राहुल गांधी के आरोपों पर असम के सीएम का तीखा जवाब: 'भ्रमित करना बंद करो'
सारांश
Key Takeaways
- हिमंता बिस्वा सरमा का आरोपों पर कड़ा जवाब
- राहुल गांधी का भ्रष्टाचार का आरोप
- राजनीतिक निहितार्थ के तहत टिप्पणियां
- असम के चुनावी माहौल में तनाव
- असम की पहचान और संस्कृति पर प्रभाव
गुवाहाटी, 5 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने रविवार को लोकसभा के नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी द्वारा उन पर लगाए गए कथित भ्रष्टाचार के आरोपों पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की। उन्होंने इन आरोपों की सत्यता पर सवाल उठाते हुए कहा कि ये टिप्पणियां राजनीतिक निहितार्थ के साथ की जा रही हैं।
सीएम सरमा ने जनसभा में कहा कि न तो असम के लोग और न ही देश की अदालतें इन आरोपों का कोई ठोस आधार खोज पाई हैं। राहुल गांधी की कानूनी कार्रवाई की चेतावनी पर उन्होंने कहा कि जो लोग ऐसे दावे कर रहे हैं, उन्हें पहले प्रमाण पेश करना चाहिए।
उन्होंने यह भी प्रश्न उठाया कि बिना सबूत के किसी को जेल में कैसे डाला जा सकता है और इसे मतदाताओं को भ्रमित करने का प्रयास बताया।
उन्होंने कहा कि असम में उनकी सरकार का विकास और प्रशासनिक रिकॉर्ड विपक्ष की खाली बयानबाजी से पूरी तरह भिन्न है।
इससे पहले राहुल गांधी ने एक रैली में आरोप लगाया कि हिमंता बिस्वा सरमा देश के सबसे भ्रष्ट और सांप्रदायिक मुख्यमंत्री हैं। उन्होंने कहा कि असम के लोगों के साथ धोखा किया गया है और यदि कांग्रेस राज्य में सत्ता में आती है तो कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
राहुल ने रैली में असम के प्रसिद्ध संगीतकार जुबिन गर्ग का उदाहरण देते हुए कहा कि उन्होंने लोगों को एकजुट करने का कार्य किया है और कभी भी विभाजनकारी व्यवहार नहीं किया। कांग्रेस की विचारधारा को भी उन्होंने प्रेम और सहिष्णुता फैलाने वाला बताया।
उन्होंने भाजपाविभाजन फैलाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि असम की पहचान हमेशा सहअस्तित्व और पारस्परिक सम्मान पर आधारित रही है, जिसे वर्तमान सरकार कमजोर कर रही है।
9 अप्रैल को होने वाले चुनावों से पहले दोनों नेताओं के बीच तीखी बयानबाजी असम में चुनावी मुकाबले की गर्मी को दर्शा रही है, जहां दोनों पक्ष मतदाताओं का समर्थन जुटाने के लिए सक्रिय रूप से अभियान चला रहे हैं।