हरपाल सिंह चीमा का दावा: चंडीगढ़ में कानून व्यवस्था की स्थिति चिंताजनक
सारांश
Key Takeaways
- चंडीगढ़ में कानून व्यवस्था खराब है।
- भाजपा की सुरक्षा नीतियाँ विफल हो चुकी हैं।
- आम आदमी पार्टी सुरक्षा पर कोई समझौता नहीं करती।
- चंडीगढ़ को पंजाब में शामिल करने की मांग की गई है।
- मंत्री ने भाजपा को जिम्मेदार ठहराया है।
चंडीगढ़, 2 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। चंडीगढ़ में भाजपा के प्रदेश कार्यालय के पास हुए धमाके के संदर्भ में पंजाब सरकार के मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा है कि वहाँ कानून व्यवस्था की स्थिति बहुत ही चिंताजनक है। यदि चंडीगढ़ को पंजाब में शामिल किया जाए, तो हम वहाँ भी स्थिति को सुधारेंगे।
मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने राष्ट्र प्रेस से बातचीत के दौरान बताया कि पंजाब सुरक्षित हाथों में है। आम आदमी पार्टी की सरकार सुरक्षा के मामले में कोई समझौता नहीं करती; यहाँ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाती है।
उन्होंने आगे कहा कि जो भी पंजाब की सुरक्षा को खतरे में डालेगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। मंत्री चीमा ने कहा, "चंडीगढ़ हमें सौंप दीजिए। हम वहाँ कानून व्यवस्था को संभालेंगे। चंडीगढ़ हमेशा से पंजाब का हिस्सा रहा है, और हम इसे अपने हवाले लेना चाहते हैं।"
उन्होंने आरोप लगाया कि चंडीगढ़ को कूड़े का डंप बनाने के प्रयास हो रहे हैं, और वहाँ की लॉ एंड ऑर्डर स्थिति बेहद खराब है। हर रोज़ मार-धाड़ की घटनाएँ होती हैं, जिससे यह स्पष्ट होता है कि भाजपा पूरी तरह से विफल हो चुकी है।
भाजपा नेता अश्विनी शर्मा के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए मंत्री चीमा ने कहा कि वे तथ्य को तोड़-मरोड़ कर पेश कर रहे हैं। चंडीगढ़ की रिक्रूटमेंट प्रशासन द्वारा की जाती है, और प्रशासन की देखरेख गवर्नर करते हैं। मंत्री ने कहा कि भाजपा ही इस धमाके की जिम्मेदार है, और इसका खुफिया तंत्र पूरी तरह विफल हो चुका है।