शिवसेना-यूबीटी का अमित शाह से इस्तीफे की माँग, 'सामना' में बोला — महाराष्ट्र में कानून-व्यवस्था ध्वस्त
सारांश
मुख्य बातें
शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) ने 4 नवंबर 2026 को केंद्र और महाराष्ट्र सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के इस्तीफे की माँग की। पार्टी के मुखपत्र 'सामना' में प्रकाशित संपादकीय में आरोप लगाया गया कि लॉरेंस बिश्नोई गैंग के नाम पर व्यापारियों, बिल्डरों, फिल्मी हस्तियों और निर्माताओं को खुलेआम धमकियाँ दी जा रही हैं — और यह स्थिति मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस व गृह मंत्री शाह की 'स्पष्ट विफलता' है।
बच्चन की तस्वीर से उठा विवाद
संपादकीय का केंद्रबिंदु अभिनेता अमिताभ बच्चन (84 वर्ष) की वह तस्वीर बनी, जिसमें वे बुलेटप्रूफ काँच के पीछे से अपने प्रशंसकों का अभिवादन करते नज़र आए। 'सामना' ने इसे 'पिंजरे में बच्चन!' शीर्षक से प्रकाशित कर सवाल उठाया कि जब देश के सबसे पहचाने जाने वाले महानायक को इस तरह सुरक्षा की ज़रूरत पड़े, तो यह मौजूदा प्रशासन के तहत सार्वजनिक सुरक्षा की पूरी तरह विफलता का प्रमाण है।
शिवसेना-यूबीटी ने कहा, बच्चन और उनके परिजन सुरक्षित महसूस नहीं कर रहे — और यह किसी एक व्यक्ति की नहीं, बल्कि पूरी व्यवस्था की नाकामी है।
बिश्नोई नेटवर्क पर सीधे आरोप
उद्धव गुट ने आरोप लगाया कि गृह मंत्रालय के एक आदेश ने राज्य पुलिस को गुजरात की साबरमती जेल में बंद लॉरेंस बिश्नोई को हिरासत में लेने से रोक दिया है। पार्टी के अनुसार, इससे इस गैंगस्टर को एक प्रकार का 'अदृश्य सुरक्षा कवच' मिल गया है, जिसके चलते उसका नेटवर्क बिना किसी डर के सक्रिय बना हुआ है।
'सामना' के संपादकीय में कहा गया — 'शाह ने मानो अपने स्वार्थ के लिए एक अदृश्य शक्ति का निर्माण किया है और उस अदृश्य शक्ति के ज़रिए देश में किसी को भी धमकियाँ दिलाई जाती हैं, किसी से भी वसूली की जाती है या गोलीबारी करके लाशें गिराई जाती हैं।' यह एक गंभीर राजनीतिक आरोप है जिसे ठाकरे गुट ने सीधे केंद्रीय गृह मंत्री के नाम से जोड़ा।
हाल की घटनाओं का हवाला
संपादकीय में अभिनेता टाइगर श्रॉफ की गाड़ी के पास हुई गोलीबारी की हालिया घटना और नागपुर में सर्राफा व्यापारियों से रंगदारी माँगने के मामलों का उल्लेख किया गया। शिवसेना-यूबीटी ने पूछा — 'एक तरफ सत्ताधारी नेता भारी पुलिस सुरक्षा के बीच बड़ी-बड़ी रैलियाँ कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ आम नागरिक, बिल्डर और फिल्मी हस्तियाँ लगातार खौफ में जी रही हैं। आखिर सरकार कितने नागरिकों को इस तरह के विशेष सुरक्षा कवच मुहैया करा सकती है?'
इस्तीफे की माँग और नैतिक प्रश्न
संपादकीय ने निष्कर्ष के तौर पर कहा कि जो प्रशासन अपने प्रमुख नागरिकों की रक्षा नहीं कर सकता और बुनियादी अपराधी नेटवर्क को खत्म नहीं कर सकता, उसने अपना नैतिक अधिकार खो दिया है। उद्धव गुट ने औपचारिक रूप से गृह मंत्री अमित शाह के इस्तीफे की माँग रखी।
गौरतलब है कि यह हमला ऐसे समय में आया है जब महाराष्ट्र में सत्तारूढ़ महायुति गठबंधन और विपक्षी महाविकास अघाड़ी के बीच राजनीतिक तनाव पहले से चरम पर है। आने वाले दिनों में केंद्र और राज्य सरकार की ओर से इन आरोपों पर प्रतिक्रिया की प्रतीक्षा है।