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साक्ष्य-आधारित नीति निर्माण में MoSPI की भूमिका पर राव इंद्रजीत सिंह का राज्यसभा में बयान

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साक्ष्य-आधारित नीति निर्माण में MoSPI की भूमिका पर राव इंद्रजीत सिंह का राज्यसभा में बयान

सारांश

राव इंद्रजीत सिंह ने राज्यसभा में स्पष्ट किया कि MoSPI केवल आँकड़े जुटाने वाली संस्था नहीं, बल्कि GDP, CPI, IIP और SDG संकेतकों के ज़रिए देश की नीति-निर्माण प्रक्रिया की धुरी है। भारत के पहले सेवा उत्पादन सूचकांक की रूपरेखा तैयार होना इस दिशा में बड़ा कदम है।

मुख्य बातें

सांख्यिकी राज्य मंत्री राव इंद्रजीत सिंह ने 20 जुलाई को राज्यसभा में MoSPI की भूमिका पर विस्तृत जानकारी दी।
MoSPI GDP अनुमान, CPI और IIP सहित प्रमुख आर्थिक सूचकांक तैयार करता है।
मंत्रालय SDG राष्ट्रीय संकेतक ढाँचे की निगरानी करने वाला नोडल मंत्रालय है।
भारत के पहले सेवा उत्पादन सूचकांक की रूपरेखा को अंतिम रूप दिया जा चुका है।
सेवा क्षेत्र की सकल मूल्य वर्धन में हिस्सेदारी लगभग 53 प्रतिशत ; GST डेटा ने सांख्यिकीय प्रणाली को मज़बूत किया।

सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन राज्य मंत्री राव इंद्रजीत सिंह ने 20 जुलाई को राज्यसभा में बताया कि सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (MoSPI) प्रमुख आर्थिक और सामाजिक सूचकांकों का संकलन करता है और घरेलू सर्वेक्षणों के माध्यम से जीवन की गुणवत्ता से जुड़ी नीतियों के निर्माण में निर्णायक भूमिका निभाता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह मंत्रालय सरकार की साक्ष्य-आधारित नीति-निर्माण प्रक्रिया की रीढ़ है।

मंत्रालय के प्रमुख सांख्यिकीय कार्य

राव इंद्रजीत सिंह ने सदन को बताया कि MoSPI सकल घरेलू उत्पाद (GDP) के अनुमान, मासिक उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) और औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (IIP) तैयार करता है। इसके अतिरिक्त मंत्रालय श्रम बल, सामाजिक उपभोग, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसे विषयों पर नियमित घरेलू सर्वेक्षणों के ज़रिए आधिकारिक आँकड़े और प्रशासनिक डेटा भी जारी करता है।

मंत्री ने कहा, 'ये सर्वेक्षण सामाजिक और आर्थिक विकास के विभिन्न आयामों पर साक्ष्य उपलब्ध कराते हैं, जो लोगों के जीवन की गुणवत्ता का आकलन करने में महत्वपूर्ण हैं।'

सतत विकास लक्ष्यों की निगरानी में भूमिका

MoSPI सतत विकास लक्ष्यों (SDG) के लिए राष्ट्रीय संकेतक ढाँचे की निगरानी करने वाला नोडल मंत्रालय भी है। इस ढाँचे में स्वास्थ्य, शिक्षा, लैंगिक समानता, पर्यावरणीय स्थिरता और नागरिकों के कल्याण से जुड़े महत्वपूर्ण संकेतक शामिल हैं।

राव इंद्रजीत सिंह ने कहा, 'ये संकेतक और विभिन्न आधिकारिक सांख्यिकीय सर्वेक्षणों से प्राप्त आँकड़े साक्ष्य-आधारित नीतियाँ बनाने में मदद करते हैं और नागरिकों के समग्र कल्याण में हुई प्रगति का आकलन करने में सक्षम बनाते हैं।'

सेवा उत्पादन सूचकांक: एक ऐतिहासिक कदम

गौरतलब है कि इसी महीने मंत्रालय ने घोषणा की थी कि भारत के पहले सेवा उत्पादन सूचकांक की रूपरेखा को अंतिम रूप दे दिया गया है। यह देश के सेवा क्षेत्र के अधिक सटीक और व्यापक आकलन की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।

यह ऐसे समय में आया है जब भारत के सकल मूल्य वर्धन में सेवा क्षेत्र की हिस्सेदारी लगभग 53 प्रतिशत है। यह क्षेत्र बड़े पैमाने पर रोज़गार उपलब्ध कराता है और आर्थिक वृद्धि, निवेश तथा निर्यात का प्रमुख इंजन बन चुका है।

GST डेटा से सांख्यिकीय प्रणाली को मज़बूती

मंत्रालय के अनुसार, वस्तु एवं सेवा कर (GST) के आँकड़ों की उपलब्धता ने भारत की सांख्यिकीय प्रणाली को काफी सुदृढ़ किया है। इससे लाखों कारोबारियों द्वारा रिपोर्ट की जाने वाली बाहरी आपूर्ति की मासिक जानकारी प्राप्त होती है, जिससे आर्थिक गतिविधियों का अधिक सटीक आकलन संभव हो पाया है।

आगे चलकर सेवा उत्पादन सूचकांक के लागू होने से नीति-निर्माताओं को सेवा क्षेत्र की वास्तविक स्थिति की बेहतर समझ मिलेगी, जो भारत की अर्थव्यवस्था के लिए दीर्घकालिक रूप से महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि क्या ये सर्वेक्षण और सूचकांक समय पर और पारदर्शी तरीके से सार्वजनिक होते हैं। आलोचक लंबे समय से यह उठाते रहे हैं कि PLFS और NSSO जैसे सर्वेक्षणों के प्रकाशन में देरी और कार्यप्रणाली में बदलाव ने तुलनात्मक विश्लेषण को कठिन बनाया है। सेवा उत्पादन सूचकांक की रूपरेखा तैयार होना स्वागत योग्य है, किंतु सेवा क्षेत्र की GDP में 53% हिस्सेदारी के बावजूद इसका अब तक अभाव रहना खुद एक सवाल खड़ा करता है। GST डेटा से सांख्यिकीय मज़बूती का दावा तभी सार्थक होगा जब इस डेटा की स्वतंत्र समीक्षा और सार्वजनिक पहुँच सुनिश्चित हो।
RashtraPress
21 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

MoSPI क्या है और यह क्या काम करता है?
MoSPI यानी सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय भारत सरकार का वह मंत्रालय है जो GDP अनुमान, CPI, IIP जैसे प्रमुख आर्थिक सूचकांक तैयार करता है और श्रम बल, स्वास्थ्य व शिक्षा जैसे विषयों पर घरेलू सर्वेक्षण आयोजित करता है। यह मंत्रालय सरकार की साक्ष्य-आधारित नीति-निर्माण प्रक्रिया की आधारशिला है।
राव इंद्रजीत सिंह ने राज्यसभा में क्या कहा?
सांख्यिकी राज्य मंत्री राव इंद्रजीत सिंह ने 20 जुलाई को राज्यसभा में बताया कि MoSPI GDP, CPI और IIP सूचकांक तैयार करता है और घरेलू सर्वेक्षणों के ज़रिए साक्ष्य-आधारित नीतियाँ बनाने में मदद करता है। उन्होंने यह भी कहा कि ये आँकड़े नागरिकों के समग्र कल्याण में प्रगति का आकलन करने में सक्षम बनाते हैं।
भारत का पहला सेवा उत्पादन सूचकांक क्या है?
भारत का पहला सेवा उत्पादन सूचकांक MoSPI की एक नई पहल है, जिसकी रूपरेखा को इसी महीने अंतिम रूप दिया गया है। यह सूचकांक देश के सेवा क्षेत्र — जो सकल मूल्य वर्धन में लगभग 53 प्रतिशत का योगदान देता है — के अधिक सटीक और व्यापक आकलन में मदद करेगा।
GST डेटा ने भारत की सांख्यिकीय प्रणाली को कैसे मज़बूत किया?
GST के आँकड़ों से लाखों कारोबारियों द्वारा रिपोर्ट की जाने वाली बाहरी आपूर्ति की मासिक जानकारी उपलब्ध होती है, जिससे आर्थिक गतिविधियों का अधिक सटीक आकलन संभव हो पाया है। मंत्रालय के अनुसार, इससे भारत की समग्र सांख्यिकीय प्रणाली काफी सुदृढ़ हुई है।
MoSPI सतत विकास लक्ष्यों (SDG) की निगरानी कैसे करता है?
MoSPI SDG के लिए राष्ट्रीय संकेतक ढाँचे की निगरानी करने वाला नोडल मंत्रालय है। इस ढाँचे में स्वास्थ्य, शिक्षा, लैंगिक समानता, पर्यावरणीय स्थिरता और नागरिक कल्याण से जुड़े संकेतक शामिल हैं, जो सरकार को नीतिगत प्रगति को मापने में सहायता करते हैं।
राष्ट्र प्रेस
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