एमवी होंडियस क्रूज पर हंतावायरस: 3 की मौत, उत्तर कोरिया ने जारी की चेतावनी, 2 भारतीय सुरक्षित
सारांश
मुख्य बातें
अटलांटिक महासागर में चल रहे डच ध्वज वाले क्रूज जहाज एमवी होंडियस पर हंतावायरस के प्रकोप से तीन यात्रियों की मौत के बाद उत्तर कोरिया ने इस वायरस से उत्पन्न खतरे को लेकर अपने नागरिकों को सचेत किया है। इस बीच, स्पेन स्थित भारतीय दूतावास ने पुष्टि की है कि जहाज पर सवार दो भारतीय नागरिक पूरी तरह सुरक्षित हैं और उनमें संक्रमण के कोई लक्षण नहीं हैं।
मुख्य घटनाक्रम
अर्जेंटीना से रवाना हुआ एमवी होंडियस, जिसमें लगभग 150 लोग सवार थे, रविवार को स्पेन पहुँचा। हंतावायरस के प्रकोप के मद्देनजर जहाज को स्पेन के कैनरी द्वीप समूह के तट पर लंगर डाल दिया गया। जहाज पर सवार यात्री विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) और स्पेनिश अधिकारियों द्वारा स्थापित प्रोटोकॉल के अनुसार जहाज से उतरे।
अमेरिकी रोग नियंत्रण एवं रोकथाम केंद्र (CDC) ने इस प्रकोप के मद्देनजर स्तर-3 की आपातकालीन प्रतिक्रिया जारी की है और अपना आपातकालीन संचालन केंद्र सक्रिय कर दिया है।
भारतीय नागरिकों की स्थिति
चालक दल के सदस्य के रूप में यात्रा कर रहे दोनों भारतीय नागरिकों को नीदरलैंड ले जाया गया है, जहाँ उन्हें संबंधित स्वास्थ्य सुरक्षा प्रोटोकॉल के अनुसार क्वारंटाइन में रखा जाएगा। मैड्रिड स्थित भारतीय दूतावास ने बताया कि राजदूत स्पेनिश अधिकारियों और दोनों भारतीय नागरिकों के साथ लगातार संपर्क में हैं तथा स्थिति पर कड़ी नज़र रख रहे हैं।
उत्तर कोरिया की प्रतिक्रिया
सत्ताधारी वर्कर्स पार्टी के आधिकारिक समाचार पत्र रोडोंग सिमनुम ने सोमवार को अटलांटिक में चल रहे जहाज पर एंडीज क्षेत्र के वायरस के प्रकोप की खबर प्रकाशित की और इसे अंतर्राष्ट्रीय समुदाय के लिए चिंता का विषय बताया। अखबार ने जनता से संक्रमित चूहों के संपर्क को कम करने, घर और कार्यस्थल पर स्वच्छता बनाए रखने तथा व्यक्तिगत स्वच्छता का पालन करने का आग्रह किया।
यह कवरेज प्योंगयांग की कोविड-19 के प्रति उस प्रतिक्रिया की याद दिलाती है, जब उसने वायरस के प्रसार को रोकने के लिए वर्षों तक अपनी सीमाओं को सील कर दिया था। उस लॉकडाउन ने चीन और रूस जैसे प्रमुख व्यापारिक साझेदारों के साथ आर्थिक आदान-प्रदान को प्रभावी रूप से रोक दिया था और माना जाता है कि इससे उत्तर कोरियाई अर्थव्यवस्था को काफी नुकसान हुआ था।
हंतावायरस क्या है और खतरा क्यों
हंतावायरस मुख्यतः संक्रमित कृंतकों (चूहों) के मल, मूत्र या लार के संपर्क में आने से फैलता है। एंडीज हंतावायरस, जो दक्षिण अमेरिका में पाया जाता है, दुर्लभ मामलों में एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में भी फैल सकता है — यही विशेषता इसे विशेष रूप से चिंताजनक बनाती है। फिलहाल इस वायरस का कोई स्वीकृत टीका उपलब्ध नहीं है।
आगे क्या होगा
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, जहाज पर सवार शेष यात्रियों की निगरानी जारी रहेगी और स्पेनिश तथा अंतर्राष्ट्रीय स्वास्थ्य अधिकारी प्रकोप के स्रोत की जाँच कर रहे हैं। उत्तर कोरिया की इस त्वरित मीडिया प्रतिक्रिया से संकेत मिलता है कि प्योंगयांग किसी भी संभावित आयातित संक्रमण के प्रति पहले से सतर्क रहना चाहता है।