14 अगस्त 2026
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स्वतंत्रता दिवस 2026: राजस्थान DGP राजीव शर्मा ने कसी कमान, ड्रग्स-ड्रोन तस्करी पर बहु-एजेंसी निगरानी

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स्वतंत्रता दिवस 2026: राजस्थान DGP राजीव शर्मा ने कसी कमान, ड्रग्स-ड्रोन तस्करी पर बहु-एजेंसी निगरानी

सारांश

स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर राजस्थान DGP राजीव शर्मा ने सुरक्षा की कमान खुद संभाली — पाकिस्तान सीमा पर ड्रोन, ड्रग्स और हथियार तस्करी रोकने के लिए BSF, NCB और स्थानीय नागरिकों को एक साथ जोड़ा गया है। श्रीगंगानगर और बीकानेर में जन-भागीदारी से निगरानी तंत्र और मज़बूत हुआ है।

मुख्य बातें

राजस्थान के DGP राजीव शर्मा ने 14 अगस्त 2026 को स्वतंत्रता दिवस से पहले उच्चस्तरीय सुरक्षा समीक्षा बैठक की।
पाकिस्तान सीमा पर ड्रग्स तस्करी , हथियारों की सप्लाई और ड्रोन गतिविधियों पर बहु-एजेंसी निगरानी तेज़ की गई।
श्रीगंगानगर और बीकानेर में स्थानीय नागरिकों को संदिग्ध गतिविधियों की सूचना देने के लिए अभियान से जोड़ा गया।
BSF , इंटेलिजेंस एजेंसियाँ, राजस्थान पुलिस और NCB के समन्वित प्रयासों से ड्रोन तस्करी के मामलों में कमी का दावा।
संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त सतर्कता और तत्काल कार्रवाई के निर्देश जारी।

राजस्थान के पुलिस महानिदेशक (DGP) राजीव शर्मा ने 14 अगस्त 2026 को वरिष्ठ अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय सुरक्षा समीक्षा बैठक की, जिसमें स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर ड्रग्स तस्करी, हथियारों की सप्लाई और ड्रोन गतिविधियों पर केंद्रित बहु-एजेंसी निगरानी को और मज़बूत करने के निर्देश दिए गए। जयपुर से संचालित इस समन्वय अभियान में सीमा सुरक्षा बल (BSF), इंटेलिजेंस एजेंसियाँ और नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) शामिल हैं।

मुख्य घटनाक्रम

DGP राजीव शर्मा ने बताया कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के देशव्यापी नशामुक्ति अभियान की भावना के अनुरूप राजस्थान पुलिस हर स्तर पर नशे के खिलाफ कार्रवाई कर रही है। उन्होंने कहा कि जन-भागीदारी इस लड़ाई की सबसे बड़ी ताकत है — यदि जनता का सहयोग मिलता है तो पुलिस के प्रयास और अधिक प्रभावी होंगे।

बैठक में विशेष रूप से पाकिस्तान से सटे सीमावर्ती ज़िलों में नशे की तस्करी, हथियारों की सप्लाई और ड्रोन-आधारित घुसपैठ पर निगरानी की रणनीति पर विस्तृत चर्चा की गई।

सीमावर्ती ज़िलों में जन-भागीदारी

श्रीगंगानगर और बीकानेर पुलिस आम नागरिकों के साथ लगातार संपर्क में है। स्थानीय लोगों को संदिग्ध गतिविधियों की सूचना तत्काल पुलिस तक पहुँचाने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। DGP शर्मा के अनुसार, पुलिस और नागरिकों के बीच सूचना-साझेदारी के इस तंत्र से सीमा पार तस्करी पर प्रभावी कार्रवाई में उल्लेखनीय मदद मिली है।

यह ऐसे समय में आया है जब पश्चिमी सीमा पर ड्रोन के ज़रिए नशीले पदार्थों और हथियारों की तस्करी के मामले पिछले कुछ वर्षों में बढ़े हैं। गौरतलब है कि राजस्थान की पाकिस्तान से लगती सीमा लगभग 1,070 किलोमीटर लंबी है, जो इसे विशेष रूप से संवेदनशील बनाती है।

ड्रोन तस्करी में कमी का दावा

DGP राजीव शर्मा ने बताया कि सीमा सुरक्षा बल (BSF), इंटेलिजेंस एजेंसियों, राजस्थान पुलिस और नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) के समन्वित प्रयासों के कारण पाकिस्तान की ओर से आने वाले ड्रोन के मामलों में कमी दर्ज की गई है। हालाँकि, उन्होंने इस दावे के समर्थन में कोई विशिष्ट आँकड़ा सार्वजनिक नहीं किया।

सभी एजेंसियों को संदिग्ध गतिविधि की सूचना मिलने पर तत्काल कार्रवाई के स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं। संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त सतर्कता बरतने के आदेश भी जारी किए गए हैं।

सुरक्षा व्यवस्था की तैयारी

स्वतंत्रता दिवस समारोहों को ध्यान में रखते हुए राजस्थान पुलिस ने संवेदनशील स्थलों पर अतिरिक्त बल तैनात किया है। अधिकारियों को सुरक्षा व्यवस्था में किसी भी चूक की स्थिति में तत्काल प्रतिक्रिया देने के निर्देश दिए गए हैं।

आने वाले दिनों में राजस्थान पुलिस और केंद्रीय एजेंसियों के बीच समन्वय की यह प्रक्रिया जारी रहेगी, और सीमावर्ती ज़िलों में नागरिक-पुलिस सहयोग को और व्यापक बनाने की योजना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन ड्रोन तस्करी में 'कमी' का दावा बिना सत्यापन-योग्य आँकड़ों के अधूरा है — पिछले वर्षों में भी इसी तरह के दावे राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो के आँकड़ों से मेल नहीं खाए। नागरिक-भागीदारी मॉडल सराहनीय है, पर 1,070 किलोमीटर लंबी सीमा पर इसकी व्यापकता और स्थायित्व की असली परीक्षा त्योहार के बाद होगी। केंद्रीय गृह मंत्री के नशामुक्ति संदेश को राज्य-स्तर पर लागू करने की राजनीतिक इच्छाशक्ति दिखती है, लेकिन ज़मीनी प्रभाव मापने के लिए पारदर्शी डेटा सार्वजनिक होना चाहिए।
RashtraPress
14 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राजस्थान पुलिस ने स्वतंत्रता दिवस 2026 से पहले क्या तैयारियाँ की हैं?
DGP राजीव शर्मा की अध्यक्षता में 14 अगस्त 2026 को उच्चस्तरीय बैठक हुई, जिसमें ड्रग्स तस्करी, हथियारों की सप्लाई और ड्रोन गतिविधियों पर निगरानी के लिए BSF, NCB और इंटेलिजेंस एजेंसियों के साथ समन्वय मज़बूत किया गया। संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त बल तैनात किया गया है।
पाकिस्तान सीमा पर ड्रोन तस्करी रोकने के लिए क्या कदम उठाए गए हैं?
BSF लगातार निगरानी कर रहा है और राजस्थान पुलिस, NCB तथा इंटेलिजेंस एजेंसियों के समन्वित प्रयासों से ड्रोन तस्करी के मामलों में कमी का दावा किया गया है। श्रीगंगानगर और बीकानेर में स्थानीय नागरिकों को भी संदिग्ध गतिविधियों की सूचना देने के लिए अभियान से जोड़ा गया है।
श्रीगंगानगर और बीकानेर में नागरिकों की क्या भूमिका है?
इन दोनों सीमावर्ती ज़िलों में पुलिस ने स्थानीय नागरिकों को तस्करी-रोधी अभियान से जोड़ा है। नागरिकों को संदिग्ध गतिविधियों की सूचना तत्काल पुलिस तक पहुँचाने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है, जिससे सूचना-तंत्र मज़बूत हुआ है।
DGP राजीव शर्मा ने ड्रग्स के खिलाफ लड़ाई में किसकी भागीदारी पर जोर दिया?
DGP शर्मा ने कहा कि जनता का सहयोग इस लड़ाई में सबसे महत्वपूर्ण है। उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के नशामुक्ति अभियान का हवाला देते हुए कहा कि राज्य सरकार और पुलिस हर स्तर पर नशे के खिलाफ कार्रवाई कर रही है।
राजस्थान की पाकिस्तान से लगती सीमा पर सुरक्षा क्यों चुनौतीपूर्ण है?
राजस्थान की पाकिस्तान से लगती सीमा लगभग 1,070 किलोमीटर लंबी है, जो इसे ड्रग्स, हथियार और ड्रोन-आधारित तस्करी के लिहाज़ से विशेष रूप से संवेदनशील बनाती है। इतनी लंबी सीमा की निगरानी के लिए BSF, पुलिस और स्थानीय नागरिकों के समन्वित प्रयास ज़रूरी हैं।
राष्ट्र प्रेस
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