1 अक्टूबर 2026
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ओपी राजभर का अखिलेश पर हमला: 'पीडीए का मतलब — परिवार, दौलतमंद और अपराधी'

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ओपी राजभर का अखिलेश पर हमला: 'पीडीए का मतलब — परिवार, दौलतमंद और अपराधी'

सारांश

यूपी के मंत्री ओपी राजभर ने अखिलेश यादव पर सीधा हमला बोला — पीडीए की परिभाषा को 'परिवार, दौलतमंद और अपराधी' बताकर सपा की राज्यसभा रणनीति पर सवाल उठाए। चुनाव आयोग विरोध और विधायकों के टूटने के दावे पर भी पलटवार किया।

मुख्य बातें

ओम प्रकाश राजभर ने 1 अक्टूबर 2026 को लखनऊ में अखिलेश यादव पर पीडीए की बदलती परिभाषा को लेकर तीखा हमला बोला।
राजभर ने कहा — 'पी' से परिवार (राम गोपाल यादव), 'डी' से धनीराम दौलतमंद और 'ए' के लिए अब अपराधी लाएंगे।
सपा के BJP के 10 विधायक टूटने के दावे को राजभर ने खारिज किया, पिछले राज्यसभा व विधान परिषद चुनाव का हवाला दिया।
2017 विधानसभा चुनाव में सपा के सत्ता में रहते एनडीए को 325 सीटें मिलने का तर्क देकर चुनाव-चोरी के आरोपों को नकारा।
राजभर ने आरोप लगाया कि अखिलेश यादव प्रेस वार्ता में केवल एक खास समुदाय की बात करते हैं।

उत्तर प्रदेश सरकार के पंचायती राज मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने 1 अक्टूबर 2026 को समाजवादी पार्टी (सपा) प्रमुख अखिलेश यादव पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि वे पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) की परिभाषा को लेकर भ्रमित हैं और उनका राजनीतिक संदेश दिशाहीन हो चुका है। लखनऊ में बातचीत के दौरान राजभर ने सपा के तीसरे राज्यसभा उम्मीदवार, 'इंडिया' गठबंधन के विरोध प्रदर्शन और सपा-कांग्रेस सीट बँटवारे समेत कई मुद्दों पर खुलकर अपनी राय रखी।

पीडीए पर राजभर का तंज

राजभर ने व्यंग्यात्मक अंदाज़ में कहा, 'अखिलेश यादव समय-समय पर पीडीए की परिभाषा बदलते रहते हैं। कल का उनका फॉर्मूला निकला कि 'पी' से परिवार — राम गोपाल यादव, 'डी' से धनीराम दौलतमंद हैं और 'ए' बच गया है। अब कहीं से अपराधी पकड़ कर लाएंगे।' उनके इस बयान को उत्तर प्रदेश की राजनीति में सपा के राज्यसभा उम्मीदवारों के चयन पर सीधे हमले के रूप में देखा जा रहा है।

विधायकों के 'टूटने' पर पलटवार

सपा के उस दावे पर कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) के 10 विधायक उनके संपर्क में हैं, राजभर ने सीधे शब्दों में जवाब दिया — 'किसके विधायक टूटते हैं, पता चल जाएगा। पिछले विधान परिषद और राज्यसभा चुनाव में कौन टूटा था।' यह टिप्पणी उन चुनावों की ओर संकेत करती है जब सपा के कुछ सदस्यों ने पार्टी लाइन से हटकर मतदान किया था।

'इंडिया' गठबंधन के विरोध प्रदर्शन पर प्रतिक्रिया

चुनाव आयोग के खिलाफ 'इंडिया' गठबंधन के प्रदर्शन पर राजभर ने ऐतिहासिक संदर्भ देते हुए कहा कि 2014 से पहले पूरे सिस्टम पर कांग्रेस का नियंत्रण था, फिर भी जनता ने नरेंद्र मोदी को प्रधानमंत्री चुना। उनके अनुसार यह तर्क ही विरोध प्रदर्शन की बुनियाद को कमज़ोर करता है।

उन्होंने आगे कहा कि 2012 से 2017 तक अखिलेश यादव का उत्तर प्रदेश के पूरे सिस्टम पर कब्ज़ा था, फिर भी 2017 के विधानसभा चुनाव में जनता ने एनडीए गठबंधन को 325 सीटें दीं। राजभर ने कहा, 'अगर वोटों की चोरी हुई होती तो एनडीए की सीटें घटतीं या बढ़तीं। सपा और कांग्रेस के पास कोई काम नहीं है, इसलिए ये आंदोलन चला रहे हैं।'

अखिलेश के बयानों पर सबसे तीखा हमला

राजभर ने यह भी आरोप लगाया कि अखिलेश यादव अपनी हर प्रेस वार्ता में केवल एक खास समुदाय के विषय में बोलते हैं, जो उनकी राजनीतिक सोच की सीमा को दर्शाता है। गौरतलब है कि यह बयान ऐसे समय में आया है जब उत्तर प्रदेश में राज्यसभा चुनाव की गहमागहमी चरम पर है और विभिन्न दलों के बीच सियासी तकरार तेज़ हो गई है।

आगे क्या

राजभर के इस बयान के बाद सपा की ओर से जवाब आने की संभावना है। उत्तर प्रदेश में एनडीए और विपक्षी दलों के बीच राज्यसभा सीटों को लेकर शह-मात का खेल जारी है और आने वाले दिनों में यह राजनीतिक संघर्ष और तेज़ होने के आसार हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

इसलिए उनका यह हमला केवल BJP का प्रचार नहीं, बल्कि पिछड़े वोट बैंक को लेकर असली प्रतिस्पर्धा की झलक है। मुख्यधारा की कवरेज इस बयान को केवल 'आरोप-प्रत्यारोप' मानकर छोड़ देती है, लेकिन असल सवाल यह है कि क्या सपा का पीडीए फॉर्मूला उत्तर प्रदेश के विविध पिछड़े समूहों को वास्तव में एकजुट कर पाया है — या वह अभी भी यादव-मुस्लिम धुरी तक सीमित है।
RashtraPress
1 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ओपी राजभर ने अखिलेश यादव पर क्या आरोप लगाए?
ओपी राजभर ने कहा कि अखिलेश यादव पीडीए की परिभाषा समय-समय पर बदलते रहते हैं और उनके नए फॉर्मूले में 'पी' से परिवार (राम गोपाल यादव), 'डी' से धनीराम दौलतमंद और 'ए' के लिए अपराधी शामिल हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि अखिलेश प्रेस वार्ता में केवल एक खास समुदाय की बात करते हैं।
राजभर ने सपा के विधायक टूटने के दावे पर क्या कहा?
राजभर ने सपा के उस दावे को खारिज किया कि BJP के 10 विधायक उनके संपर्क में हैं। उन्होंने पिछले विधान परिषद और राज्यसभा चुनावों का हवाला देते हुए कहा कि किसके विधायक टूटते हैं, यह सबको पता चल जाएगा।
'इंडिया' गठबंधन के चुनाव आयोग विरोध पर राजभर का क्या रुख है?
राजभर ने इस विरोध प्रदर्शन को बेबुनियाद बताया। उन्होंने तर्क दिया कि 2014 से पहले पूरे सिस्टम पर कांग्रेस का कब्ज़ा था, फिर भी मोदी जीते; और 2012-17 में यूपी में सपा की पकड़ थी, फिर भी एनडीए को 325 सीटें मिलीं।
यूपी में राज्यसभा चुनाव को लेकर सियासी माहौल क्या है?
उत्तर प्रदेश में राज्यसभा सीटों को लेकर एनडीए और सपा-कांग्रेस गठबंधन के बीच तनाव बढ़ा हुआ है। सपा के तीसरे उम्मीदवार और सीट बँटवारे पर विवाद चल रहा है, जिसे लेकर दोनों पक्षों के बीच आरोप-प्रत्यारोप जारी हैं।
ओम प्रकाश राजभर कौन हैं और उनकी राजनीतिक भूमिका क्या है?
ओम प्रकाश राजभर उत्तर प्रदेश सरकार में पंचायती राज मंत्री हैं और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (SBSP) के प्रमुख हैं। वे एनडीए गठबंधन का हिस्सा हैं और पिछड़े वर्ग, विशेषकर राजभर समुदाय में प्रभावशाली माने जाते हैं।
राष्ट्र प्रेस
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