पश्चिम बंगाल पुलिस में बड़ा फेरबदल: 179 आईपीएस अधिकारियों का तबादला, 12 एसपी बदले
सारांश
मुख्य बातें
पश्चिम बंगाल सरकार ने सोमवार, 8 जून 2026 को राज्य पुलिस प्रशासन में व्यापक फेरबदल करते हुए 179 आईपीएस अधिकारियों के तबादले का आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी किया। इस बड़े प्रशासनिक बदलाव में लगभग 12 पुलिस अधीक्षकों (एसपी) को नई तैनाती दी गई है, जिनमें डायमंड हार्बर पुलिस जिले के एसपी भी शामिल हैं — एक ऐसा क्षेत्र जो तृणमूल कांग्रेस (TMC) नेता अभिषेक बनर्जी के लोकसभा क्षेत्र डायमंड हार्बर के अंतर्गत आता है।
मुख्य तबादले और नई नियुक्तियाँ
बीरभूम जिले के पुलिस अधीक्षक सूर्य प्रताप यादव को उनके पद से हटाकर कोलकाता पुलिस के संयुक्त सीपी (प्रशासन) का प्रभार सौंपा गया है। जलपाईगुड़ी के एसपी अमरनाथ के. को पदोन्नति देते हुए उत्तर बंगाल के इंटेलिजेंस ब्यूरो का डीआईजी नियुक्त किया गया है।
पुरुलिया के एसपी वैभव तिवारी को कोलकाता पुलिस का संयुक्त सीपी (सशस्त्र पुलिस) बनाया गया है। बारासात पुलिस जिले की अधीक्षक पुष्पा को पूर्वी बर्दवान स्थानांतरित किया गया है, जबकि बांकुड़ा के एसपी सौमादित्य भट्टाचार्य को मालदा स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) का प्रभार दिया गया है।
दक्षिण दिनाजपुर के पुलिस अधीक्षक चिन्मय मित्तल का भी तबादला किया गया है। हुगली ग्रामीण एसपी कुमार सनी राज को पुरुलिया का प्रभार सौंपा गया है। बारुईपुर पुलिस जिले के अधीक्षक शुवेंद्र कुमार को कोलकाता पुलिस की वायरलेस शाखा का प्रभार दिया गया है।
डायमंड हार्बर और एसटीएफ में बदलाव
डायमंड हार्बर पुलिस जिले की एसपी ईशानी पाल ने कोलकाता पुलिस के दक्षिण-पश्चिम क्षेत्र के डीसीपी का पदभार संभाल लिया है। बंगाल एसटीएफ के अधीक्षक पारिजात विश्वास को प्रवर्तन शाखा में भेजा गया है। पूर्वी बर्दवान के एसपी सायक दास का भी तबादला किया गया है।
वरिष्ठ अधिकारियों की नई जिम्मेदारियाँ
बंगाल एसटीएफ के डीआईजी सुधीर कुमार नीलकंठम को पश्चिम बंगाल पुलिस की काउंटर इंसर्जेंसी फोर्स (सीआईएफ) के महानिरीक्षक (आईजी) का प्रभार सौंपा गया है। कोलकाता पुलिस की सशस्त्र पुलिस के संयुक्त सीपी शुभंकर भट्टाचार्य को ट्रैफिक डीआईजी का प्रभार दिया गया है।
राजनीतिक संदर्भ और आगे की राह
यह फेरबदल सुवेंदु अधिकारी सरकार के सत्ता में आने के बाद प्रशासनिक स्तर पर पहला बड़ा पुनर्गठन माना जा रहा है। गौरतलब है कि डायमंड हार्बर जिले में बदलाव राजनीतिक दृष्टि से संवेदनशील माना जा रहा है, क्योंकि यह क्षेत्र TMC के प्रमुख नेता अभिषेक बनर्जी का संसदीय क्षेत्र है। आने वाले दिनों में यह देखना महत्त्वपूर्ण होगा कि नई तैनाती से राज्य की कानून-व्यवस्था और खुफिया तंत्र पर क्या प्रभाव पड़ता है।