उत्तर प्रदेश में 30 मार्च से गेहूं की खरीद प्रक्रिया शुरू, 50 लाख मीट्रिक टन का लक्ष्य
सारांश
Key Takeaways
- गेहूं की खरीद प्रक्रिया 30 मार्च से शुरू होगी।
- न्यूनतम समर्थन मूल्य 2585 रुपये प्रति कुंतल है।
- कुल 6500 खरीद केंद्र स्थापित किए जाएंगे।
- किसानों को अतिरिक्त 20 रुपये प्रति कुंतल दिए जाएंगे।
- सभी प्रक्रियाएं ऑनलाइन की गई हैं।
लखनऊ, 23 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में सोमवार को लोकभवन में कैबिनेट की बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में कुल 37 प्रस्ताव प्रस्तुत किए गए, जिनमें से 35 को स्वीकृति दी गई। बैठक में गेहूं खरीद के संबंध में भी महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया।
कैबिनेट बैठक के बाद कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने पत्रकारों को इस संदर्भ में विस्तृत जानकारी प्रदान की। उन्होंने बताया कि रबी विपणन वर्ष 2026-27 के लिए गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) 2585 रुपये प्रति कुंतल निर्धारित किया गया है। यह कीमत पिछले वर्ष की तुलना में 160 रुपये प्रति कुंतल की वृद्धि है।
रामनवमी के पश्चात 30 मार्च से गेहूं की खरीद शुरू होगी और यह 15 जून तक चलेगी। कृषि मंत्री ने बताया कि प्रदेश में खाद्य विभाग की विपणन शाखा सहित कुल 8 एजेंसियों द्वारा 6500 खरीद केंद्र स्थापित किए जाएंगे। ये केंद्र सुबह 9 बजे से शाम 6 बजे तक खुले रहेंगे। खरीद केंद्रों पर किसानों के लिए छाया, पानी और बैठने की सभी व्यवस्थाएं पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं।
कृषि मंत्री ने बताया कि उतराई, छनाई और सफाई के लिए किसानों को 20 रुपये प्रति कुंतल अतिरिक्त दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस वर्ष प्रदेश में किसानों ने बहुत अच्छी फसल लगाई है। कृषि विभाग ने उन्हें पर्याप्त मात्रा में बीज भी उपलब्ध कराए हैं। इसलिए, उचित मात्रा में गेहूं की खरीद की जाएगी, ताकि किसानों को किसी भी प्रकार का नुकसान न हो।
उन्होंने यह भी बताया कि खाद्य एवं रसद विभाग ने 30 लाख मीट्रिक टन खरीद का लक्ष्य रखा था, जिसे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बढ़ाकर 50 लाख मीट्रिक टन करने का निर्देश दिया है। मुख्यमंत्री ने 48 घंटे के भीतर डीबीटी के माध्यम से किसानों को भुगतान सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए हैं। बिचौलियों का हस्तक्षेप रोकने के लिए सभी प्रक्रियाएँ ऑनलाइन कर दी गई हैं। अब तक लगभग दो लाख किसानों ने गेहूं की बिक्री के लिए पंजीकरण कराया है। खाद्य एवं रसद विभाग के अनुसार, 1,95,628 किसानों ने सोमवार दोपहर तक पंजीकरण कराया है।