पश्चिम बंगाल को ₹1 लाख करोड़ की रेल परियोजनाएँ: भाजपा नेताओं ने बताया विकास का नया अध्याय
सारांश
मुख्य बातें
पश्चिम बंगाल में ₹1 लाख करोड़ की रेल परियोजनाओं की घोषणा के बाद भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेताओं और कार्यकर्ताओं में उत्साह की लहर है। 6 जून 2026 को कोलकाता स्थित राज्य सचिवालय नबन्ना में केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव और मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के बीच हुई बैठक के बाद यह घोषणा सामने आई। भाजपा नेताओं ने इसे बंगाल के विकास में एक ऐतिहासिक मोड़ और 'डबल इंजन सरकार' की पहली बड़ी उपलब्धि बताया है।
मुख्य घटनाक्रम
भाजपा नेता अरुण हल्दर ने इस फैसले को ऐतिहासिक करार देते हुए कहा कि किसी भी सरकार के गठन के महज एक महीने के भीतर रेलवे विभाग के साथ मिलकर इतनी बड़ी योजना तैयार करना अभूतपूर्व है। उनके अनुसार, पूर्ववर्ती सरकारों की नीतियों के कारण बंगाल के विकास की गति बाधित रही, लेकिन अब राज्य एक नए दौर की ओर बढ़ेगा।
भाजपा विधायक सुब्रत ठाकुर ने बैठक को अत्यंत महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि भूमि अधिग्रहण और प्रशासनिक मंजूरियों के अभाव में कई रेल परियोजनाएँ वर्षों से लंबित थीं। बैठक में इन सभी मुद्दों पर विस्तृत चर्चा हुई और ठोस समाधान की दिशा में कदम उठाए जाने की बात कही गई। उन्होंने विशेष रूप से चिंगरीघाटा परियोजना का उल्लेख किया, जो कथित तौर पर पिछले दो वर्षों से अटकी हुई थी।
बैठक में क्या हुआ
भाजपा नेता संजय सिंह ने बताया कि बैठक में सभी जिलाधिकारियों को ऑनलाइन माध्यम से जोड़ा गया और प्रत्येक परियोजना की व्यक्तिगत समीक्षा की गई। उन्होंने कहा कि राज्य को बुलेट ट्रेन जैसी महत्वाकांक्षी परियोजनाओं का लाभ भी मिलेगा और रेलवे से जुड़े बड़े निवेश आने वाले समय में दिखाई देंगे। उनके अनुसार, अगले एक वर्ष में केंद्र और राज्य सरकार मिलकर रेल अवसंरचना के क्षेत्र में अभूतपूर्व कार्य करेंगी।
भाजपा नेताओं की प्रतिक्रिया
भाजपा नेता अशोक कीर्तनिया ने कहा कि सरकार बने अभी एक महीना भी पूरा नहीं हुआ और ₹1 लाख करोड़ की परियोजनाओं की घोषणा हो चुकी है। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले डेढ़ दशक में जिन परियोजनाओं को पूरा नहीं होने दिया गया, उन्हें अब प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ाया जाएगा। उनके अनुसार, बंगाल के सभी जिलों और विधानसभा क्षेत्रों को बेहतर रेल संपर्क से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा।
भाजपा नेता शंकर गुच्छैत ने दावा किया कि ₹1 लाख करोड़ की रेल परियोजनाओं जैसी घोषणा किसी भी राज्य के लिए असाधारण है। उनके अनुसार रेलवे विस्तार, नए ओवरब्रिज, अंडरपास, रेल संपर्क मार्ग और अन्य आधारभूत संरचना परियोजनाएँ राज्य के विभिन्न हिस्सों में शुरू की जाएंगी।
आम जनता पर असर
यह ऐसे समय में आया है जब पश्चिम बंगाल में रेल संपर्क की कमी लंबे समय से एक बड़ी समस्या रही है। केंद्र और राज्य सरकार के बीच बेहतर समन्वय से न केवल लंबित परियोजनाएँ पूरी होंगी, बल्कि नए रोज़गार के अवसर भी पैदा होने की उम्मीद है। गौरतलब है कि मेट्रो विस्तार और रेलवे कनेक्टिविटी से लाखों यात्रियों की दैनिक आवाजाही सुगम होगी।
क्या होगा आगे
भाजपा नेताओं के अनुसार, परियोजनाओं के क्रियान्वयन की जिम्मेदारी अब राज्य सरकार पर है। केंद्र-राज्य समन्वय के तहत प्रत्येक परियोजना की नियमित समीक्षा की जाएगी। आने वाले महीनों में ज़मीनी स्तर पर काम शुरू होने की उम्मीद जताई जा रही है, हालाँकि भूमि अधिग्रहण जैसी चुनौतियाँ अभी भी बनी हुई हैं।