क्या महाराष्ट्र डिजिटल, पारदर्शी और नागरिक-हितैषी दिशा में आगे बढ़ रहा है?

सारांश
Key Takeaways
- ई-गवर्नेंस में सुधार पर जोर
- सरकारी सेवाओं की पारदर्शिता
- नागरिकों के लिए सरलता और सुलभता
- नई तकनीकी पहल
- 150 दिवसीय कार्यक्रम में सफलता के लिए प्रयास
मुंबई, 29 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने शुक्रवार को ई-गवर्नेंस और सरकारी सेवाओं में सुधार पर केंद्रित '150 दिवसीय कार्य योजना' कार्यक्रम की अध्यक्षता की। उन्होंने इस अभियान में भाग लेने वाले विभागों और कार्यालयों की अंतरिम प्रगति के संबंध में एक समीक्षा बैठक की।
सीएम देवेंद्र फडणवीस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट कर कहा कि महाराष्ट्र डिजिटल, पारदर्शी और नागरिक-हितैषी की ओर बढ़ रहा है। मुंबई के सह्याद्री गेस्ट हाउस में 150 दिवसीय कार्यक्रम के अंतर्गत ई-गवर्नेंस सुधार अभियान में भाग लेने वाले विभागों और कार्यालयों की अंतरिम प्रगति की समीक्षा की गई।
उन्होंने कहा कि इस अभियान में हमारी सरकार, ई-ऑफिस, डैशबोर्ड, नई परियोजनाएं, वेबसाइट उन्नयन और आपदा प्रबंधन तैयारी जैसी महत्वपूर्ण पहल शामिल हैं। अधिकारियों को न केवल नई अवधारणाओं को लाने, बल्कि उनकी निरंतरता और प्रभावी कार्यान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि एक ऐसा मजबूत तंत्र बनाने के निर्देश दिए गए जो नागरिकों को सरकारी सेवाओं से सीधे जोड़े, जिससे तेज, पारदर्शी और सुलभ वितरण सुनिश्चित हो सके। इस बात पर भी जोर दिया गया कि महाराष्ट्र को इस 150-दिवसीय कार्यक्रम के अंतर्गत अधिकतम परिणाम प्राप्त करने होंगे, विशेष रूप से शासन में प्रौद्योगिकी को अपनाने में। इसके लिए कुशल जनशक्ति और व्यवस्थित प्रयास करने के निर्देश दिए गए हैं।
उन्होंने कहा कि सभी को 150 दिवसीय कार्यक्रम के अंतर्गत अधिकतम लक्ष्य पूरे करने के स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं, ताकि एक आधुनिक, कुशल और नागरिक-हितैषी प्रशासन की नींव और मजबूत हो सके। इस अवसर पर विभिन्न विभागों के सचिव, संबंधित जिलों के जिला कलेक्टर, नगर आयुक्त और वरिष्ठ पुलिस अधिकारी उपस्थित थे।