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ओडिशा की आरक्षण नीति पर कांग्रेस का स्वागत: भक्त चरण दास ने ओबीसी वर्ग को न्याय न मिलने की जताई चिंता

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ओडिशा की आरक्षण नीति पर कांग्रेस का स्वागत: भक्त चरण दास ने ओबीसी वर्ग को न्याय न मिलने की जताई चिंता

सारांश

ओडिशा में उच्च शिक्षा के लिए संशोधित आरक्षण नीति को कैबिनेट की मंजूरी मिली है। कांग्रेस ने इसका स्वागत किया, लेकिन भक्त चरण दास ने ओबीसी वर्ग को न्याय न मिलने की चिंता व्यक्त की। जानें इस महत्वपूर्ण फैसले के बारे में।

मुख्य बातें

ओडिशा में उच्च शिक्षा के लिए संशोधित आरक्षण नीति को मंजूरी मिली।
कांग्रेस ने निर्णय का स्वागत किया, लेकिन ओबीसी वर्ग की अनदेखी की चिंता जताई।
एससी और एसटी के लिए आरक्षण की सीमाएं बढ़ाई गई हैं।

भुवनेश्वर, 6 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। ओडिशा में उच्च शिक्षा के लिए संशोधित आरक्षण नीति को कैबिनेट द्वारा मंजूरी मिलने के बाद, कांग्रेस की राज्य इकाई ने इस निर्णय का स्वागत किया है। हालांकि, ओडिशा कांग्रेस के अध्यक्ष भक्त चरण दास ने आरोप लगाया है कि 54 प्रतिशत आबादी वाले ओबीसी वर्ग को न्याय नहीं मिल रहा है।

ओडिशा कांग्रेस कमेटी (पीसीसी) के अध्यक्ष भक्त चरण दास ने समाचार एजेंसी राष्ट्र प्रेस से चर्चा करते हुए कहा, "उच्च शिक्षा और नई शिक्षा नीति के संदर्भ में यह घोषणा की गई है कि अब अनुसूचित जाति (एससी) और अनुसूचित जनजाति (एसटी) के छात्रों को मेडिकल और इंजीनियरिंग की पढ़ाई में आरक्षण मिलेगा, जो पहले नहीं था। यह एक सकारात्मक पहल है। हालांकि, चिंता का विषय यह है कि राज्य में ओबीसी समुदाय, जो कुल आबादी का 54 प्रतिशत हैं, को अब भी न्याय नहीं मिल रहा है।"

उन्होंने कहा, "सरकार ओबीसी वर्ग की अनदेखी कर रही है। ओबीसी वर्ग के लोग लंबे समय से अपनी जनसंख्या के अनुसार तकनीकी और उच्च शिक्षा में आनुपातिक आरक्षण की मांग कर रहे हैं।"

यह ध्यान देने योग्य है कि ओडिशा सरकार ने एक ऐतिहासिक निर्णय लेते हुए शनिवार को अनुसूचित जाति (एससी) और अनुसूचित जनजाति (एसटी) के छात्रों के लिए आरक्षण की सीमा बढ़ाई। इसके साथ ही मेडिकल और तकनीकी शिक्षा में 'सामाजिक और आर्थिक रूप से पिछड़े वर्गों' (एसईबीसी) के लिए भी एक विशेष कोटा लागू किया गया है।

यह निर्णय भुवनेश्वर में मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में लिया गया। इसमें कहा गया है कि एसटी छात्रों के लिए कोटा 12 प्रतिशत से बढ़ाकर 22.50 प्रतिशत किया गया है, जबकि एससी के लिए इसे 8 प्रतिशत से बढ़ाकर 16.25 प्रतिशत किया गया है। राज्य सरकार ने 11.25 प्रतिशत का नया कोटा भी शुरू किया है।

ओडिशा कांग्रेस के अध्यक्ष भक्त चरण दास ने यह भी कहा कि बिहार और झारखंड, ओडिशा और छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों में पहले से इसी प्रकार के प्रावधान लागू किए गए हैं, जो साबित करता है कि इस निर्धारित सीमा से आगे बढ़ना संभव है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन ओबीसी समुदाय के अधिकारों की अनदेखी एक चिंता का विषय है। यह आवश्यक है कि सरकार सभी वर्गों को समान न्याय दे और उनकी आवश्यकताओं को समझे।
RashtraPress
20 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ओडिशा की नई आरक्षण नीति क्या है?
ओडिशा सरकार ने उच्च शिक्षा के लिए अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के छात्रों के लिए आरक्षण की सीमा बढ़ाई है, साथ ही ओबीसी के लिए भी प्रावधान किए हैं।
कांग्रेस ने इस नीति पर क्या प्रतिक्रिया दी?
कांग्रेस ने इस नीति का स्वागत किया है, लेकिन ओबीसी वर्ग को न्याय न मिलने की चिंता भी व्यक्त की है।
भक्त चरण दास ने क्या कहा?
भक्त चरण दास ने आरोप लगाया है कि ओबीसी वर्ग, जो 54 प्रतिशत आबादी का हिस्सा है, को उचित न्याय नहीं मिल रहा।
राष्ट्र प्रेस
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