सार्थक-पीडीएस को 5 साल की मंजूरी: ₹25,530 करोड़ से 81.35 करोड़ लोगों तक पहुंचेगा राशन
सारांश
मुख्य बातें
केंद्र सरकार ने 27 मई 2025 को सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) में व्यापक सुधार की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए 'सार्थक-पीडीएस' योजना को अगले पाँच वर्षों तक जारी रखने की मंजूरी दी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता वाली कैबिनेट कमेटी ऑन इकोनॉमिक अफेयर्स (CCEA) ने इस योजना के लिए ₹25,530 करोड़ की केंद्रीय हिस्सेदारी को स्वीकृति दी, जो 16वें वित्त आयोग की अवधि के दौरान व्यय की जाएगी। यह योजना 31 मार्च 2031 तक लागू रहेगी।
सार्थक-पीडीएस क्या है
सरकार ने दो मौजूदा योजनाओं को एकीकृत कर इस नई व्यापक पहल का ढाँचा तैयार किया है। पहली योजना — राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA) के अंतर्गत राज्यों को खाद्यान्न के राज्य के भीतर परिवहन और फेयर प्राइस शॉप (FPS) डीलरों के मार्जिन के लिए सहायता — और दूसरी 'स्मार्ट पीडीएस' योजना को मिलाकर 'सार्थक-पीडीएस' बनाया गया है। इसका उद्देश्य केवल राशन वितरण नहीं, बल्कि पूरे तंत्र को तकनीक-आधारित और नागरिक-केंद्रित बनाना है।
तकनीकी बदलाव: AI से ब्लॉकचेन तक
इस योजना के तहत पीडीएस प्रणाली में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), मशीन लर्निंग (ML), नैचुरल लैंग्वेज प्रोसेसिंग (NLP) और ब्लॉकचेन जैसी आधुनिक तकनीकों का उपयोग किया जाएगा। रियल-टाइम मॉनिटरिंग, AI-आधारित शिकायत निवारण प्रणाली, स्टेट कमांड कंट्रोल सेंटर और एकीकृत डेटाबेस तैयार किए जाएंगे। साथ ही ISO प्रमाणित प्रक्रियाओं के ज़रिए पूरे सिस्टम को सुरक्षित और टिकाऊ बनाने पर ज़ोर दिया जाएगा।
कितने लोगों को होगा फायदा
यह योजना NFSA के दायरे में आने वाले 81.35 करोड़ लोगों तक बेहतर तरीके से खाद्यान्न पहुँचाने में सहायक होगी। सरकार का कहना है कि डिलीवरी, लॉजिस्टिक्स और परिवहन व्यवस्था अधिक पारदर्शी होगी, और शिकायतों के समाधान में भी तेज़ी आएगी।
एक दशक की डिजिटल यात्रा का विस्तार
गौरतलब है कि पिछले एक दशक में सरकार ने पीडीएस को डिजिटल बनाने के लिए TPDS का एंड-टू-एंड कंप्यूटरीकरण, IM-PDS और स्मार्ट पीडीएस जैसी योजनाएँ लागू की हैं। मेरा राशन, अन्न मित्र, राइटफुल टार्गेटिंग डैशबोर्ड और अन्न सहायता जैसे मोबाइल ऐप और डिजिटल प्लेटफॉर्म भी इसी कड़ी में शुरू किए गए। 1 अप्रैल 2023 से लागू स्मार्ट पीडीएस के तहत राशन कार्डों का डिजिटलीकरण, आधार सीडिंग, e-POS मशीनों से FPS का ऑटोमेशन और ऑनलाइन राशन आवंटन देश के सभी 36 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में लागू हो चुका है। सार्थक-पीडीएस इसी नींव पर आगे बढ़ाया गया अगला चरण है।
प्रधानमंत्री का संदेश
प्रधानमंत्री मोदी ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा, 'देश के हर जरूरतमंद तक पीडीएस के माध्यम से समय पर खाद्यान्न पहुंचे, इसके लिए हमारी सरकार प्रतिबद्ध है। इसी दिशा में सार्थक पीडीएस को ज्यादा आधुनिक और प्रभावी बनाकर जारी रखने का फैसला किया गया है। इससे पीडीएस से होने वाली डिलीवरी, लॉजिस्टिक्स और ट्रांसपोर्टेशन व्यवस्था अधिक पारदर्शी और बेहतर बनेगी, साथ ही शिकायतों के समाधान में भी तेजी आएगी।' यह ऐसे समय में आया है जब खाद्य सुरक्षा को लेकर ज़मीनी स्तर पर पारदर्शिता की माँग लगातार बढ़ रही है। आगामी महीनों में राज्य-स्तरीय क्रियान्वयन दिशानिर्देश जारी होने की उम्मीद है।