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सर्विस सेक्टर ग्रोथ मापने के लिए MoSPI जुलाई 2026 में लॉन्च करेगा इंडेक्स ऑफ सर्विसेज प्रोडक्शन

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सर्विस सेक्टर ग्रोथ मापने के लिए MoSPI जुलाई 2026 में लॉन्च करेगा इंडेक्स ऑफ सर्विसेज प्रोडक्शन

सारांश

भारत को पहली बार मिलेगा सेवा क्षेत्र का अपना मासिक उत्पादन सूचकांक — ISP। GDP में 50% से अधिक योगदान देने वाले इस क्षेत्र की अल्पकालिक वृद्धि अब हर महीने मापी जाएगी, जो नीति निर्माण और आर्थिक पूर्वानुमान दोनों को नई धार देगी।

मुख्य बातें

MoSPI जुलाई 2026 में इंडेक्स ऑफ सर्विसेज प्रोडक्शन (ISP) लॉन्च करेगा।
ISP औपचारिक सेवा क्षेत्र की मासिक वृद्धि मापेगा — ठीक वैसे जैसे IIP औद्योगिक क्षेत्र के लिए करता है।
सेवा क्षेत्र 2013-14 से भारत के सकल मूल्य वर्धन (GVA) में 50% से अधिक योगदान दे रहा है।
यह सूचकांक हाई-फ्रीक्वेंसी टाइम सीरीज डेटा उपलब्ध कराएगा, जिससे आर्थिक पूर्वानुमान और बिजनेस साइकिल विश्लेषण बेहतर होगा।
मंत्रालय ने उपयोगकर्ताओं के लिए एक विस्तृत FAQ पुस्तिका भी जारी की है।

सांख्यिकी और कार्यक्रम क्रियान्वयन मंत्रालय (MoSPI) ने बुधवार, 24 जून 2026 को घोषणा की कि वह जुलाई 2026 में इंडेक्स ऑफ सर्विसेज प्रोडक्शन (ISP) लॉन्च करेगा — एक मासिक सांख्यिकीय संकेतक, जो औपचारिक सेवा क्षेत्र की अल्पकालिक वृद्धि को नियमित रूप से मापेगा। मंत्रालय ने इसके साथ उपयोगकर्ताओं के लिए एक विस्तृत प्रश्न पुस्तिका (FAQ) भी जारी की है।

ISP क्या है और यह कैसे काम करेगा

इंडेक्स ऑफ सर्विसेज प्रोडक्शन (ISP) एक अल्पकालिक संकेतक है, जिसे किसी निर्धारित आधार अवधि की तुलना में सेवा क्षेत्र के वास्तविक उत्पादन (रियल आउटपुट) में समय के साथ होने वाले बदलावों को मापने के लिए तैयार किया गया है। यह ठीक उसी तरह काम करेगा जैसे औद्योगिक क्षेत्र के लिए इंडेक्स ऑफ इंडस्ट्रियल प्रोडक्शन (IIP) काम करता है — अंतर केवल यह है कि ISP का दायरा औपचारिक सेवा उद्योगों तक सीमित होगा और यह मासिक आधार पर डेटा उपलब्ध कराएगा।

यह सूचकांक सेवा क्षेत्र की गतिविधियों और प्रदर्शन पर नियमित एवं त्वरित जानकारी प्रदान करेगा, जिससे आर्थिक निगरानी अधिक प्रभावी होगी।

सेवा क्षेत्र की अर्थव्यवस्था में भूमिका

मंत्रालय के अनुसार, सेवा क्षेत्र भारतीय अर्थव्यवस्था की सबसे महत्वपूर्ण ताकत बन चुका है। वर्ष 2013-14 से यह देश के सकल मूल्य वर्धन (Gross Value Added) में 50 प्रतिशत से अधिक योगदान दे रहा है। गौरतलब है कि इतने बड़े आर्थिक योगदान के बावजूद अब तक इस क्षेत्र के लिए कोई समर्पित मासिक उत्पादन सूचकांक उपलब्ध नहीं था — ISP इसी रिक्तता को भरेगा।

यह ऐसे समय में आया है जब वैश्विक स्तर पर अधिकांश प्रमुख अर्थव्यवस्थाएँ सेवा क्षेत्र के लिए उच्च-आवृत्ति संकेतक पहले से ही प्रकाशित करती हैं। भारत के इस कदम को वैश्विक सांख्यिकीय मानकों के अनुरूप लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास माना जा रहा है।

नीति निर्माताओं को क्या फायदा होगा

ISP का एक प्रमुख उद्देश्य IIP के साथ पूरक आर्थिक संकेतक के रूप में काम करते हुए अर्थव्यवस्था की अल्पकालिक गतिविधियों की व्यापक तस्वीर प्रस्तुत करना है। इससे योजनाकारों और नीति निर्माताओं को समय पर उचित कदम उठाने और सेवा क्षेत्र की विकास दिशा तय करने में सहायता मिलेगी।

इसके अलावा, यह सूचकांक हाई-फ्रीक्वेंसी टाइम सीरीज डेटा उपलब्ध कराएगा, जिससे आर्थिक पूर्वानुमान और बिजनेस साइकिल विश्लेषण को और अधिक सटीक बनाया जा सकेगा। मौजूदा सांख्यिकीय ढाँचे को मजबूत करना भी इसके प्रमुख लक्ष्यों में शामिल है।

आगे की राह

मंत्रालय के अनुसार ISP का पहला संस्करण जुलाई 2026 में जारी किया जाएगा। यह सूचकांक सेवा क्षेत्र की वृद्धि को तथ्यों पर आधारित नीतिगत निर्णयों से जोड़ने की दिशा में एक ठोस कदम है, और भारत के सांख्यिकीय तंत्र को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर और अधिक प्रतिस्पर्धी बनाएगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

फिर भी इसकी मासिक गतिविधियों को मापने का कोई समर्पित तंत्र नहीं था — यह सांख्यिकीय रिक्तता नीति निर्माण में एक बड़ी कमज़ोरी थी। ISP का आना स्वागतयोग्य है, लेकिन असली परीक्षा डेटा संग्रह की गुणवत्ता और समयबद्धता में होगी, क्योंकि सेवा क्षेत्र का बड़ा हिस्सा अनौपचारिक है और औपचारिक रिपोर्टिंग के दायरे से बाहर रहता है। यह भी देखना होगा कि ISP केवल पंजीकृत उद्यमों तक सीमित रहता है या असंगठित सेवाओं को भी किसी रूप में समेटता है — वरना यह सूचकांक वास्तविक अर्थव्यवस्था की आधी-अधूरी तस्वीर ही पेश करेगा।
RashtraPress
23 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

इंडेक्स ऑफ सर्विसेज प्रोडक्शन (ISP) क्या है?
ISP एक मासिक सांख्यिकीय सूचकांक है जिसे MoSPI द्वारा औपचारिक सेवा क्षेत्र के वास्तविक उत्पादन में समय के साथ होने वाले बदलावों को मापने के लिए तैयार किया गया है। यह IIP की तरह काम करेगा, लेकिन सेवा उद्योगों पर केंद्रित होगा।
ISP और IIP में क्या अंतर है?
इंडेक्स ऑफ इंडस्ट्रियल प्रोडक्शन (IIP) विनिर्माण, खनन और बिजली जैसे औद्योगिक क्षेत्रों की मासिक वृद्धि मापता है, जबकि ISP विशेष रूप से औपचारिक सेवा क्षेत्र के उत्पादन को कवर करेगा। दोनों मिलकर अर्थव्यवस्था की अधिक संपूर्ण अल्पकालिक तस्वीर प्रस्तुत करेंगे।
ISP से नीति निर्माताओं को क्या फायदा होगा?
ISP हाई-फ्रीक्वेंसी टाइम सीरीज डेटा उपलब्ध कराएगा जिससे आर्थिक पूर्वानुमान, बिजनेस साइकिल विश्लेषण और तथ्य-आधारित नीतिगत निर्णय लेना आसान होगा। यह योजनाकारों को सेवा क्षेत्र में बदलावों पर समय पर प्रतिक्रिया देने में सक्षम बनाएगा।
भारत को ISP की ज़रूरत क्यों पड़ी?
सेवा क्षेत्र 2013-14 से भारत के GVA में 50% से अधिक योगदान दे रहा है, फिर भी इसकी मासिक वृद्धि मापने का कोई समर्पित सूचकांक नहीं था। वैश्विक सांख्यिकीय मानकों के अनुरूप और इस क्षेत्र के बढ़ते महत्व को देखते हुए ISP की आवश्यकता महसूस की जा रही थी।
राष्ट्र प्रेस
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