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राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा संशोधन विधेयक 2026 का मसौदा जारी, AAY परिवारों को मिलेगा 7 किलो प्रति व्यक्ति अनाज

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राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा संशोधन विधेयक 2026 का मसौदा जारी, AAY परिवारों को मिलेगा 7 किलो प्रति व्यक्ति अनाज

सारांश

दशकों पुरानी परिवार-आधारित खाद्यान्न व्यवस्था में बदलाव की तैयारी है। सरकार ने NFSA संशोधन विधेयक 2026 का मसौदा जारी कर AAY लाभार्थियों के लिए 7 किलो प्रति व्यक्ति प्रति माह का प्रस्ताव रखा है — ताकि बड़े गरीब परिवारों को न्यायसंगत हिस्सा मिले। 13 जुलाई तक जनता से सुझाव माँगे गए हैं।

मुख्य बातें

केंद्र सरकार ने 8 जुलाई 2026 को राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा (संशोधन) विधेयक, 2026 का मसौदा जारी किया।
प्रस्ताव के अनुसार AAY लाभार्थियों को अब 7 किलोग्राम प्रति व्यक्ति प्रति माह अनाज मिलेगा, अधिकतम सीमा 35 किलोग्राम प्रति परिवार बनी रहेगी।
मौजूदा व्यवस्था में AAY परिवारों को परिवार-आधारित 35 किलोग्राम मिलता है, जिससे बड़े परिवारों को प्रति व्यक्ति कम अनाज मिलता है।
प्रस्तावित हाइब्रिड मॉडल प्रति व्यक्ति और प्रति परिवार दोनों आधारों को संतुलित करेगा।
नागरिक अपने सुझाव 13 जुलाई 2026 तक निर्धारित ईमेल पतों पर भेज सकते हैं।

केंद्र सरकार ने 8 जुलाई 2026 को राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा (संशोधन) विधेयक, 2026 का मसौदा सार्वजनिक किया, जिसका उद्देश्य राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA), 2013 के तहत अंत्योदय अन्न योजना (AAY) के लाभार्थी परिवारों के बीच खाद्यान्न वितरण में दशकों से चली आ रही असमानताओं को समाप्त करना है। सरकार ने इस मसौदे पर आम जनता, विशेषज्ञों और हितधारकों से 13 जुलाई 2026 तक सुझाव आमंत्रित किए हैं।

मौजूदा व्यवस्था में क्या है खामी

वर्तमान प्रावधान के अनुसार, अंत्योदय अन्न योजना के लाभार्थियों को — जो देश के सबसे गरीब परिवारों की श्रेणी में आते हैं — प्रति परिवार प्रति माह 35 किलोग्राम खाद्यान्न दिया जाता है, चाहे परिवार में सदस्यों की संख्या कितनी भी हो। वहीं, प्राथमिकता श्रेणी (Priority Household) के लाभार्थियों को 5 किलोग्राम प्रति व्यक्ति प्रति माह का लाभ मिलता है।

इस परिवार-आधारित ढाँचे की सबसे बड़ी विसंगति यह है कि छोटे परिवारों को प्रति व्यक्ति अधिक अनाज मिलता है, जबकि बड़े परिवारों में प्रति सदस्य मिलने वाली मात्रा प्राथमिकता श्रेणी से भी कम पड़ जाती है। खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग के दस्तावेज़ों के अनुसार, इसी असंतुलन ने वितरण की निष्पक्षता और पोषण सुरक्षा पर सवाल खड़े किए हैं।

प्रस्तावित संशोधन: हाइब्रिड मॉडल की ओर कदम

मसौदा विधेयक में पूरी तरह परिवार-आधारित व्यवस्था की जगह एक हाइब्रिड मॉडल लागू करने का प्रस्ताव है, जिसमें प्रति व्यक्ति और प्रति परिवार — दोनों आधारों को संतुलित किया जाएगा। प्रस्ताव के अनुसार, AAY परिवार के प्रत्येक सदस्य को अब 7 किलोग्राम प्रति माह खाद्यान्न निर्धारित दरों पर मिलेगा। हालाँकि, किसी भी AAY परिवार को एक माह में अधिकतम 35 किलोग्राम से अधिक अनाज नहीं दिया जाएगा, जिससे छोटे परिवारों को जरूरत से अधिक लाभ मिलने पर भी अंकुश लगेगा।

यह ऐसे समय में आया है जब देशभर में कल्याणकारी योजनाओं में समानता और पोषण सुरक्षा को लेकर बहस तेज़ हो रही है। गौरतलब है कि NFSA 2013 के लागू होने के बाद से इसमें कोई बड़ा संरचनात्मक संशोधन नहीं हुआ है।

किसे होगा सबसे ज़्यादा फायदा

यदि यह संशोधन लागू होता है, तो सबसे अधिक लाभ AAY श्रेणी के बड़े परिवारों को मिलेगा, जिनके सदस्यों को अब तक प्रति व्यक्ति कम अनाज मिल रहा था। 5 से अधिक सदस्यों वाले परिवारों में प्रति व्यक्ति आवंटन पहले की तुलना में बेहतर होगा और यह प्राथमिकता श्रेणी के 5 किलोग्राम से अधिक — 7 किलोग्राम — होगा। सरकार का कहना है कि इससे खाद्यान्न वितरण लोगों की पोषण संबंधी वास्तविक जरूरतों के अनुरूप बनेगा।

क्रियान्वयन की चुनौतियाँ

विशेषज्ञों के अनुसार, इस नई व्यवस्था को ज़मीन पर उतारने के लिए सरकार को खरीद, वितरण और निगरानी तंत्र में भी समानांतर बदलाव करने होंगे। डेटाबेस में परिवार के सदस्यों की सटीक संख्या दर्ज करना और उसे नियमित रूप से अद्यतन रखना भी एक बड़ी प्रशासनिक चुनौती होगी। राशन कार्ड प्रणाली और आधार-आधारित पहचान के साथ इस हाइब्रिड मॉडल का एकीकरण सुनिश्चित करना आवश्यक होगा।

सुझाव कैसे और कब तक दें

इच्छुक नागरिक, विशेषज्ञ और संगठन अपने सुझाव 13 जुलाई 2026 तक ईमेल के माध्यम से suneel.sachdeva@nic.in और saurabhomar.edu@gov.in पर भेज सकते हैं। सरकार का उद्देश्य नीति निर्माण प्रक्रिया में व्यापक जन-भागीदारी सुनिश्चित करना है। सुझावों के आधार पर अंतिम मसौदा तैयार किया जाएगा और फिर इसे संसद में पेश किया जाएगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

जिसे बिना ठीक किए हाइब्रिड मॉडल कागज़ पर ही रहेगा। यह भी ध्यान देने योग्य है कि 'अधिकतम 35 किलोग्राम' की सीमा बड़े परिवारों के लिए लाभ की वास्तविक वृद्धि को सीमित कर सकती है — जो कि इस सुधार का मूल उद्देश्य था। जन-सुझाव प्रक्रिया स्वागतयोग्य है, परंतु महज़ 5 दिन की परामर्श अवधि इसे सार्थक भागीदारी से ज़्यादा औपचारिकता बनाती है।
RashtraPress
8 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा संशोधन विधेयक 2026 क्या है?
यह केंद्र सरकार द्वारा 8 जुलाई 2026 को जारी किया गया मसौदा विधेयक है, जो NFSA 2013 में संशोधन कर अंत्योदय अन्न योजना के लाभार्थियों को परिवार-आधारित की जगह 7 किलोग्राम प्रति व्यक्ति प्रति माह खाद्यान्न देने का प्रस्ताव करता है। इसका उद्देश्य खाद्यान्न वितरण में मौजूद असमानता को दूर करना और पोषण सुरक्षा को मज़बूत बनाना है।
AAY और प्राथमिकता श्रेणी के बीच मौजूदा असमानता क्या है?
वर्तमान में AAY परिवारों को प्रति परिवार 35 किलोग्राम अनाज मिलता है, जबकि प्राथमिकता श्रेणी को 5 किलोग्राम प्रति व्यक्ति मिलता है। इससे बड़े AAY परिवारों में प्रति व्यक्ति अनाज की मात्रा प्राथमिकता श्रेणी से भी कम हो जाती है, जो देश के सबसे गरीब परिवारों के साथ अन्याय है।
प्रस्तावित बदलाव से किन परिवारों को सबसे अधिक फायदा होगा?
5 से अधिक सदस्यों वाले AAY परिवारों को सबसे अधिक लाभ मिलेगा, क्योंकि उनका प्रति व्यक्ति आवंटन 7 किलोग्राम तक बढ़ जाएगा। छोटे परिवारों के लिए अधिकतम 35 किलोग्राम की सीमा बनी रहेगी, जिससे अत्यधिक लाभ पर भी अंकुश लगेगा।
इस मसौदे पर सुझाव कैसे और कब तक दे सकते हैं?
नागरिक, विशेषज्ञ और संगठन अपने सुझाव 13 जुलाई 2026 तक ईमेल के माध्यम से suneel.sachdeva@nic.in और saurabhomar.edu@gov.in पर भेज सकते हैं। सरकार का उद्देश्य नीति निर्माण में व्यापक जन-भागीदारी सुनिश्चित करना है।
इस संशोधन को लागू करने में क्या चुनौतियाँ हैं?
हाइब्रिड मॉडल को लागू करने के लिए राशन कार्ड डेटाबेस में परिवार के सदस्यों की सटीक और अद्यतन जानकारी अनिवार्य होगी। इसके साथ ही खरीद, वितरण और निगरानी तंत्र में भी बड़े बदलाव करने होंगे, जो क्रियान्वयन को जटिल बना सकते हैं।
राष्ट्र प्रेस
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