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केजरीवाल का BJP पर पलटवार: नशे की लड़ाई पंजाब नहीं, मुंद्रा पोर्ट से शुरू हो

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केजरीवाल का BJP पर पलटवार: नशे की लड़ाई पंजाब नहीं, मुंद्रा पोर्ट से शुरू हो

सारांश

केजरीवाल ने BJP की 'नशा मुक्त पंजाब यात्रा' को सीधी चुनौती दी — नशे की जड़ पंजाब में नहीं, मुंद्रा पोर्ट में है। यह बयान महज पलटवार नहीं, पंजाब की राजनीति में एक नई लाइन खींचने की कोशिश है, जहाँ दोनों दल एक-दूसरे पर नशे की राजनीति करने का आरोप लगा रहे हैं।

मुख्य बातें

अरविंद केजरीवाल ने 21 सितंबर 2026 को सोशल मीडिया पर BJP की 'नशा मुक्त पंजाब यात्रा' पर पलटवार किया।
केजरीवाल ने कहा — 'नशे की लड़ाई पंजाब से नहीं, मुंद्रा पोर्ट से शुरू होनी चाहिए।' BJP की यात्रा 18 सितंबर से शुरू हुई, 117 विधानसभा क्षेत्रों में करीब 4,000 किलोमीटर का सफर, समापन 30 सितंबर को जालंधर में।
पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने भी मुंद्रा पोर्ट से ड्रग्स जब्ती का मुद्दा उठाते हुए BJP से जवाब माँगा।
BJP ने पंजाब में नशे की समस्या के लिए AAP सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए हैं।

आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने 21 सितंबर 2026 को भारतीय जनता पार्टी (BJP) की 'नशा मुक्त पंजाब यात्रा' पर तीखा पलटवार करते हुए कहा कि नशे के खिलाफ लड़ाई की शुरुआत पंजाब से नहीं, बल्कि गुजरात के मुंद्रा पोर्ट से होनी चाहिए। केजरीवाल ने सोशल मीडिया पर BJP अध्यक्ष नितिन नवीन की पोस्ट को साझा कर यह बयान दिया।

केजरीवाल का बयान और आरोप

पूर्व मुख्यमंत्री केजरीवाल ने नितिन नवीन की पोस्ट को साझा करते हुए लिखा, 'नशे के खिलाफ लड़ाई की शुरुआत पंजाब से नहीं, मुंद्रा पोर्ट से होनी चाहिए। अगर आपको पंजाब की रत्ती भर भी चिंता है तो गुजरात से आने वाले नशे को रोकिए।' उन्होंने BJP पर आरोप लगाया कि पंजाब में नशे की समस्या को राजनीतिक हथियार बनाया जा रहा है, जबकि गुजरात के रास्ते कथित तौर पर आने वाली तस्करी पर चुप्पी बनाए रखी जाती है।

BJP की 'नशा मुक्त पंजाब यात्रा' क्या है

BJP ने 18 सितंबर से पंजाब में 'नशा मुक्त पंजाब यात्रा' शुरू की है। इस अभियान के अंतर्गत चार अलग-अलग यात्राएं निकाली जा रही हैं, जो राज्य के सभी 117 विधानसभा क्षेत्रों से होकर गुजरेंगी। यात्राओं का कुल प्रस्तावित सफर करीब 4,000 किलोमीटर बताया गया है और अभियान का समापन 30 सितंबर को जालंधर में प्रस्तावित है।

इसी अभियान के संदर्भ में BJP अध्यक्ष नितिन नवीन ने कहा था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें यह संदेश दिया है कि नशे के खिलाफ लड़ाई की शुरुआत पंजाब की धरती से होनी चाहिए, क्योंकि पंजाब के युवाओं और राज्य का भविष्य नशे के खतरे से प्रभावित हो रहा है।

मुंद्रा पोर्ट विवाद और AAP का रुख

यह पहली बार नहीं है जब AAP ने मुंद्रा पोर्ट का मुद्दा उठाया हो। पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने भी BJP की यात्रा पर प्रतिक्रिया देते हुए मुंद्रा पोर्ट से बड़ी मात्रा में ड्रग्स जब्त किए जाने का मुद्दा उठाया था और BJP से इस संबंध में जवाब माँगा था। AAP का तर्क है कि यदि BJP वास्तव में नशे के खिलाफ गंभीर है, तो उसे गुजरात से आने वाली कथित तस्करी को रोकने पर ध्यान देना चाहिए।

BJP का जवाब और राजनीतिक संदर्भ

BJP ने पंजाब में नशे की समस्या के लिए AAP सरकार की नीतियों और कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं। गौरतलब है कि पंजाब में अगले विधानसभा चुनाव की पृष्ठभूमि में नशे का मुद्दा दोनों दलों के लिए राजनीतिक रूप से संवेदनशील बन गया है। यह ऐसे समय में आया है जब AAP और BJP के बीच राष्ट्रीय स्तर पर टकराव पहले से ही तीव्र है।

आगे क्या

BJP की 'नशा मुक्त पंजाब यात्रा' 30 सितंबर तक जारी रहेगी और AAP की ओर से मुंद्रा पोर्ट का मुद्दा उठाए जाने के बाद राजनीतिक बयानबाजी और तेज होने की संभावना है। दोनों दलों के बीच यह आरोप-प्रत्यारोप पंजाब की राजनीति में आने वाले दिनों में और गहरा हो सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

AAP इसे गुजरात की ओर मोड़ देती है। लेकिन यह रणनीति खुद AAP के लिए भी दोधारी तलवार है, क्योंकि पंजाब में नशे की स्थिति के बारे में सवाल उठते रहे हैं। दोनों दलों का आचरण बताता है कि नशा अब एक जन-स्वास्थ्य संकट से ज़्यादा चुनावी अस्त्र बन चुका है। असली सवाल यह है कि 4,000 किलोमीटर की यात्रा या सोशल मीडिया के बयान — क्या इनमें से कोई भी पंजाब के युवाओं तक पहुँचने वाले नशे की आपूर्ति श्रृंखला को तोड़ने में सक्षम है?
RashtraPress
21 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

केजरीवाल ने मुंद्रा पोर्ट का ज़िक्र क्यों किया?
केजरीवाल ने BJP की 'नशा मुक्त पंजाब यात्रा' के जवाब में कहा कि नशे का असली स्रोत गुजरात का मुंद्रा पोर्ट है, जहाँ से कथित तौर पर बड़ी मात्रा में ड्रग्स की तस्करी होती है। उनका तर्क है कि यदि BJP वास्तव में नशे के खिलाफ है, तो उसे पहले अपने शासन वाले राज्य गुजरात से आने वाली तस्करी रोकनी चाहिए।
BJP की 'नशा मुक्त पंजाब यात्रा' क्या है?
यह BJP द्वारा 18 सितंबर 2026 से शुरू किया गया अभियान है, जिसमें पंजाब के सभी 117 विधानसभा क्षेत्रों में चार अलग-अलग यात्राएं निकाली जा रही हैं। इन यात्राओं का कुल सफर करीब 4,000 किलोमीटर है और अभियान का समापन 30 सितंबर को जालंधर में प्रस्तावित है।
हरपाल सिंह चीमा ने मुंद्रा पोर्ट पर क्या कहा?
पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने मुंद्रा पोर्ट से बड़ी मात्रा में ड्रग्स जब्त किए जाने का मुद्दा उठाते हुए BJP से इस संबंध में जवाब माँगा था। उन्होंने तर्क दिया कि BJP को पंजाब में अभियान चलाने से पहले गुजरात में तस्करी रोकने पर ध्यान देना चाहिए।
BJP ने AAP पर नशे के मुद्दे पर क्या आरोप लगाए?
BJP ने पंजाब में नशे की समस्या के लिए AAP सरकार की नीतियों और कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं। BJP का कहना है कि AAP के शासन में पंजाब के युवाओं पर नशे का खतरा बढ़ा है और सरकार इसे रोकने में नाकाम रही है।
पंजाब में नशे पर AAP और BJP की यह राजनीतिक लड़ाई आगे कहाँ जाएगी?
BJP की 'नशा मुक्त पंजाब यात्रा' 30 सितंबर तक जारी रहेगी, और AAP के मुंद्रा पोर्ट वाले जवाब के बाद दोनों दलों के बीच बयानबाजी और तीखी होने की संभावना है। पंजाब की आगामी राजनीतिक गतिविधियों को देखते हुए यह मुद्दा आने वाले समय में और गहराने की आशंका है।
राष्ट्र प्रेस
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