हंता वायरस: थाईलैंड ने 'खतरनाक संक्रामक बीमारी' घोषित किया, 42 दिन का अनिवार्य क्वारंटीन लागू
सारांश
मुख्य बातें
थाईलैंड की नेशनल कम्युनिकेबल डिजीज कमेटी ने शुक्रवार, 15 मई 2026 को हंता वायरस को आधिकारिक रूप से 'खतरनाक संक्रामक बीमारी' घोषित करने की मंजूरी दे दी। स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, इस नई श्रेणी के तहत हाई-रिस्क संपर्क में आए व्यक्तियों को 42 दिनों के सख्त क्वारंटीन में रखा जाएगा और संदिग्ध मामलों की सूचना तीन घंटे के भीतर देना अनिवार्य होगा।
नए नियमों में क्या है
थाईलैंड के स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा जारी दिशानिर्देशों के अनुसार, संदिग्ध मामले की सूचना मिलने के 12 घंटे के भीतर जाँच शुरू करना अनिवार्य होगा। हाई-रिस्क संपर्क में आए सभी लोगों को 42 दिनों तक कड़े क्वारंटीन में रखा जाएगा। मंत्रालय ने निगरानी, प्रयोगशाला परीक्षण, उपचार और स्थानीय स्तर पर तैयारी को केंद्र में रखते हुए एक विशेष एक्शन प्लान भी लागू किया है।
देशभर के प्रांतीय स्वास्थ्य कार्यालयों और अस्पतालों को कड़ी निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं। सभी अस्पतालों को संदिग्ध मामलों की रिपोर्ट तीन घंटे के भीतर देना, उपचार प्रोटोकॉल की समीक्षा करना और स्थानीय समुदायों तक आवश्यक जानकारी तत्काल पहुँचाना अनिवार्य किया गया है।
वायरस कैसे फैलता है
मंत्रालय के बयान के अनुसार, हंता वायरस सांस के साथ निकलने वाले बारीक कणों (एरोसोल) के माध्यम से फैल सकता है। कुछ स्ट्रेन इंसान से इंसान में भी संचरण की क्षमता रखते हैं, हालाँकि यह अपेक्षाकृत दुर्लभ है। संक्रमण आमतौर पर संक्रमित चूहों या अन्य कृंतकों (रोडेंट्स) के पेशाब, मल या लार के संपर्क में आने से होता है। यह खतरा विशेष रूप से पुराने भवनों की सफाई के दौरान, तथा जंगल, खेत और फार्म जैसे ग्रामीण क्षेत्रों में अधिक होता है जहाँ कृंतकों की मौजूदगी ज़्यादा होती है।
सरकार की प्रतिक्रिया और तैयारी
स्वास्थ्य मंत्रालय के स्थायी सचिव सोमरूएक चुंगसमन ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग अंतरराष्ट्रीय प्रवेश बिंदुओं पर निगरानी बढ़ा रहा है। डिजीज कंट्रोल विभाग देश के भीतर मिलने वाले मामलों की त्वरित जाँच सुनिश्चित करने और 'पेशेंट्स अंडर इन्वेस्टिगेशन' की परिभाषा को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया पूरी कर रहा है।
गौरतलब है कि यह घोषणा ऐसे समय में आई है जब वैश्विक स्तर पर संक्रामक रोगों की निगरानी को लेकर सतर्कता बढ़ी हुई है। थाईलैंड का यह कदम अंतरराष्ट्रीय स्वास्थ्य नियमों के अनुरूप एक सक्रिय सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रतिक्रिया के रूप में देखा जा रहा है।
आम जनता के लिए सलाह
सोमरूएक ने नागरिकों से अपील की है कि यदि किसी का चूहों के संपर्क में आने का इतिहास रहा हो या वे हाल ही में किसी हाई-रिस्क क्षेत्र से लौटे हों और उन्हें तेज बुखार या सांस लेने में कठिनाई हो रही हो, तो तुरंत चिकित्सक से संपर्क करें। शीघ्र पहचान से न केवल उपचार बेहतर होगा, बल्कि वायरस के सामुदायिक प्रसार को भी रोका जा सकेगा।
आगे के हफ्तों में थाईलैंड के स्वास्थ्य अधिकारी क्वारंटीन प्रोटोकॉल के क्रियान्वयन की समीक्षा करेंगे और अंतरराष्ट्रीय स्वास्थ्य एजेंसियों के साथ समन्वय जारी रखेंगे।