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क्या कैबिनेट ने पीएम स्वनिधि योजना के पुनर्गठन और 31 मार्च 2030 तक विस्तार को मंजूरी दी?

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क्या कैबिनेट ने पीएम स्वनिधि योजना के पुनर्गठन और 31 मार्च 2030 तक विस्तार को मंजूरी दी?

सारांश

प्रधानमंत्री स्ट्रीट वेंडर्स आत्मनिर्भर निधि (पीएम स्वनिधि) योजना के पुनर्गठन को मंजूरी मिली है। इस योजना का उद्देश्य 50 लाख नए लाभार्थियों को जोड़ना और 31 मार्च, 2030 तक विस्तार करना है। जानें कैसे यह योजना रेहड़ी-पटरी वालों के लिए आर्थिक सशक्तिकरण का माध्यम बनेगी।

मुख्य बातें

पीएम स्वनिधि योजना का पुनर्गठन और विस्तार लाभार्थियों की संख्या 50 लाख ऋण की बढ़ी हुई राशि डिजिटल लेनदेन पर कैशबैक उद्यमिता और वित्तीय साक्षरता पर जोर

नई दिल्ली, 27 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने बुधवार को पीएम स्ट्रीट वेंडर्स आत्मनिर्भर निधि (पीएम स्वनिधि) योजना के पुनर्गठन और 31 मार्च, 2030 तक विस्तार को मंजूरी प्रदान की है। इस योजना के लिए कुल 7,332 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। कैबिनेट के एक बयान में कहा गया है कि इस पुनर्गठित योजना का उद्देश्य 50 लाख नए लाभार्थियों सहित 1.15 करोड़ लाभार्थियों को लाभ पहुंचाना है.

आवास एवं शहरी मंत्रालय और वित्तीय सेवा विभाग (डीएफएस) इस योजना के कार्यान्वयन के लिए संयुक्त रूप से जिम्मेदार होंगे। इसमें डीएफएस की भूमिका बैंकों और वित्तीय संस्थानों के माध्यम से ऋण और क्रेडिट कार्ड तक पहुंच को सुविधाजनक बनाने की होगी.

बयान में कहा गया है कि पुनर्गठित योजना की मुख्य विशेषताओं में पहली और दूसरी किस्तों में बढ़ी हुई ऋण राशि, ऋण चुकाने वाले लाभार्थियों के लिए यूपीआई-लिंक्ड रुपे क्रेडिट कार्ड का प्रावधान, और खुदरा एवं थोक लेनदेन के लिए डिजिटल कैशबैक प्रोत्साहन शामिल हैं। इसका दायरा चरणबद्ध तरीके से जनगणना कस्बों और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में बढ़ाया जाएगा.

इस बढ़ी हुई ऋण संरचना में पहली किस्त का ऋण 10,000 रुपए से बढ़ाकर 15,000 रुपए और दूसरी किस्त का ऋण 20,000 रुपए से बढ़ाकर 25,000 रुपए कर दिया गया है, जबकि तीसरी किस्त 50,000 रुपए पर अपरिवर्तित रहेगी.

यूपीआई-लिंक्ड रुपे क्रेडिट कार्ड की शुरुआत से रेहड़ी-पटरी वालों को किसी भी आकस्मिक व्यावसायिक और व्यक्तिगत आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए तत्काल ऋण उपलब्ध होगा.

इसके अतिरिक्त, डिजिटल अपनाने को बढ़ावा देने के लिए, रेहड़ी-पटरी वाले खुदरा और थोक लेनदेन पर 1,600 रुपए तक के कैशबैक प्रोत्साहन का लाभ उठा सकते हैं.

यह योजना उद्यमिता, वित्तीय साक्षरता, डिजिटल स्किल और कनवर्जेंस के माध्यम से मार्केटिंग पर ध्यान केंद्रित करते हुए रेहड़ी-पटरी वालों की क्षमता निर्माण पर भी केंद्रित है। एफएसएसएआई के साथ साझेदारी में, रेहड़ी-पटरी वालों के लिए मानक स्वच्छता और खाद्य सुरक्षा प्रशिक्षण आयोजित किया जाएगा.

रेहड़ी-पटरी वालों और उनके परिवारों के समग्र कल्याण और विकास को सुनिश्चित करने के लिए, मासिक लोक कल्याण मेलों के माध्यम से 'स्वनिधि से समृद्धि' घटक को मजबूत किया जाएगा. इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि विभिन्न सरकारी योजनाओं के तहत लाभ लाभार्थियों और उनके परिवारों तक पूर्ण रूप से पहुंचे.

सरकार ने कोरोना महामारी के दौरान कठिनाइयों का सामना करने वाले रेहड़ी-पटरी वालों का समर्थन करने के लिए 1 जून, 2020 को पीएम स्वनिधि योजना आरंभ की थी। हालांकि, इस योजना की शुरुआत से ही, यह रेहड़ी-पटरी वालों के लिए वित्तीय सहायता से कहीं अधिक साबित हुई है.

प्रसिद्ध पीएम स्वनिधि योजना ने पहले ही महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की हैं। 30 जुलाई, 2025 तक, 68 लाख से अधिक रेहड़ी-पटरी वालों को 13,797 करोड़ रुपए के 96 लाख से अधिक ऋण वितरित किए जा चुके हैं.

लगभग 47 लाख डिजिटल रूप से सक्रिय लाभार्थियों ने 6.09 लाख करोड़ रुपए के 557 करोड़ से अधिक डिजिटल लेनदेन किए हैं, जिससे उन्हें कुल 241 करोड़ रुपए का कैशबैक प्राप्त हुआ है.

'स्वनिधि से समृद्धि' पहल के तहत, 3,564 शहरी स्थानीय निकायों (यूएलबी) के 46 लाख लाभार्थियों का प्रोफाइल तैयार किया गया है, जिसके परिणामस्वरूप 1.38 करोड़ से अधिक योजनाओं को मंजूरी दी गई है.

बयान में कहा गया है कि इस योजना के विस्तार में व्यवसाय विस्तार और सस्टेनेबल ग्रोथ के अवसरों को समर्थन देने के लिए वित्त का एक विश्वसनीय स्रोत प्रदान कर रेहड़ी-पटरी वालों के समग्र विकास की परिकल्पना की गई है.

इससे न केवल रेहड़ी-पटरी वालों को सशक्त बनाया जाएगा, बल्कि समावेशी आर्थिक विकास, रेहड़ी-पटरी वालों और उनके परिवारों के सामाजिक-आर्थिक उत्थान को भी बढ़ावा मिलेगा, उनकी आजीविका में वृद्धि होगी और अंततः शहरी क्षेत्रों को एक जीवंत, आत्मनिर्भर इकोसिस्टम में बदला जा सकेगा.

संपादकीय दृष्टिकोण

यह योजना रेहड़ी-पटरी वालों के लिए एक नई आशा का संचार करती है। इससे न केवल उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार होगा, बल्कि यह उनके परिवारों के लिए भी बेहतर भविष्य का रास्ता खोलेगी। सरकार का यह कदम समाज के एक महत्वपूर्ण वर्ग को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है, जो कि आवश्यक है।
RashtraPress
2 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पीएम स्वनिधि योजना का मुख्य उद्देश्य क्या है?
इस योजना का मुख्य उद्देश्य रेहड़ी-पटरी वालों को आर्थिक सहायता और वित्तीय साक्षरता प्रदान करना है।
इस योजना के तहत कितने लाभार्थियों को जोड़ा जाएगा?
इस योजना के तहत 50 लाख नए लाभार्थियों को जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है।
इस योजना के लिए कितने वित्तीय संसाधन उपलब्ध कराए गए हैं?
इस योजना के लिए कुल 7,332 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है।
योजना में क्या नई सुविधाएं शामिल हैं?
योजना में पहली और दूसरी किस्तों में बढ़ी हुई ऋण राशि और यूपीआई-लिंक्ड रुपे क्रेडिट कार्ड की सुविधा शामिल है।
डिजिटल लेनदेन पर कैशबैक कैसे मिलेगा?
रेहड़ी-पटरी वाले खुदरा और थोक लेनदेन पर 1,600 रुपए
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