6 नवंबर 2026
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धनतेरस 2026: PM मोदी ने भगवान धन्वन्तरि को किया प्रणाम, देशवासियों को दीं शुभकामनाएं

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धनतेरस 2026: PM मोदी ने भगवान धन्वन्तरि को किया प्रणाम, देशवासियों को दीं शुभकामनाएं

सारांश

धनतेरस के अवसर पर प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया पर 'श्री धन्वन्तरि स्तोत्रम्' का संस्कृत श्लोक साझा किया और देशवासियों के लिए सुख, शांति व उत्तम स्वास्थ्य की कामना की — भारतीय आयुर्वेद परंपरा को राष्ट्रीय मंच पर एक बार फिर रेखांकित करते हुए।

मुख्य बातें

PM नरेंद्र मोदी ने 6 नवंबर 2026 को धनतेरस पर देशवासियों को शुभकामनाएं दीं।
उन्होंने 'श्री धन्वन्तरि स्तोत्रम्' का संस्कृत श्लोक सोशल मीडिया पर साझा किया।
श्लोक में भगवान धन्वन्तरि को जरा, रोग, भय और मृत्यु का नाश करने वाले तथा औषधियों के प्रदाता बताया गया है।
यह श्लोक चिकित्सा सार संग्रह सहित आयुर्वेद के प्राचीन ग्रंथों में मंगलाचरण के रूप में प्रयुक्त होता है।
पीएम ने संदेश में हर परिवार में 'उमंग और आनंद का अखंड दीप' प्रज्वलित रहने की मंगलकामना की।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 6 नवंबर 2026 को धनतेरस (धनत्रयोदशी) के पावन अवसर पर समस्त देशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं दीं और सोशल मीडिया पर भगवान धन्वन्तरि को समर्पित एक संस्कृत श्लोक साझा कर उन्हें श्रद्धापूर्वक प्रणाम किया। उनकी इस पोस्ट में आरोग्य, सुख और शांति की कामना के साथ भारतीय आयुर्वेद परंपरा के प्रति गहरी आस्था की झलक मिलती है।

पीएम का संदेश और शुभकामनाएं

प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संदेश में लिखा, 'सभी देशवासियों को धनतेरस की अनंत शुभकामनाएं। भगवान धन्वन्तरि की दिव्य कृपा से सभी का जीवन सुख, शांति और उत्तम स्वास्थ्य से सदैव आलोकित रहे। हर परिवार में उमंग और आनंद का अखंड दीप प्रज्वलित रहे, यही मंगलकामना है।' इस संदेश के साथ उन्होंने राष्ट्रव्यापी दीपावली उत्सव की शुरुआत को एक सार्थक सांस्कृतिक अभिव्यक्ति दी।

साझा किया गया श्लोक और उसका भावार्थ

पीएम ने 'श्री धन्वन्तरि स्तोत्रम्' से यह श्लोक साझा किया — 'नमामि धन्वन्तरिमादिदेवं सुरासुरैर्वन्दितपादपद्मम्। लोके जरारुग्भयमृत्युनाशं दातारमीशं विविधौषधीनाम्॥' इस श्लोक का भावार्थ है कि आदिदेव भगवान धन्वन्तरि, जिनके चरणकमल देवताओं और असुरों द्वारा भी वंदित हैं, समस्त लोकों में जरा, रोग, भय एवं मृत्यु का नाश करने वाले तथा विविध औषधियों के प्रदाता और परमेश्वर हैं — उन्हें मेरा श्रद्धापूर्वक प्रणाम है।

गौरतलब है कि यह श्लोक आयुर्वेद के प्राचीन ग्रंथों और संहिताओं, जिनमें चिकित्सा सार संग्रह भी शामिल है, में भगवान धन्वन्तरि की स्तुति और मंगलाचरण के रूप में प्रमुखता से उपयोग किया जाता है।

भगवान धन्वन्तरि और धनतेरस का महत्व

भगवान धन्वन्तरि को आयुर्वेद का जनक और देवताओं के वैद्य माना जाता है। धनतेरस के दिन उनकी उपासना विशेष रूप से की जाती है क्योंकि हिंदू पंचांग के अनुसार कार्तिक कृष्ण त्रयोदशी को उनका प्राकट्य दिवस माना जाता है। इस श्लोक का पाठ विशेष रूप से धनतेरस पूजा, आयुर्वेद के अध्ययन के आरंभ में और उत्तम स्वास्थ्य की कामना के लिए किया जाता है।

यह ऐसे समय में आया है जब दीपावली पर्व पाँच दिवसीय उत्सव के रूप में पूरे देश में मनाया जा रहा है, और धनतेरस इसकी शुभ शुरुआत मानी जाती है।

आयुर्वेद परंपरा से जुड़ाव

इस श्लोक का पाठ सनातन परंपरा में अच्छे स्वास्थ्य, दीर्घायु और निरोगी जीवन की प्रार्थना के लिए आयुर्वेद के चिकित्सकों द्वारा विशेष रूप से किया जाता है। प्रधानमंत्री द्वारा इस श्लोक को सार्वजनिक मंच पर साझा करना भारत की समृद्ध आयुर्वेद विरासत को राष्ट्रीय स्तर पर रेखांकित करने का प्रयास माना जा रहा है। आगे दीपावली के उत्सव के साथ यह सांस्कृतिक संदेश और गहरा होता जाएगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

राष्ट्र प्रमुख द्वारा धन्वन्तरि स्तोत्रम् का प्रसार उस नीतिगत दिशा को सांस्कृतिक वैधता देता है। हालाँकि, इसे केवल उत्सवी धर्म-प्रदर्शन तक सीमित मानना भी उचित नहीं होगा — दीपावली जैसे राष्ट्रव्यापी पर्वों पर ऐसे संदेश प्रधानमंत्री की सार्वजनिक उपस्थिति को नागरिकों के सांस्कृतिक जीवन से जोड़ते हैं।
RashtraPress
6 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

PM मोदी ने धनतेरस 2026 पर क्या संदेश दिया?
PM मोदी ने 6 नवंबर 2026 को धनतेरस पर देशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए भगवान धन्वन्तरि की दिव्य कृपा से सभी के जीवन में सुख, शांति और उत्तम स्वास्थ्य की कामना की। उन्होंने 'श्री धन्वन्तरि स्तोत्रम्' का संस्कृत श्लोक भी सोशल मीडिया पर साझा किया।
भगवान धन्वन्तरि कौन हैं और धनतेरस से उनका क्या संबंध है?
भगवान धन्वन्तरि को आयुर्वेद का जनक और देवताओं के वैद्य माना जाता है। हिंदू पंचांग के अनुसार कार्तिक कृष्ण त्रयोदशी यानी धनतेरस के दिन उनका प्राकट्य दिवस माना जाता है, इसीलिए इस तिथि पर उनकी विशेष पूजा-अर्चना की जाती है।
PM मोदी द्वारा साझा किए गए संस्कृत श्लोक का अर्थ क्या है?
श्लोक 'नमामि धन्वन्तरिमादिदेवं...' का भावार्थ है कि भगवान धन्वन्तरि, जिनके चरणकमल देवताओं और असुरों द्वारा भी वंदित हैं, जरा, रोग, भय और मृत्यु का नाश करने वाले तथा विविध औषधियों के प्रदाता हैं। यह श्लोक 'श्री धन्वन्तरि स्तोत्रम्' से लिया गया है।
इस श्लोक का पाठ किन अवसरों पर किया जाता है?
यह श्लोक विशेष रूप से धनतेरस पूजा, आयुर्वेद के अध्ययन के आरंभ में और उत्तम स्वास्थ्य व दीर्घायु की कामना के लिए उच्चारित किया जाता है। आयुर्वेद के चिकित्सक और सनातन धर्म के अनुयायी इसे नियमित रूप से मंगलाचरण के रूप में पढ़ते हैं।
यह श्लोक किस प्राचीन ग्रंथ से लिया गया है?
यह श्लोक 'श्री धन्वन्तरि स्तोत्रम्' से लिया गया है और आयुर्वेद के प्राचीन ग्रंथों तथा चिकित्सा सार संग्रह जैसी संहिताओं में इसे मंगलाचरण के रूप में प्रमुखता से उपयोग किया जाता है।
राष्ट्र प्रेस
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