शगुन परिहार का आरोप: नशे पर कार्रवाई की उम्मीद बेकार, CM भगवंत मान ने तस्करों को दी खुली छूट
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) की किश्तवाड़ विधायक शगुन परिहार ने 27 सितंबर 2026 को मुकेरियां में आयोजित एक रैली में पंजाब सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि जब मुख्यमंत्री स्वयं शराब पीकर विधानसभा पहुँचते हैं, तो ऐसी स्थिति में उनसे नशे के विरुद्ध सख्त कदम उठाने की अपेक्षा करना बेमानी है।
मुख्य आरोप और रैली का संदर्भ
यह रैली BJP की 'नशा मुक्त पंजाब यात्रा' के आठवें दिन मुकेरियां में आयोजित की गई थी। परिहार ने कहा कि आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने पंजाब की जनता के साथ विश्वासघात किया है और मुख्यमंत्री भगवंत मान ने नशा तस्करों को खुली छूट दे रखी है।
उन्होंने कहा, 'पंजाब में हालात इतने खराब हो गए हैं कि इस बात की कोई गारंटी नहीं कि रात को सोने वाला व्यक्ति सुबह सुरक्षित उठेगा या घर से बाहर निकला व्यक्ति सुरक्षित लौटेगा।'
व्यक्तिगत पीड़ा से जुड़ा बयान
परिहार ने अपने पिता और चाचा की आतंकवादियों द्वारा की गई हत्या का उल्लेख करते हुए कहा कि एक समय था जब जम्मू-कश्मीर की सड़कों पर आतंकवादी खुलेआम घूमते थे और विरोध करने वालों की दिनदहाड़े हत्या कर दी जाती थी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने अनुच्छेद 370 हटाकर असंभव को संभव कर दिखाया। उन्होंने जोड़ा, 'आज कश्मीर में बदलाव और समृद्धि की चर्चा हो रही है — युवाओं के हाथों में टैबलेट और रोज़गार की बात हो रही है।'
अन्य BJP नेताओं के आरोप
वरिष्ठ BJP नेता विजय सांपला ने आरोप लगाया कि पंजाब में घर-घर नशा बेचा जा रहा है और इसकी होम डिलीवरी तक हो रही है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पंजाब सरकार के कथित संरक्षण में नशे के विरुद्ध आवाज़ उठाने वाले सरपंचों के शव मिल रहे हैं।
पठानकोट विधायक एवं BJP के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अश्विनी शर्मा ने कहा कि इस यात्रा का उद्देश्य पंजाब के युवाओं को नशे की गिरफ्त से बचाना और जनजागृति फैलाना है। मुकेरियां विधायक जंगी लाल महाजन ने दावा किया कि BJP के सत्ता में आते ही नशा तस्करों को जेल भेजा जाएगा और कहा कि 'तस्करों के पास अब केवल चार महीने का समय बचा है।'
सरकार की प्रतिक्रिया और राजनीतिक परिदृश्य
रैली के दौरान प्रधानमंत्री मोदी के 'मन की बात' कार्यक्रम को भी सुना गया। यह यात्रा ऐसे समय में आई है जब पंजाब में आगामी विधानसभा चुनावों की सरगर्मी शुरू हो चुकी है और BJP राज्य में अपनी पकड़ मज़बूत करने की कोशिश में है। AAP और भगवंत मान सरकार ने इन आरोपों पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है।
गौरतलब है कि पंजाब में नशे की समस्या वर्षों से राजनीतिक बहस का केंद्र रही है और हर राजनीतिक दल इसे चुनावी मुद्दा बनाता रहा है। BJP की यह यात्रा उसी रणनीति का हिस्सा नज़र आती है।