25 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

देवशयनी एकादशी 2025: PM मोदी, राजनाथ सिंह, गडकरी समेत कई केंद्रीय मंत्रियों ने दी शुभकामनाएं

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
देवशयनी एकादशी 2025: PM मोदी, राजनाथ सिंह, गडकरी समेत कई केंद्रीय मंत्रियों ने दी शुभकामनाएं

सारांश

देवशयनी एकादशी पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से लेकर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, नितिन गडकरी, जेपी नड्डा, प्रल्हाद जोशी और जी किशन रेड्डी तक — केंद्र सरकार के शीर्ष नेताओं ने एक्स पर भक्ति और सेवा के संदेश साझा किए। आज से चातुर्मास का शुभारंभ हो गया है।

मुख्य बातें

25 जुलाई को देशभर में देवशयनी एकादशी (आषाढ़ी एकादशी) मनाई जा रही है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक्स पर भगवान विट्ठल के आशीर्वाद और सेवा-भावना का संदेश दिया।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह , नितिन गडकरी , जेपी नड्डा , प्रल्हाद जोशी और जी किशन रेड्डी ने भी एक्स पर शुभकामनाएं दीं।
जेपी नड्डा ने संस्कृत श्लोक 'सुप्ते त्वयि जगन्नाथ...' साझा कर चातुर्मास के आध्यात्मिक महत्व को रेखांकित किया।
इस दिन से भगवान विष्णु चार महीने की योगनिद्रा में जाते हैं; कार्तिक एकादशी पर जागरण होगा।

25 जुलाई को देशभर में देवशयनी एकादशी (आषाढ़ी एकादशी) का पावन पर्व हर्षोल्लास के साथ मनाया जा रहा है। इस पुण्य तिथि पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित केंद्र सरकार के कई वरिष्ठ मंत्रियों ने देशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं दीं। धार्मिक मान्यता के अनुसार, इस दिन से भगवान विष्णु चार महीने की योगनिद्रा में चले जाते हैं और चातुर्मास का शुभारंभ होता है।

प्रधानमंत्री मोदी का संदेश

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक्स पर पोस्ट कर लिखा, 'आषाढ़ी एकादशी के पवित्र मौके पर बधाई। यह शुभ दिन भक्ति और दया के हमेशा रहने वाले संदेश के बारे में है। भगवान विट्ठल का आशीर्वाद खुशी, मेलजोल और खुशहाली लाए और हमें एक बेहतर समाज की ओर ले जाए। वह हर इंसान की भलाई और इज्जत के लिए बिना थके सेवा करने और काम करने के हमारे इरादे को और मजबूत करें।'

रक्षा मंत्री और अन्य वरिष्ठ मंत्रियों की शुभकामनाएं

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने एक्स पर लिखा, 'देवशयनी एकादशी के पावन अवसर पर सभी को हार्दिक शुभकामनाएं। भगवान श्री हरि विष्णु का आशीर्वाद सभी पर बना रहे। यह पावन पर्व हम सभी के जीवन में सुख, शांति, समृद्धि और खुशहाली लेकर आए तथा हमें सेवा, करुणा और सदाचार के मार्ग पर चलने की प्रेरणा दे।'

केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने शुभकामनाएं देते हुए लिखा, 'देवशयनी आषाढ़ी एकादशी पर सभी को हार्दिक शुभकामनाएं। भगवान विट्ठल की कृपा सभी के जीवन में सुख, समृद्धि और अच्छा स्वास्थ्य लाए।'

जेपी नड्डा और प्रल्हाद जोशी का आध्यात्मिक संदेश

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने एक्स पर संस्कृत श्लोक 'सुप्ते त्वयि जगन्नाथ जगत्सुप्तं भवेदिदम्, विबुद्धे त्वयि बुध्येत जगत्सर्वं चराचरम्॥' साझा किया। उन्होंने लिखा, 'आप सभी को देवशयनी (आषाढ़ी) एकादशी की हार्दिक शुभकामनाएं। पावन चतुर्मास के शुभारंभ का यह पुण्य अवसर आपके जीवन में सुख, शांति, समृद्धि और आध्यात्मिक उन्नति का संचार करे।'

केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी ने लिखा, 'सभी लोगों को आषाढ़ एकादशी की हार्दिक शुभकामनाएं। इस शुभ दिन पर, श्री पांडुरंग विट्ठल और माता रुक्मिणीदेवी की दिव्य कृपा सभी पर बनी रहे। भक्ति, विश्वास और समर्पण की भावना से भरे इस पवित्र दिन पर, मैं प्रार्थना करता हूं कि राज्य में सुख, शांति, खेती-बाड़ी में खुशहाली और सेहत बनी रहे।'

जी किशन रेड्डी का संदेश

केंद्रीय मंत्री जी किशन रेड्डी ने एक्स पर लिखा, 'सभी को टोली एकादशी (आषाढ़ी एकादशी) के पावन अवसर पर हार्दिक शुभकामनाएं। भगवान श्री महाविष्णु का दिव्य आशीर्वाद हर घर को शांति, समृद्धि, खुशी, अच्छी सेहत और आध्यात्मिक शक्ति से भर दे। यह पावन अवसर हमें भक्ति, करुणा, विनम्रता और निस्वार्थ सेवा के मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित करे।'

देवशयनी एकादशी का धार्मिक महत्व

धार्मिक परंपरा के अनुसार, आषाढ़ शुक्ल एकादशी से भगवान विष्णु चार महीने की योगनिद्रा में चले जाते हैं और कार्तिक शुक्ल एकादशी (देवउठनी एकादशी) को जागते हैं। इस अवधि को चातुर्मास कहा जाता है, जिसमें विवाह और अन्य शुभ कार्यों पर पारंपरिक रूप से विराम रहता है। महाराष्ट्र में इसे आषाढ़ी एकादशी के रूप में विशेष रूप से मनाया जाता है, जहाँ पंढरपुर की वारी यात्रा लाखों भक्तों को एकत्र करती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

और वहाँ के राजनीतिक समीकरणों को देखते हुए इन संदेशों का सांस्कृतिक-राजनीतिक आयाम भी है। भक्ति और सेवा के संदेशों में 'निस्वार्थ सेवा' और 'करुणा' जैसे शब्दों का बार-बार प्रयोग सरकार की उस छवि-निर्माण रणनीति से मेल खाता है जो शासन को सेवा-भाव से जोड़ती है।
RashtraPress
25 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

देवशयनी एकादशी क्या है और इसका क्या महत्व है?
देवशयनी एकादशी आषाढ़ शुक्ल एकादशी को मनाई जाती है। इस दिन से भगवान विष्णु चार महीने की योगनिद्रा में चले जाते हैं और चातुर्मास का आरंभ होता है, जो कार्तिक शुक्ल एकादशी (देवउठनी एकादशी) तक चलता है।
PM मोदी ने देवशयनी एकादशी पर क्या संदेश दिया?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक्स पर लिखा कि यह दिन भक्ति और दया के संदेश का प्रतीक है। उन्होंने भगवान विट्ठल से प्रार्थना की कि वे हर इंसान की भलाई के लिए सेवा करने के संकल्प को और मजबूत करें।
चातुर्मास क्या होता है और यह कब तक रहता है?
चातुर्मास देवशयनी एकादशी से शुरू होकर देवउठनी एकादशी तक चलने वाला चार महीने का पवित्र काल है। इस दौरान परंपरागत रूप से विवाह और अन्य मांगलिक कार्य नहीं किए जाते।
किन-किन केंद्रीय मंत्रियों ने एकादशी की शुभकामनाएं दीं?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अलावा रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी, स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा, केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी और जी किशन रेड्डी ने एक्स पर शुभकामनाएं साझा कीं।
आषाढ़ी एकादशी महाराष्ट्र में विशेष रूप से क्यों मनाई जाती है?
महाराष्ट्र में आषाढ़ी एकादशी पर पंढरपुर की प्रसिद्ध वारी यात्रा आयोजित होती है, जिसमें लाखों वारकरी भक्त भगवान विट्ठल के दर्शन के लिए पदयात्रा करते हैं। यह महाराष्ट्र की सबसे बड़ी धार्मिक परंपराओं में से एक है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 3 घंटे पहले
  2. 4 घंटे पहले
  3. 1 सप्ताह पहले
  4. 4 महीने पहले
  5. 9 महीने पहले
  6. 10 महीने पहले
  7. 11 महीने पहले
  8. 1 साल पहले