देवशयनी आषाढ़ी एकादशी: ओम बिरला, अमित शाह और कई केंद्रीय मंत्रियों ने देशवासियों को दीं शुभकामनाएं
सारांश
मुख्य बातें
25 जुलाई 2025 को देवशयनी आषाढ़ी एकादशी के पावन अवसर पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह सहित केंद्र सरकार के कई वरिष्ठ मंत्रियों ने देशभर के नागरिकों को हार्दिक शुभकामनाएं अर्पित कीं। सभी नेताओं ने भगवान श्रीहरि विष्णु से प्रार्थना की कि उनकी कृपा सभी के जीवन में सुख, शांति और समृद्धि का संचार करे।
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला का संदेश
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने एक्स पर अपनी पोस्ट में लिखा कि यह दिव्य अवसर आत्मचिंतन, सेवा और सत्कर्म की प्रेरणा देता है। उन्होंने कहा, 'आस्था, तप, संयम और भक्ति का यह दिव्य अवसर हमें आत्मचिंतन, सेवा और सत्कर्म के मार्ग पर अग्रसर होने की प्रेरणा देता है। भगवान श्रीहरि विष्णु की कृपा से सभी के जीवन में सुख, समृद्धि, आरोग्य, शांति और नई ऊर्जा का संचार हो तथा चातुर्मास का यह काल सभी के लिए मंगलमय सिद्ध हो।'
अमित शाह ने वारकरी भक्तों को किया विशेष संबोधित
केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने अपनी पोस्ट में भगवान विट्ठल और माता रखुमाई का स्मरण करते हुए विशेष रूप से वारकरी भक्तों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने लिखा, 'भगवान विट्ठल और माता रखुमाई सभी के जीवन में सुख, शांति, समृद्धि और नई ऊर्जा का संचार करें।' यह संदेश महाराष्ट्र की वारकरी परंपरा के प्रति उनकी श्रद्धा को दर्शाता है।
अन्य केंद्रीय मंत्रियों की शुभकामनाएं
वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने भी देशवासियों को आषाढ़ी एकादशी की बधाई दी। स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने अपनी पोस्ट में कहा, 'पावन चतुर्मास के शुभारंभ का यह पुण्य अवसर आपके जीवन में सुख, शांति, समृद्धि और आध्यात्मिक उन्नति का संचार करे।' उन्होंने भगवान श्रीहरि विष्णु की कृपादृष्टि सभी पर बनी रहने की कामना की।
संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने एक्स पर लिखा कि भगवान श्री हरि से यही प्रार्थना है कि हर घर धन-धान्य से सदैव भरा रहे और चारों ओर सुख-शांति व समृद्धि का वास हो। वहीं, कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा, 'जगत के पालनहार भगवान श्री हरि विष्णु जी की कृपा सभी पर अविराम बरसती रहे, हर घर-आंगन धन-धान्य से भरा रहे, सबके जीवन में अपार सुख, समृद्धि और आनंद हो।'
देवशयनी एकादशी का धार्मिक महत्व
देवशयनी आषाढ़ी एकादशी हिंदू पंचांग के अनुसार आषाढ़ मास की शुक्ल पक्ष की एकादशी को मनाई जाती है। मान्यता है कि इस दिन से भगवान विष्णु चार माह के लिए योग निद्रा में चले जाते हैं, जिसे चातुर्मास कहा जाता है। यह पर्व महाराष्ट्र में विशेष रूप से पंढरपुर की वारी यात्रा के रूप में मनाया जाता है, जहाँ लाखों वारकरी भक्त पैदल यात्रा कर भगवान विट्ठल के दर्शन करते हैं।
राजनीतिक और सांस्कृतिक संदर्भ
यह ऐसे समय में आया है जब केंद्र सरकार के शीर्ष नेतृत्व द्वारा धार्मिक पर्वों पर सार्वजनिक शुभकामनाएं देना एक स्थापित परंपरा बन चुकी है। गौरतलब है कि आषाढ़ी एकादशी महाराष्ट्र में राजनीतिक दृष्टि से भी अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जाती है। आने वाले दिनों में चातुर्मास के दौरान धार्मिक आयोजनों और सामाजिक सेवा कार्यक्रमों में भी नेताओं की सक्रिय भागीदारी अपेक्षित है।