25 जुलाई 2026
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आषाढ़ी एकादशी 2025: CM फडणवीस ने पंढरपुर में की पूजा, मेयर रितु तावड़े ने वडाला मंदिर में किया महाअभिषेक

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आषाढ़ी एकादशी 2025: CM फडणवीस ने पंढरपुर में की पूजा, मेयर रितु तावड़े ने वडाला मंदिर में किया महाअभिषेक

सारांश

आषाढ़ी एकादशी पर महाराष्ट्र की राजनीति और आस्था का संगम हुआ — CM फडणवीस पंढरपुर पहुंचे, मेयर तावड़े ने वडाला में महाअभिषेक किया, और शिंदे, चव्हाण, शरद पवार सहित कई नेताओं ने वारकरियों को शुभकामनाएं दीं।

मुख्य बातें

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने 25 जुलाई को श्री क्षेत्र पंढरपुर में भगवान विट्ठुमाउली की पूजा-अर्चना की।
मुंबई की मेयर रितु तावड़े और उनके पति राजेश तावड़े ने वडाला के श्री विट्ठल-रुक्मिणी मंदिर में महाअभिषेक एवं महापूजा संपन्न की।
उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे , BJP प्रदेश अध्यक्ष रविंद्र चव्हाण और NCP अध्यक्ष शरद पवार ने एक्स पर शुभकामनाएं दीं।
वडाला का श्री विट्ठल-रुक्मिणी मंदिर मुंबई का 'प्रति पंढरपुर' कहलाता है।
आषाढ़ी एकादशी वारकरी परंपरा का सबसे प्रमुख पर्व है, जिसमें लाखों श्रद्धालु पंढरपुर की पैदल वारी करते हैं।

देवशयनी आषाढ़ी एकादशी के पावन अवसर पर 25 जुलाई को महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने श्री क्षेत्र पंढरपुर में भगवान विट्ठुमाउली और माता रुक्मिणी की भव्य पूजा-अर्चना की, जबकि मुंबई की मेयर रितु तावड़े ने वडाला स्थित ऐतिहासिक श्री विट्ठल-रुक्मिणी मंदिर में महाअभिषेक एवं महापूजा संपन्न की। इस अवसर पर राज्य के कई वरिष्ठ नेताओं ने भी भक्तों और वारकरियों को हार्दिक शुभकामनाएं दीं।

वडाला मंदिर में मेयर तावड़े का महाअभिषेक

मुंबई के 'प्रति पंढरपुर' के रूप में विख्यात वडाला के श्री विट्ठल-रुक्मिणी मंदिर में आज पारंपरिक और अनुष्ठानिक विधि से भगवान विट्ठल एवं देवी रुक्मिणी का महाअभिषेक और महापूजा संपन्न हुई। इस पूजा का संचालन मेयर रितु तावड़े और उनके पति राजेश तावड़े ने किया। मेयर ने भगवान पांडुरंगा के चरणों में मुंबईवासियों की समृद्धि और मुंबई महानगर के सर्वांगीण विकास के लिए प्रार्थना की।

मेयर रितु तावड़े ने एक्स पर लिखा, 'आप ही मेरा आधार हैं, आप ही मेरे रक्षक हैं, आप ही मेरे पांडुरंग हैं। हे प्रभु, मेरी गलतियों को क्षमा करें, मुझे अपनी शरण में लें। आपका नाम सदैव मेरे होठों पर रहे। आषाढ़ी एकादशी के अवसर पर सभी मुंबईवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं!'

पंढरपुर में मुख्यमंत्री फडणवीस की पूजा

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने श्री क्षेत्र पंढरपुर में विट्ठुमाउली और माता रुक्मिणी की पूजा-अर्चना की। उन्होंने एक्स पर अपनी भावनाएं साझा करते हुए लिखा, 'आषाढ़ी एकादशी भक्ति, आस्था और लाखों वारकरियों द्वारा विट्ठल के नाम के निरंतर जाप का पर्व है। बारिश खूब हो, फसलें लहलहाएं, हे पांडुरंग, महाराष्ट्र समृद्ध हो।' फडणवीस ने कहा कि विट्ठुराया के चरणों में बिताए हर पल को शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता।

अन्य नेताओं की शुभकामनाएं

महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने एक्स पर पोस्ट करते हुए 'मेरे सांवले विट्ठल, प्रभु' संबोधन के साथ देवशयनी आषाढ़ी एकादशी की हार्दिक शुभकामनाएं दीं।

महाराष्ट्र भारतीय जनता पार्टी (BJP) के प्रदेश अध्यक्ष रविंद्र चव्हाण ने एक्स पर वारकरी परंपरा की गहराई को उकेरते हुए लिखा कि जब कोई वारकरी पहली बार वारी तीर्थयात्रा में शामिल होता है, तो वह धीरे-धीरे स्वयं को भूलकर विट्ठल के ब्रह्मांडीय स्वरूप में विलीन हो जाता है। उन्होंने भगवान विट्ठल के चरणों में लाखों प्रणाम अर्पित किए।

राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के अध्यक्ष शरद पवार ने एक्स पर लिखा कि आषाढ़ी एकादशी महाराष्ट्र की सांस्कृतिक परंपराओं का एक पवित्र त्योहार है जो भक्ति और मानवता का संदेश देता है। उन्होंने प्रार्थना की कि विट्ठल भक्ति का यह पावन अवसर हर जीवन में सद्भावना, संतोष और आध्यात्मिक समृद्धि लाए।

आषाढ़ी एकादशी का महत्व

देवशयनी आषाढ़ी एकादशी महाराष्ट्र की वारकरी परंपरा का सबसे महत्वपूर्ण पर्व है। इस दिन लाखों वारकरी पंढरपुर की पैदल वारी (तीर्थयात्रा) करते हैं और भगवान विट्ठल के दर्शन करते हैं। यह पर्व भक्ति, समानता और आध्यात्मिक एकता का प्रतीक माना जाता है।

गौरतलब है कि यह वह अवसर है जब महाराष्ट्र के राजनीतिक और सामाजिक जीवन में आस्था और लोकसंस्कृति का संगम होता है — राज्य के शीर्ष नेताओं की उपस्थिति इस पर्व की व्यापक सामाजिक स्वीकार्यता को दर्शाती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि वारकरी मतदाताओं से सीधा संवाद भी है — एक परंपरा जो हर सरकार निभाती आई है। यह ऐसे समय में आया है जब महाराष्ट्र में महायुति सरकार अपनी राजनीतिक पकड़ मज़बूत करने में लगी है। वारकरी समुदाय की राज्य की राजनीति में गहरी पैठ को देखते हुए, इस तरह के सार्वजनिक धार्मिक आयोजनों में नेताओं की भागीदारी को केवल सांस्कृतिक नहीं, रणनीतिक भी माना जाना चाहिए।
RashtraPress
25 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

आषाढ़ी एकादशी 2025 पर CM फडणवीस ने कहाँ पूजा की?
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने 25 जुलाई को श्री क्षेत्र पंढरपुर में भगवान विट्ठुमाउली और माता रुक्मिणी की पूजा-अर्चना की। उन्होंने महाराष्ट्र की समृद्धि और अच्छी फसल के लिए प्रार्थना की।
मुंबई की मेयर रितु तावड़े ने आषाढ़ी एकादशी पर क्या किया?
मेयर रितु तावड़े और उनके पति राजेश तावड़े ने वडाला स्थित श्री विट्ठल-रुक्मिणी मंदिर में पारंपरिक महाअभिषेक और महापूजा संपन्न की। उन्होंने मुंबईवासियों की समृद्धि और महानगर के विकास के लिए भगवान पांडुरंगा से प्रार्थना की।
वडाला का श्री विट्ठल-रुक्मिणी मंदिर क्यों प्रसिद्ध है?
वडाला का श्री विट्ठल-रुक्मिणी मंदिर मुंबई का 'प्रति पंढरपुर' कहलाता है। यह ऐतिहासिक मंदिर उन श्रद्धालुओं के लिए विशेष महत्व रखता है जो पंढरपुर नहीं जा सकते।
आषाढ़ी एकादशी पर किन अन्य नेताओं ने शुभकामनाएं दीं?
उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, BJP प्रदेश अध्यक्ष रविंद्र चव्हाण और NCP अध्यक्ष शरद पवार ने एक्स पर पोस्ट कर वारकरियों और विट्ठल भक्तों को हार्दिक शुभकामनाएं दीं।
देवशयनी आषाढ़ी एकादशी का क्या महत्व है?
देवशयनी आषाढ़ी एकादशी महाराष्ट्र की वारकरी परंपरा का सबसे प्रमुख पर्व है। इस दिन लाखों वारकरी पंढरपुर की पैदल वारी कर भगवान विट्ठल के दर्शन करते हैं और यह पर्व भक्ति, समानता तथा आध्यात्मिक एकता का प्रतीक माना जाता है।
राष्ट्र प्रेस
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