क्या गाजियाबाद के मोहननगर में एएमएक्स मेडिकल सिस्टम्स फैक्ट्री में भीषण आग लगी?

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क्या गाजियाबाद के मोहननगर में एएमएक्स मेडिकल सिस्टम्स फैक्ट्री में भीषण आग लगी?

सारांश

गाजियाबाद के मोहननगर स्थित एएमएक्स मेडिकल सिस्टम्स फैक्ट्री में एक भयंकर आग लग गई, जिससे आस-पास के क्षेत्र में अफरातफरी मच गई। फायर सर्विस ने त्वरित कार्यवाही करते हुए आग पर काबू पाया, लेकिन फैक्ट्री को भारी नुकसान हुआ। राहत की बात है कि इस घटना में कोई जनहानि नहीं हुई।

Key Takeaways

  • गाजियाबाद में एक फैक्ट्री में भीषण आग लगी।
  • फायर सर्विस ने 10 फायर टेंडरों के साथ आग पर काबू पाया।
  • कोई जनहानि नहीं हुई।
  • फैक्ट्री में भारी नुकसान हुआ।
  • प्रशासन जांच कर रहा है।

गाजियाबाद, 20 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। गाजियाबाद के मोहननगर क्षेत्र में कृष्णा इंजीनियरिंग कॉलेज के सामने स्थित हर्षा कंपाउंड, साइट-2 में मंगलवार की शाम को एक फैक्ट्री में भीषण आग लगने से अफरातफरी मच गई।

फायर स्टेशन कोतवाली को शाम 5:41 बजे सूचना मिली कि प्लॉट नंबर-128 स्थित एक फैक्ट्री में आग लगी हुई है। सूचना मिलते ही प्रभारी अधिकारी के नेतृत्व में दो फायर टेंडर तत्क्षण घटनास्थल के लिए रवाना किए गए।

जैसे ही फायर सर्विस की टीम मौके पर पहुंची, उन्हें पता चला कि आग एएमएक्स मेडिकल सिस्टम्स नामक फैक्ट्री में लगी थी, जहाँ एक्स-रे मशीन और अन्य चिकित्सा उपकरणों का निर्माण होता है। आग की तीव्रता को देखते हुए तुरंत अतिरिक्त संसाधनों की मांग की गई।

इसके बाद फायर स्टेशन वैशाली से 2, कोतवाली से 3, लोनी से 1, मोदीनगर से 1 फायर टेंडर के साथ-साथ नोएडा से 1 वाटर बाउजर और 1 फायर टेंडर मंगवाया गया। कुल मिलाकर 10 फायर टेंडर घटनास्थल पर पहुँच गए और आग बुझाने का अभियान आरंभ हुआ।

आग बुझाने के दौरान फायर टेंडरों में पानी खत्म होने पर नगर निगम के कटोरी मिल स्थित नजदीकी जलस्रोत से लगातार पानी भरकर लाया गया। फैक्ट्री की बाउंड्री वॉल के कारण आग बुझाने में कठिनाई हुई। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए हाइड्रा मशीन की मदद से दीवार को तोड़कर आग को घेरने का प्रयास किया गया।

फायर कर्मियों ने फोम और बीए सेट की सहायता से मेहनत और सूझबूझ का परिचय देते हुए आग को पूरी तरह बुझाया। आग बुझने के बाद हुए निरीक्षण में पता चला कि फैक्ट्री के बेसमेंट में प्लास्टिक बैग का भंडारण था, जो आग की चपेट में आकर जलकर नष्ट हो गया।

इसके अलावा फैक्ट्री में मौजूद मशीनरी और अन्य उपकरणों को भी भारी नुकसान हुआ है। हालाँकि, गाजियाबाद फायर सर्विस की तत्परता से अन्य फैक्ट्रियों में आग फैलने का खतरा टल गया। राहत की बात यह रही कि इस अग्निकांड में किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई।

फिलहाल फैक्ट्री परिसर में कूलिंग का कार्य जारी है, ताकि दोबारा आग भड़कने की संभावना को समाप्त किया जा सके। प्रशासन द्वारा आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है।

Point of View

यह घटना स्पष्ट करती है कि सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन करना कितना आवश्यक है। गाजियाबाद फायर सर्विस की तत्परता ने एक बड़े हादसे से बचाया। हमें यह सुनिश्चित करना चाहिए कि ऐसी घटनाएं दोबारा ना हों और आग लगने के कारणों की गहन जांच होनी चाहिए।
NationPress
20/01/2026

Frequently Asked Questions

यह आग कब लगी?
यह आग 20 जनवरी को शाम 5:41 बजे लगी।
कितने फायर टेंडर आग बुझाने में लगे?
कुल 10 फायर टेंडर आग बुझाने में लगे।
क्या इस अग्निकांड में कोई जनहानि हुई?
नहीं, इस अग्निकांड में किसी प्रकार की कोई जनहानि नहीं हुई।
आग लगने का कारण क्या है?
आग लगने के कारणों की जांच प्रशासन द्वारा की जा रही है।
फैक्ट्री में क्या नुकसान हुआ?
फैक्ट्री में मशीनरी और प्लास्टिक बैग का भंडारण जलकर नष्ट हो गया।
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