हंतावायरस: ऑस्ट्रेलिया ने MV होंडियस के 6 क्रूज यात्रियों की क्वारंटीन 23 जून तक बढ़ाई
सारांश
मुख्य बातें
पश्चिमी ऑस्ट्रेलिया में डच-फ्लैग वाले क्रूज जहाज MV होंडियस से जुड़े 6 यात्रियों की क्वारंटीन अवधि 23 जून 2026 तक बढ़ा दी गई है, क्योंकि इसी जहाज पर हंतावायरस संक्रमण के मामलों की पुष्टि हो चुकी है। स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार यह कदम वायरस के संभावित 42-दिवसीय इनक्यूबेशन पीरियड को पूरी तरह कवर करने के लिए उठाया गया है। अब तक सभी छह यात्रियों की जाँच रिपोर्ट नेगेटिव आई है और उनमें कोई लक्षण नहीं पाए गए हैं।
क्वारंटीन में कौन हैं ये यात्री
इन 6 यात्रियों में 4 ऑस्ट्रेलियाई नागरिक, 1 स्थायी निवासी और 1 न्यूज़ीलैंड नागरिक शामिल हैं। ये सभी 15 मई से पर्थ के निकट एक राष्ट्रीय क्वारंटीन केंद्र में रखे गए हैं। पहले निर्धारित अवधि समाप्त होने से पहले ही अधिकारियों ने एहतियात के तौर पर इनकी निगरानी 23 जून तक जारी रखने का निर्णय लिया।
सरकार और WHO की प्रतिक्रिया
ऑस्ट्रेलिया के स्वास्थ्य मंत्री मार्क बटलर ने बताया कि यह निर्णय सार्वजनिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों और विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की सलाह के आधार पर लिया गया है। अधिकारियों का कहना है कि देर से लक्षण उभरने की संभावना को पूरी तरह नकारा नहीं जा सकता, इसलिए पूरी सतर्कता बरती जा रही है।
WHO के महानिदेशक टेड्रोस अधानोम घेब्रेयेसस ने बताया कि इस प्रकोप में अब तक 3 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि शेष मरीजों की स्थिति फिलहाल स्थिर बताई जा रही है। WHO ने यह भी स्पष्ट किया है कि कुल सार्वजनिक जोखिम अभी भी कम है।
MV होंडियस और प्रकोप की स्थिति
डच-फ्लैग वाले इस क्रूज जहाज पर पहले भी संक्रमण के मामले सामने आ चुके हैं। ताज़ा जानकारी के अनुसार इस प्रकोप से जुड़े कुल मामलों की संख्या बढ़कर 13 हो गई है। गौरतलब है कि 2 मई के बाद से इस संक्रमण से किसी की मौत की पुष्टि नहीं हुई है।
हंतावायरस क्या है और यह कैसे फैलता है
हंतावायरस एक दुर्लभ लेकिन गंभीर बीमारी है, जो आमतौर पर संक्रमित कृंतकों (रोडेन्ट्स) या चूहों के संपर्क में आने से फैलती है। विशेषज्ञों के अनुसार मानव से मानव में इसका प्रसार बेहद कम मामलों में देखा गया है, जो इसे इन्फ्लूएंजा जैसे वायरसों से अलग बनाता है। यह ऐसे समय में आया है जब वैश्विक स्तर पर उभरते संक्रामक रोगों की निगरानी पर जोर बढ़ा है।
आगे क्या होगा
WHO की सिफारिश के अनुसार सभी संपर्क में आए यात्रियों की 42 दिनों तक निगरानी जारी रहेगी। स्वास्थ्य अधिकारियों ने संकेत दिया है कि यदि सभी रिपोर्ट नेगेटिव रहीं और कोई लक्षण नहीं उभरे, तो 23 जून के बाद इन यात्रियों को क्वारंटीन से मुक्त किया जा सकता है।