सरकारी अनुबंधों में WPI की जगह PPI अपनाएं: वित्त मंत्रालय का सभी मंत्रालयों को निर्देश
सारांश
मुख्य बातें
वित्त मंत्रालय ने 16 अगस्त 2026 को सभी मंत्रालयों और विभागों को निर्देश दिया है कि भविष्य के सरकारी खरीद अनुबंधों में दर वृद्धि और मूल्य समायोजन के प्रावधानों के लिए थोक मूल्य सूचकांक (WPI) की जगह उत्पादक मूल्य सूचकांक (PPI) को अपनाया जाए। यह कदम अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) की सिफारिशों और विकसित अर्थव्यवस्थाओं की वैश्विक सर्वोत्तम प्रक्रियाओं के अनुरूप है।
बदलाव की पृष्ठभूमि
वाणिज्य मंत्रालय ने इस वर्ष जून 2026 से वस्तुओं और सेवाओं — दोनों के लिए मासिक PPI आँकड़े जारी करना शुरू किया है। इसका उद्देश्य उत्पादक स्तर पर कीमतों में होने वाले बदलावों को अधिक सटीक रूप से दर्शाना है। गौरतलब है कि 2022-23 को आधार वर्ष मानकर WPI की संशोधित श्रृंखला पहली बार 15 जून को जारी की गई थी, जिसने 2011-12 को आधार वर्ष मानने वाली पुरानी श्रृंखला की जगह ली।
आधिकारिक बयान के अनुसार, आउटपुट PPI और इनपुट PPI — दोनों की उपलब्धता से किसी उद्योग में तैयार उत्पादों और उपयोग किए जा रहे इनपुट की कीमतों में होने वाले बदलाव को बेहतर ढंग से समझने में मदद मिलती है। इससे यह भी स्पष्ट होता है कि इनपुट महँगाई का असर तैयार उत्पादों की कीमतों पर किस हद तक पड़ता है।
मंत्रालयों को क्या कहा गया
वित्त मंत्रालय के व्यय विभाग ने सभी मंत्रालयों को भेजे पत्र में कहा, 'PPI उपलब्ध होने के बाद मंत्रालयों/विभागों को भविष्य के अनुबंधों में सभी मूल्य वृद्धि संबंधी प्रावधानों में WPI की जगह उत्पादक मूल्य सूचकांक (PPI) अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है।' यह आग्रह बाध्यकारी नहीं है, लेकिन नीतिगत दिशा स्पष्ट है।
नई WPI श्रृंखला में क्या बदला
संशोधित WPI श्रृंखला में कुल वस्तुओं की संख्या 697 से बढ़ाकर 957 कर दी गई है। 'बिजली' समूह के अंतर्गत अब सौर और पवन ऊर्जा के साथ-साथ परमाणु बिजली को भी शामिल किया गया है। इसके अलावा, कच्चे पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस को 'प्राथमिक वस्तुओं' की श्रेणी से हटाकर 'ईंधन और बिजली' खंड में स्थानांतरित किया गया है, जिससे वर्गीकरण अधिक सुसंगत हो गया है।
नई श्रृंखला में भार निर्धारण की बेहतर पद्धति, गणना की उन्नत प्रक्रिया और अनुपलब्ध मूल्य आँकड़ों का अनुमान लगाने के लिए परिष्कृत तरीका भी शामिल किया गया है।
सर्विस PPI: सात क्षेत्र शामिल
पहले चरण में सात सेवाओं के लिए सर्विस PPI जारी किया गया है — बैंकिंग, प्रतिभूति लेनदेन, बीमा, पेंशन फंड प्रबंधन, रेलवे, हवाई यात्री सेवाएँ और दूरसंचार। ये आँकड़े प्रशासनिक स्रोतों से उपलब्ध डेटा के आधार पर तैयार किए गए हैं। आँकड़ों की उपलब्धता के अनुसार अगले चरणों में और सेवाओं को इस सूची में जोड़ने की योजना है।
संक्रमण की समयसीमा
मूल्य वृद्धि प्रावधानों में WPI के व्यापक उपयोग को देखते हुए संशोधित श्रृंखला जारी होने की तारीख से पाँच वर्षों तक WPI को PPI के साथ-साथ जारी किया जाएगा, इसके बाद इसे बंद कर दिया जाएगा। बयान के अनुसार, यह समयावधि उपयोगकर्ताओं को सुचारु रूप से PPI की ओर स्थानांतरित होने का पर्याप्त अवसर देगी। यह ऐसे समय में आया है जब भारत अपनी सांख्यिकीय प्रणालियों को वैश्विक मानकों के अनुरूप आधुनिक बनाने की दिशा में काम कर रहा है।