शाहबेरी फर्नीचर मार्केट में भीषण आग: दम घुटने से अल्तमस की मौत, अमन सफदरजंग रेफर
सारांश
मुख्य बातें
ग्रेटर नोएडा वेस्ट के शाहबेरी फर्नीचर मार्केट में 13-14 अगस्त 2026 की देर रात एक सीएनसी मशीन-आधारित लकड़ी कटिंग दुकान में भीषण आग लग गई, जिसमें दम घुटने से युवक अल्तमस की मौत हो गई और अमन की हालत गंभीर बनी हुई है। बिसरख थाना क्षेत्र में हुई इस घटना के बाद दमकल विभाग और स्थानीय पुलिस ने तत्काल राहत अभियान चलाकर आग को आसपास की दुकानों तक फैलने से रोका।
घटनाक्रम: कैसे फैली आग
पुलिस के अनुसार, रात के समय दुकान में लगी आग ने लकड़ी, प्लाईवुड और अन्य ज्वलनशील सामग्री की मौजूदगी के कारण तेज़ी से विकराल रूप ले लिया। देखते ही देखते पूरी दुकान धुएँ और लपटों से भर गई। सूचना मिलते ही फायर सर्विस यूनिट और स्थानीय पुलिस घटनास्थल पर पहुँची। विद्युत विभाग से संपर्क कर इलाके की बिजली आपूर्ति बंद कराई गई, जिसके बाद दमकल कर्मियों ने कड़ी मशक्कत कर आग पर काबू पाया।
बचाव अभियान और हताहत
दमकल कर्मियों ने दुकान के अंदर से अल्तमस और अमन नाम के दो युवकों को मूर्छित अवस्था में बाहर निकाला। दोनों को तत्काल नज़दीकी अस्पताल ले जाया गया, जहाँ चिकित्सकों ने अल्तमस को मृत घोषित कर दिया। अमन की हालत गंभीर बताई जा रही है और उसे बेहतर उपचार के लिए सफदरजंग अस्पताल, नई दिल्ली रेफर किया गया है।
आग का संभावित कारण
प्रारंभिक जाँच में शॉर्ट सर्किट को आग का संभावित कारण माना जा रहा है, हालाँकि पुलिस के अनुसार वास्तविक कारणों की पुष्टि जाँच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी। दुकान में सीएनसी मशीन से लकड़ी कटाई का काम होता था और बड़ी मात्रा में ज्वलनशील सामग्री रखी जाती थी, जिससे आग तेज़ी से फैली।
शाहबेरी में अवैध दुकानों पर सवाल
यह घटना ऐसे समय में आई है जब शाहबेरी क्षेत्र में सैकड़ों फर्नीचर दुकानें और वर्कशॉप कथित तौर पर अवैध रूप से संचालित होने के आरोप स्थानीय स्तर पर लगते रहे हैं। घनी आबादी और संकरी गलियों के बीच इन प्रतिष्ठानों में लकड़ी, फोम और प्लाईवुड जैसी ज्वलनशील सामग्री बड़ी मात्रा में रखी जाती है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि आपात स्थिति में दमकल वाहनों को घटनास्थल तक पहुँचने में कठिनाई हो सकती है।
आगे की कार्रवाई
पुलिस ने अल्तमस के शव को कब्ज़े में लेकर आवश्यक कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है। आग के कारणों के साथ-साथ दुकान के संचालन और सुरक्षा मानकों से जुड़े पहलुओं की भी जाँच किए जाने की संभावना है। इस घटना ने एक बार फिर शाहबेरी की फर्नीचर इकाइयों में अग्नि सुरक्षा मानकों को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।