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मई में थोक महंगाई 9.68% रही; सरकार ने 2022-23 आधार वर्ष के साथ नई WPI सीरीज लॉन्च की

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मई में थोक महंगाई 9.68% रही; सरकार ने 2022-23 आधार वर्ष के साथ नई WPI सीरीज लॉन्च की

सारांश

वाणिज्य मंत्रालय ने मई में 9.68% थोक महंगाई के साथ नई WPI सीरीज लॉन्च की — 2022-23 नया आधार वर्ष, बास्केट में 957 वस्तुएँ, और पहली बार परमाणु व नवीकरणीय ऊर्जा को शामिल किया गया। ईंधन-बिजली महंगाई करीब 30% रही, जो सबसे बड़ा दबाव बिंदु है।

मुख्य बातें

वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय ने 15 जून 2026 को 2022-23 आधार वर्ष के साथ संशोधित WPI सीरीज लॉन्च की।
मई में थोक महंगाई दर सालाना आधार पर 9.68 प्रतिशत ; सभी वस्तुओं का सूचकांक 109.9 पर।
WPI बास्केट में वस्तुओं की संख्या 697 से बढ़कर 957 हुई; पहली बार परमाणु ऊर्जा और नवीकरणीय ऊर्जा शामिल।
ईंधन और बिजली श्रेणी में महंगाई लगभग 30 प्रतिशत ; विनिर्मित उत्पाद 7.48% , खाद्य 4.49% ।
नई OPPI ( 109.6 ) और IPPI ( 104.9 ) सीरीज भी जारी; पुरानी WPI सीरीज अगले 5 वर्षों तक समानांतर जारी रहेगी।
यह बदलाव IMF की सिफारिशों और वैश्विक मानकों के अनुरूप है।

वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय ने सोमवार, 15 जून 2026 को 2022-23 को नया आधार वर्ष मानते हुए संशोधित थोक मूल्य सूचकांक (WPI) सीरीज जारी की। इसके साथ ही मंत्रालय ने घोषणा की कि मई 2026 में अखिल भारतीय थोक महंगाई दर सालाना आधार पर 9.68 प्रतिशत दर्ज की गई और सभी वस्तुओं का सूचकांक बढ़कर 109.9 पर पहुँच गया। यह संशोधित सीरीज 2011-12 आधार वर्ष वाली पुरानी WPI सीरीज की जगह लेती है।

नई WPI सीरीज में क्या बदला

संशोधित WPI बास्केट में शामिल वस्तुओं की संख्या 697 से बढ़ाकर 957 कर दी गई है। नई सीरीज में सौर ऊर्जा, पवन ऊर्जा और पहली बार परमाणु ऊर्जा से उत्पादित बिजली को भी बास्केट में शामिल किया गया है। इसके अलावा, कच्चे पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस को प्राथमिक वस्तुओं की श्रेणी से हटाकर ईंधन और ऊर्जा श्रेणी में स्थानांतरित किया गया है।

वस्तुओं का वेटेज तय करने के लिए अब ग्रॉस वैल्यू ऑफ आउटपुट (GVO) पद्धति अपनाई गई है। साथ ही इंडेक्स निर्माण और कीमतों के अनुपलब्ध होने की स्थिति से निपटने हेतु नई तकनीकों को भी अपनाया गया है।

नए मूल्य सूचकांकों की शुरुआत

संशोधित WPI के साथ-साथ सरकार ने तीन नई सीरीज भी जारी की हैं — आउटपुट प्रोड्यूसर प्राइस इंडेक्स (OPPI), ट्रायल इनपुट प्रोड्यूसर प्राइस इंडेक्स (IPPI) और सात सेवाओं के लिए सर्विस प्रोड्यूसर प्राइस इंडेक्स (PPI)। मंत्रालय के अनुसार, मई में सभी वस्तुओं के लिए OPPI 109.6 और विनिर्माण क्षेत्र के लिए IPPI 104.9 दर्ज किया गया।

गौरतलब है कि यह बदलाव अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) की सिफारिशों और वैश्विक मानकों के अनुरूप है। उपयोगकर्ताओं को नई प्रणाली अपनाने के लिए पर्याप्त समय देने के उद्देश्य से पुरानी WPI सीरीज को अगले पाँच वर्षों तक समानांतर रूप से जारी रखा जाएगा।

श्रेणीवार महंगाई का विश्लेषण

मंत्रालय के आँकड़ों के अनुसार, मई में प्राथमिक वस्तुओं की महंगाई दर 4.99 प्रतिशत रही। ईंधन और बिजली श्रेणी में महंगाई लगभग 30 प्रतिशत तक पहुँच गई, जो समग्र थोक महंगाई को ऊपर धकेलने वाला प्रमुख कारक रही। विनिर्मित उत्पादों की महंगाई दर 7.48 प्रतिशत और WPI खाद्य सूचकांक के तहत खाद्य महंगाई 4.49 प्रतिशत दर्ज की गई।

महंगाई बढ़ाने वाले प्रमुख कारकों में खनिज तेल, कच्चा पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस, रसायन एवं रासायनिक उत्पाद तथा बेसिक मेटल्स शामिल रहे।

आगे क्या होगा

यह ऐसे समय में आया है जब भारत में मूल्य माप प्रणाली को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप बनाने की प्रक्रिया तेज हो रही है। नई PPI-आधारित प्रणाली की ओर यह संक्रमण उत्पादक स्तर पर मूल्य दबावों को अधिक सटीकता से मापने में सहायक होगी। अगले पाँच वर्षों में दोनों सीरीज के समानांतर संचालन से नीति-निर्माताओं और उद्योग जगत को नई पद्धति को समझने और अपनाने का अवसर मिलेगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि 957 वस्तुओं और नई PPI पद्धति के साथ नीति-निर्माता इन आँकड़ों का उपयोग मौद्रिक नीति में कितनी तेज़ी से करेंगे। पाँच वर्षों की समानांतर अवधि सावधानी दिखाती है, लेकिन इससे बाज़ार में भ्रम की स्थिति भी बन सकती है जब तक दोनों सीरीज के बीच अंतर स्पष्ट न हो।
RashtraPress
10 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मई 2026 में थोक महंगाई दर कितनी रही?
मंत्रालय के आँकड़ों के अनुसार, मई 2026 में अखिल भारतीय WPI आधारित थोक महंगाई दर सालाना आधार पर 9.68 प्रतिशत रही। इस दौरान सभी वस्तुओं का सूचकांक बढ़कर 109.9 पर पहुँच गया।
नई WPI सीरीज 2022-23 में क्या बदलाव किए गए हैं?
नई WPI सीरीज में 2022-23 को आधार वर्ष बनाया गया है और बास्केट में वस्तुओं की संख्या 697 से बढ़ाकर 957 की गई है। पहली बार सौर, पवन और परमाणु ऊर्जा को शामिल किया गया है, और वेटेज के लिए GVO पद्धति अपनाई गई है।
थोक महंगाई बढ़ाने वाले प्रमुख कारक कौन से रहे?
मई में ईंधन और बिजली श्रेणी में महंगाई लगभग 30 प्रतिशत रही, जो सबसे बड़ा कारक था। इसके अलावा खनिज तेल, कच्चा पेट्रोलियम, प्राकृतिक गैस, रसायन एवं रासायनिक उत्पाद और बेसिक मेटल्स भी महंगाई बढ़ाने में प्रमुख भूमिका में रहे।
पुरानी WPI सीरीज बंद होगी या जारी रहेगी?
2011-12 आधार वर्ष वाली पुरानी WPI सीरीज को अगले पाँच वर्षों तक नई सीरीज के साथ समानांतर रूप से जारी रखा जाएगा। यह उपयोगकर्ताओं को नई प्रणाली में संक्रमण के लिए पर्याप्त समय देने के उद्देश्य से किया गया है।
OPPI और IPPI क्या हैं और इनके मई के आँकड़े क्या रहे?
OPPI (आउटपुट प्रोड्यूसर प्राइस इंडेक्स) और IPPI (ट्रायल इनपुट प्रोड्यूसर प्राइस इंडेक्स) नई उत्पादक मूल्य माप सीरीज हैं जो IMF की सिफारिशों के अनुरूप हैं। मई में OPPI 109.6 और विनिर्माण क्षेत्र के लिए IPPI 104.9 दर्ज किया गया।
राष्ट्र प्रेस
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