क्या उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने चेन्नई दौरे पर 'विकसित भारत' के लिए युवाओं को सफलता का मंत्र दिया?
सारांश
Key Takeaways
- उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन का तमिलनाडु दौरा महत्वपूर्ण है।
- युवाओं को विकसित भारत के लिए प्रेरित किया गया।
- ईमानदारी और लचीलापन सफलता की कुंजी हैं।
चेन्नई, 2 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। भारत के उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने शुक्रवार को चेन्नई और वेल्लोर में विभिन्न कार्यक्रमों के लिए दो दिन की यात्रा पर तमिलनाडु पहुंचे। इस अवसर पर उन्होंने एक विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में हिस्सा लिया।
चेन्नई एयरपोर्ट पर उन्हें तमिलनाडु के राज्यपाल आरएन रवि, सूचना एवं प्रसारण और संसदीय मामलों के केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ. एलमुरुगन, और तमिलनाडु के उपमुख्यमंत्री उदयनिधि स्टालिन समेत अन्य सम्मानित व्यक्तियों ने गर्मजोशी से स्वागत किया। एयरपोर्ट पर उपराष्ट्रपति को गार्ड ऑफ ऑनर भी दिया गया।
उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने डॉ. एमजीआर एजुकेशनल एंड रिसर्च इंस्टीट्यूट के 34वें दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित किया।
उन्होंने 'विकसित भारत 2047' की दिशा में युवाओं की महत्वपूर्ण भूमिका पर जोर देते हुए, एआई और उभरती टेक्नोलॉजी के युग में निरंतर सीखने, नैतिक मूल्यों और अनुकूलन क्षमता का महत्व बताया। उन्होंने ग्रेजुएट छात्रों से ईमानदारी, लचीलेपन और राष्ट्र सेवा की भावना के साथ उत्कृष्टता प्राप्त करने का आग्रह किया।
भाजपा प्रदेश सचिव विनोज पी सेल्वम ने राष्ट्र प्रेस से बात करते हुए कहा, "हम गर्वित हैं कि तमिलनाडु का एक व्यक्ति, जो हमारी भाषा बोलता है, उपराष्ट्रपति के पद पर है। उनका दौरा तमिलनाडु के लिए लाभकारी होगा।"
उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन नागरिक अभिनंदन और वेल्लोर में एक मंदिर के स्वर्ण जयंती समारोह में शामिल होंगे। शाम को वे चेन्नई के कलैवनार अरंगम में सार्वजनिक स्वागत समारोह में भाग लेंगे।
शनिवार को उपराष्ट्रपति वेल्लोर स्थित स्वर्ण मंदिर में श्री शक्ति अम्मा की 50वीं स्वर्ण जयंती समारोह में शामिल होंगे। इसके बाद वे चेन्नई के त्रिप्लिकेन में 9वें सिद्ध दिवस समारोह में भी भाग लेंगे। उपराष्ट्रपति के दौरे से पहले सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। जिस भी मार्ग से वे जाएंगे, वहां सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं।