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एनसीईआरटी ने अंग्रेजी पाठ्यपुस्तकों में महत्वपूर्ण सुधार, भारतीय ज्ञान प्रणाली का समावेश

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एनसीईआरटी ने अंग्रेजी पाठ्यपुस्तकों में महत्वपूर्ण सुधार, भारतीय ज्ञान प्रणाली का समावेश

सारांश

एनसीईआरटी ने कक्षा 9 की अंग्रेजी पाठ्यपुस्तकों में महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं, जिसमें भारतीय साहित्य को अधिक प्राथमिकता दी गई है। अब छात्रों को स्वदेशी ज्ञान प्रणाली पर आधारित पाठ्यक्रम का लाभ मिलेग।

मुख्य बातें

एनसीईआरटी ने अंग्रेजी पाठ्यपुस्तकों में भारतीय लेखकों को प्राथमिकता दी।
कक्षा 9 की पाठ्यपुस्तक का नाम 'कावेरी' है।
पुस्तक में 16 अध्याय हैं, जिसमें कई भारतीय लेखकों की रचनाएँ शामिल हैं।
भारतीय ज्ञान प्रणाली पर ध्यान केंद्रित किया गया है।
पुस्तकें राष्ट्रीय पाठ्यक्रम के अनुसार तैयार की गई हैं।

नई दिल्ली, 12 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। भारतीय स्कूली छात्रों की पाठ्यपुस्तकों को अब स्वदेशी और भारतीय ज्ञान प्रणालियों के आधार पर पुनः विकसित किया जा रहा है। इस साल ही छात्रों को यह नया सिलेबस पढ़ने को मिलेगा।

एनसीईआरटी ने अंग्रेजी की पाठ्यपुस्तकों में महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं। इन परिवर्तनों के अंतर्गत अंग्रेजी पाठ्यपुस्तकों को तैयार करने में अब विदेशी लेखकों के बजाय भारतीय शिक्षाविदों को प्राथमिकता दी गई है।

एनसीईआरटी, यानी राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद, ने कक्षा 9 की अंग्रेजी पाठ्यपुस्तक में व्यापक संशोधन किए हैं। शिक्षाविदों का मानना है कि इन नए परिवर्तनों के कारण पाठ्यक्रम अधिक सटीक और उपयुक्त हुआ है। इस पाठ्यपुस्तक में भारतीय साहित्य पर विशेष ध्यान दिया गया है। इसमें राज्यसभा की मनोनीत सांसद सुधा मूर्ति का अध्याय शामिल है। पाठ्यपुस्तक में रवीन्द्रनाथ टैगोर जैसे प्रसिद्ध भारतीय लेखकों की रचनाएँ भी जोड़ी गई हैं।

एनसीईआरटी के एक अधिकारी ने बताया कि पहले इस पुस्तक में कुल 29 अध्याय थे। अब इनकी संख्या घटाकर 16 कर दी गई है। खास बात यह है कि पहले के 29 अध्यायों में से 15 अध्याय विदेशी लेखकों द्वारा लिखे गए थे। यह प्रक्रिया वर्ष 2006-07 से लेकर 2025-26 के शैक्षणिक वर्ष तक चलती रही, लेकिन अब इसमें बदलाव किया गया है।

अधिकारियों का कहना है कि अंग्रेजी की पाठ्यपुस्तकों की कुल संख्या भी दो से घटाकर एक कर दी गई है। इस नई पुस्तक में अब 16 अध्याय होंगे। कक्षा 9 की इस नई अंग्रेजी पाठ्यपुस्तक का नाम कावेरी है। इसके पहले अध्याय में सुधा मूर्ति की पुस्तक ‘हाउ आई टॉट माय ग्रैंडमदर टू रीड एंड अदर स्टोरीज’ से सामग्री शामिल की गई है।

सुधा मूर्ति की यह पुस्तक 2004 में प्रकाशित हुई थी। सभी पुस्तकें निर्धारित नियमों के अनुसार राष्ट्रीय विद्यालय शिक्षा पाठ्यक्रम ढांचा 2023 के अनुरूप तैयार की गई हैं। अंग्रेजी की इस पाठ्यपुस्तक में सुधा मूर्ति के अलावा अन्य कई भारतीय लेखकों की रचनाएँ भी सम्मिलित की गई हैं। जिन लेखकों की रचनाएँ शामिल की गई हैं, उनमें तमिल के महान कवि सुब्रमण्यम भारती, नागा लेखिका टेमसुला आओ, प्रसिद्ध कवि रवीन्द्रनाथ टैगोर और असमिया उपन्यासकार मित्रा फुकन शामिल हैं।

एनसीईआरटी के अधिकारियों का कहना है कि नई पुस्तकों में भारतीय ज्ञान प्रणालियों (आईकेएस) को महत्व दिया गया है। वहीं, अंग्रेजी पाठ्यपुस्तक के 16 अध्यायों में से आठ अध्याय भारतीय लेखकों द्वारा लिखित हैं और छह अंतरराष्ट्रीय लेखक भी इस पुस्तक का हिस्सा हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि भारतीय साहित्य को भी आगे बढ़ाएंगे।
RashtraPress
4 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

एनसीईआरटी ने पाठ्यपुस्तकों में क्या बदलाव किए हैं?
एनसीईआरटी ने अंग्रेजी पाठ्यपुस्तकों में भारतीय लेखकों को प्राथमिकता दी है और अध्यायों की संख्या को घटाकर 16 किया है।
कक्षा 9 की नई पाठ्यपुस्तक का नाम क्या है?
कक्षा 9 की नई अंग्रेजी पाठ्यपुस्तक का नाम 'कावेरी' है।
कौन से प्रमुख भारतीय लेखकों की रचनाएँ शामिल की गई हैं?
इसमें सुधा मूर्ति , रवीन्द्रनाथ टैगोर , और सुब्रमण्यम भारती जैसे लेखकों की रचनाएँ शामिल हैं।
इस पाठ्यपुस्तक में कुल कितने अध्याय हैं?
इस पाठ्यपुस्तक में कुल 16 अध्याय हैं।
भारतीय ज्ञान प्रणाली का क्या महत्व है?
भारतीय ज्ञान प्रणाली का उद्देश्य छात्रों को अपनी सांस्कृतिक धरोहर से जोड़ना और स्वदेशी ज्ञान को बढ़ावा देना है।
राष्ट्र प्रेस
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