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सार्थक पीडीएस योजना को कैबिनेट की मंजूरी: ₹25,530 करोड़ से 81 करोड़ लाभार्थियों को मिलेगा फायदा

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सार्थक पीडीएस योजना को कैबिनेट की मंजूरी: ₹25,530 करोड़ से 81 करोड़ लाभार्थियों को मिलेगा फायदा

सारांश

केंद्रीय कैबिनेट ने ₹25,530 करोड़ की सार्थक पीडीएस योजना को हरी झंडी दी — यह सिर्फ राशन परिवहन सहायता नहीं, बल्कि एआई, ब्लॉकचेन और एमएल से लैस पीडीएस का कायाकल्प है। 81 करोड़ से ज़्यादा लाभार्थियों के लिए यह 2031 तक लागू रहेगी।

मुख्य बातें

सीसीईए ने 27 मई 2026 को सार्थक पीडीएस योजना को अगले 5 वर्षों के लिए मंजूरी दी।
केंद्र सरकार का परिव्यय ₹25,530 करोड़ ; योजना 31 मार्च 2031 तक संचालित रहेगी।
81.35 करोड़ एनएफएसए लाभार्थियों को सुनिश्चित खाद्यान्न आपूर्ति का लाभ मिलेगा।
एआई, एमएल, एनएलपी और ब्लॉकचेन के ज़रिए पीडीएस संचालन का तकनीकी आधुनिकीकरण किया जाएगा।
स्मार्ट पीडीएस पहले से 36 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में 1 अप्रैल 2023 से सक्रिय है।
एफपीएस डीलरों के मार्जिन और राज्यों को केंद्रीय सहायता के मानदंड संशोधित किए गए।

केंद्रीय आर्थिक मामलों की कैबिनेट समिति (सीसीईए) ने बुधवार, 27 मई 2026 को सार्थक पीडीएस — सार्वजनिक वितरण प्रणाली में राशन परिवहन, हैंडलिंग और स्वचालन के लिए सहायता योजना — को अगले पाँच वर्षों के लिए एक 'अम्ब्रेला योजना' के रूप में जारी रखने की मंजूरी दे दी। इस योजना के लिए केंद्र सरकार की हिस्सेदारी के तौर पर ₹25,530 करोड़ का परिव्यय निर्धारित किया गया है। यह योजना 31 मार्च 2031 तक संचालित रहेगी और राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (एनएफएसए) के तहत आने वाले 81.35 करोड़ लाभार्थियों को कवर करेगी।

योजना में क्या शामिल है

एक आधिकारिक बयान के अनुसार, सार्थक पीडीएस दो प्रमुख घटकों को एकीकृत करती है — राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को खाद्यान्नों के अंतर-राज्यीय आवागमन, हैंडलिंग और उचित मूल्य दुकान (एफपीएस) डीलरों के मार्जिन के लिए वित्तीय सहायता, और स्मार्ट पीडीएस के तहत प्रौद्योगिकी-आधारित आधुनिकीकरण। सीसीईए ने इसके साथ ही राज्यों को दी जाने वाली केंद्रीय सहायता के मानदंडों को संशोधित करने और मौजूदा फंडिंग पैटर्न को जारी रखने का भी निर्णय लिया।

तकनीकी आधुनिकीकरण की रूपरेखा

योजना के अंतर्गत कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), मशीन लर्निंग (एमएल), स्वाभाविक भाषा प्रसंस्करण (एनएलपी) और ब्लॉकचेन जैसी उन्नत तकनीकों के ज़रिए पीडीएस संचालन को आधुनिक बनाने का लक्ष्य है। इसके लिए तत्क्षण निगरानी हेतु एकीकृत डेटाबेस, एआई-संचालित शिकायत प्रणाली, राज्य कमांड नियंत्रण केंद्र और आईएसओ-प्रमाणित प्रसंस्करण संरचनाएँ तैयार की जाएंगी।

डिजिटलीकरण की पृष्ठभूमि

गौरतलब है कि 1 अप्रैल 2023 से स्मार्ट पीडीएस योजना 36 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में लागू है, जिसके तहत राशन कार्डों का पूर्ण डिजिटलीकरण, आधार सीडिंग, ई-पीओएस के माध्यम से एफपीएस स्वचालन और कम्प्यूटरीकृत आपूर्ति-श्रृंखला प्रबंधन किया जा चुका है। केंद्र सरकार ने पिछले एक दशक में टीपीडीएस के कम्प्यूटरीकरण, मेरा राशन, अन्न मित्र और अन्न सहायता जैसी नागरिक-केंद्रित पहलें भी लागू की हैं।

आम जनता पर असर

यह योजना एनएफएसए के तहत देश के 81.35 करोड़ व्यक्तियों को गुणवत्तापूर्ण खाद्यान्न की सुनिश्चित आपूर्ति सुनिश्चित करने की दिशा में काम करेगी। सार्थक पीडीएस का उद्देश्य अंतिम दूरी तक वितरण सुनिश्चित करना, लीकेज कम करना और खाद्य सुरक्षा के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को मज़बूत करना है। यह ऐसे समय में आया है जब राशन वितरण में पारदर्शिता और दक्षता की माँग लगातार बढ़ रही है।

आगे की राह

योजना 16वें वित्त आयोग की आबंटन अवधि के अनुरूप तैयार की गई है। एकीकृत ढाँचे के तहत वित्तीय सहायता और तकनीकी सुधार दोनों को एक साथ आगे बढ़ाया जाएगा, जिससे पीडीएस को अधिक नागरिक-केंद्रित, अंतरसंचालनीय और डेटा-आधारित प्रणाली में बदला जा सके।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन पिछले एक दशक की डिजिटलीकरण पहलों के बावजूद राशन लीकेज और फर्जी लाभार्थियों की समस्या पूरी तरह नहीं सुलझी है। असली कसौटी यह है कि क्या एकीकृत ढाँचा राज्यों की असमान क्षमता को देखते हुए समान रूप से लागू हो पाएगा। ₹25,530 करोड़ का परिव्यय बड़ा है, पर बिना स्वतंत्र ऑडिट और सत्यापन-योग्य लीकेज-कटौती के लक्ष्यों के, यह योजना भी पिछली पहलों की तरह कागज़ी उपलब्धि बनकर रह सकती है।
RashtraPress
12 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सार्थक पीडीएस योजना क्या है?
सार्थक पीडीएस — सार्वजनिक वितरण प्रणाली में राशन परिवहन, हैंडलिंग और स्वचालन के लिए सहायता योजना — एक केंद्रीय अम्ब्रेला योजना है जिसे 27 मई 2026 को ₹25,530 करोड़ के परिव्यय के साथ अगले पाँच वर्षों के लिए मंजूरी दी गई है। यह एनएफएसए के तहत 81.35 करोड़ लाभार्थियों को खाद्यान्न वितरण सुनिश्चित करने और पीडीएस को तकनीकी रूप से आधुनिक बनाने के लिए काम करेगी।
इस योजना से किसे फायदा होगा?
राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (एनएफएसए) के तहत आने वाले देश के 81.35 करोड़ व्यक्तियों को इस योजना का सीधा लाभ मिलेगा। इसके अलावा, उचित मूल्य दुकान (एफपीएस) डीलरों को संशोधित मार्जिन सहायता और राज्य एजेंसियों को बेहतर केंद्रीय सहायता मिलेगी।
सार्थक पीडीएस में कौन-सी नई तकनीकें शामिल होंगी?
योजना के अंतर्गत कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), मशीन लर्निंग (एमएल), स्वाभाविक भाषा प्रसंस्करण (एनएलपी) और ब्लॉकचेन तकनीक का उपयोग किया जाएगा। इसके साथ ही एआई-संचालित शिकायत प्रणाली, राज्य कमांड नियंत्रण केंद्र और आईएसओ-प्रमाणित प्रसंस्करण संरचनाएँ भी स्थापित की जाएंगी।
यह योजना कब तक लागू रहेगी?
सार्थक पीडीएस योजना 31 मार्च 2031 तक संचालित रहेगी। इसे 16वें वित्त आयोग की आबंटन अवधि के अनुरूप तैयार किया गया है।
स्मार्ट पीडीएस और सार्थक पीडीएस में क्या अंतर है?
स्मार्ट पीडीएस एक पुरानी योजना है जो 1 अप्रैल 2023 से 36 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में राशन कार्डों के डिजिटलीकरण और ई-पीओएस स्वचालन पर केंद्रित थी। सार्थक पीडीएस इसे वित्तीय सहायता घटक के साथ एकीकृत करती है और एआई व ब्लॉकचेन जैसी उन्नत तकनीकों को जोड़कर एक व्यापक अम्ब्रेला योजना के रूप में काम करेगी।
राष्ट्र प्रेस
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