2025 को लखनऊ में विपक्षी दलों पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने अपने 60 वर्षों के शासनकाल में दलितों, मुसलमानों, पिछड़े वर्गों और गरीबों की पूरी तरह अनदेखी की।
कांग्रेस पर सीधा आरोप
राजभर ने कहा, 'कांग्रेस सत्ता के मद में पागल थी और उसे दलित, मुसलमान, पिछड़ा और न ही कोई गरीब दिखाई दे रहा था। 60 साल शासन के बाद भी कांग्रेस उन लोगों की कोई मदद नहीं कर पाई, जिसका उसे खामियाजा भुगतना पड़ रहा है।' उनके अनुसार यही कारण है कि आज कांग्रेस राजनीतिक हाशिये पर है।
गठबंधन की राजनीति पर टिप्पणी
राजभर ने स्वीकार किया कि गठबंधन की राजनीति में कांग्रेस को फायदा मिलता है। उन्होंने कहा, 'अगर गठबंधन की राजनीति होगी तो यह साफ है कि इससे कांग्रेस को लाभ मिला। लोकसभा और विधानसभा चुनाव में यह देखने को भी मिला। अगर कांग्रेस गठबंधन में लड़ती है तो उसे लाभ होगा।' यह टिप्पणी उन्होंने कांग्रेस की अपनी ताकत और गठबंधन-निर्भरता के अंतर को रेखांकित करते हुए की।
समाजवादी पार्टी पर कटाक्ष
प्रदेश की प्रमुख विपक्षी पार्टी समाजवादी पार्टी (सपा) पर निशाना साधते हुए राजभर ने कहा कि सपा ने 400 सीटें जीतने का लक्ष्य तो रखा है, लेकिन जमीनी हकीकत अलग है। उन्होंने बाराबंकी में एक राजभर युवक की कथित हत्या और यादव समाज द्वारा प्रजापति समाज के युवक की जमीन पर कब्जे का उल्लेख करते हुए सपा पर कानून-व्यवस्था की विफलता का आरोप लगाया।
विपक्ष पर नीतिगत विरोध का आरोप
राजभर ने कहा कि विपक्षी दल सरकार के हर सकारात्मक फैसले का विरोध करते हैं। उन्होंने तीन तलाक विधेयक, नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA) और अयोध्या में राम मंदिर निर्माण का उदाहरण देते हुए कहा कि विपक्ष ने इन सभी मुद्दों पर जनता को गुमराह किया। उनके अनुसार, 'CAA लागू होने के तीन साल बाद भी एक भी इंसान की नागरिकता नहीं गई।'
ईंधन मूल्य वृद्धि पर सफाई
देश में बढ़ती ईंधन कीमतों पर राजभर ने वैश्विक परिप्रेक्ष्य का हवाला दिया। उन्होंने कहा कि ईरान-अमेरिका तनाव और ईरान तथा इराक से तेल आपूर्ति पर निर्भरता के कारण वैश्विक बाजार प्रभावित हो रहे हैं और भारत भी इससे अछूता नहीं है। उन्होंने इस प्रभाव को स्वीकार करते हुए इसे अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों का परिणाम बताया। आगे देखना होगा कि इन बयानों पर विपक्षी दल क्या प्रतिक्रिया देते हैं।