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WPI बास्केट में वस्तुएँ बढ़कर 957, केंद्र ने PPI लॉन्च का भी किया ऐलान; 15 जून से नई सीरीज़ लागू

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WPI बास्केट में वस्तुएँ बढ़कर 957, केंद्र ने PPI लॉन्च का भी किया ऐलान; 15 जून से नई सीरीज़ लागू

सारांश

महंगाई की तस्वीर अब बदलेगी। केंद्र ने WPI बास्केट को 697 से बढ़ाकर 957 वस्तुओं तक विस्तारित किया, आधार वर्ष 2022-23 किया, और पहली बार प्रोड्यूसर प्राइस इंडेक्स (PPI) लॉन्च किया — जिसमें बैंकिंग, बीमा, रेलवे और टेलीकॉम जैसी सेवाएँ भी शामिल होंगी। 15 जून से नई सीरीज़ लागू।

मुख्य बातें

केंद्र सरकार ने 2 जून को नई WPI सीरीज़ और PPI लॉन्च का ऐलान किया।
WPI बास्केट में वस्तुओं की संख्या 697 से बढ़कर 957 ; आधार वर्ष 2011-12 से 2022-23 ।
नई सीरीज़ 15 जून को जारी होने वाले आँकड़ों से प्रभावी।
सोलर, विंड और परमाणु बिजली पहली बार इलेक्ट्रिसिटी ग्रुप में शामिल।
सर्विस PPI में बैंकिंग, बीमा, रेलवे, टेलीकॉम और एयर ट्रैवल कवर होंगे।
WPI और PPI अगले पाँच वर्षों तक साथ-साथ जारी होंगे।

केंद्र सरकार ने मंगलवार, 2 जून को महंगाई मापन प्रणाली में बड़े बदलावों की घोषणा करते हुए थोक मूल्य सूचकांक (WPI) की नई सीरीज़ का अनावरण किया और पहली बार प्रोड्यूसर प्राइस इंडेक्स (PPI) लॉन्च करने का ऐलान किया। नई WPI सीरीज़ में वस्तुओं की संख्या बढ़ाकर 957 कर दी गई है, जो पहले 697 थी, और इसका आधार वर्ष भी 2011-12 से बदलकर 2022-23 कर दिया गया है।

मुख्य घटनाक्रम

सरकारी बयान के अनुसार, नई WPI सीरीज़ 15 जून को जारी होने वाले आँकड़ों से लागू हो जाएगी। इस बदलाव का उद्देश्य महंगाई मापन को अधिक सटीक बनाना और इसे वैश्विक मानकों के अनुरूप ढालना है। बास्केट का विस्तार बीते एक दशक में भारतीय अर्थव्यवस्था के बदले स्वरूप को दर्शाता है।

नई सीरीज़ में क्या-क्या जुड़ा

नई वस्तुओं में इलेक्ट्रिसिटी ग्रुप के अंतर्गत सोलर और विंड जैसे नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों को शामिल किया गया है। साथ ही, परमाणु बिजली को भी पहली बार इस सूची में जगह दी गई है, जो भारत के ऊर्जा-मिश्रण में हो रहे संरचनात्मक बदलाव का संकेत है।

सरकार के बयान के अनुसार, कच्चे पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस को 'प्राथमिक वस्तुओं' की श्रेणी से हटाकर 'ईंधन एवं विद्युत खंड' में स्थानांतरित कर दिया गया है। बयान में कहा गया कि इस पुनर्गठन से बेहतर तालमेल स्थापित होगा, क्योंकि इस समूह में पहले से ही कोयला, बिजली और पेट्रोलियम उत्पाद जैसे प्रमुख ईंधन शामिल हैं।

PPI: WPI की जगह लेने वाला नया सूचकांक

सरकार ने पहली बार WPI के साथ-साथ प्रोड्यूसर प्राइस इंडेक्स (PPI) जारी करने का निर्णय लिया है, जो आने वाले समय में WPI का स्थान लेगा। PPI आउटपुट, इनपुट और मुख्य सर्विस सेक्टर्स को कवर करेगा।

सर्विस PPI के दायरे में बैंकिंग, बीमा, रेलवे, टेलीकॉम और एयर ट्रैवल को रखा गया है। यह कदम सेवा क्षेत्र को महंगाई-मापन के औपचारिक ढाँचे में पहली बार व्यवस्थित रूप से शामिल करता है — एक ऐसा क्षेत्र जो भारत की GDP में 50% से अधिक का योगदान देता है।

जारी होने का कैलेंडर

सरकार के अनुसार, WPI और PPI मासिक आधार पर जारी होंगे, जबकि सर्विस PPI तिमाही आधार पर प्रकाशित किया जाएगा। दोनों सूचकांकों — WPI और PPI — को अगले पाँच वर्षों तक एक साथ जारी किया जाएगा, ताकि उपयोगकर्ताओं को नई व्यवस्था में संक्रमण का पर्याप्त समय मिल सके।

क्या होगा आगे

बयान में आगे कहा गया कि भार निर्धारण की बेहतर कार्यप्रणाली, उन्नत गणना विधियाँ और लापता मूल्य डेटा को भरने की बेहतर तकनीक भी नई WPI सीरीज़ की प्रमुख विशेषताओं में शामिल हैं। आँकड़ाशास्त्रियों के लिए 15 जून की रिलीज़ इस बात की पहली परीक्षा होगी कि नई सीरीज़ पुरानी की तुलना में महंगाई की तस्वीर कितनी अलग पेश करती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

पर ज़रूरी कदम है — एक दशक पुराने आधार पर महंगाई मापना डिजिटल, हरित और सेवा-प्रधान अर्थव्यवस्था की सच्चाई से कटा हुआ था। सोलर, विंड और परमाणु बिजली का जुड़ना और सेवा क्षेत्र का PPI में शामिल होना भारतीय आँकड़ाशास्त्र के लिए संरचनात्मक अपग्रेड है। असली परीक्षा यह होगी कि नई सीरीज़ क्या RBI की मॉनेटरी पॉलिसी और इनपुट-कॉस्ट विश्लेषण को बेहतर सिग्नल देती है, या केवल कार्यप्रणाली बदलाव में उलझकर रह जाती है। पाँच साल का समानांतर प्रकाशन विवेकपूर्ण है, पर तुलनात्मकता पर बहस तय है।
RashtraPress
20 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नई WPI सीरीज़ कब से लागू होगी?
नई WPI सीरीज़ 15 जून को जारी होने वाले थोक मूल्य सूचकांक के आँकड़ों से प्रभावी हो जाएगी। इसका आधार वर्ष पुराने 2011-12 से बदलकर अब 2022-23 कर दिया गया है।
WPI बास्केट में अब कितनी वस्तुएँ शामिल हैं?
नई WPI सीरीज़ में वस्तुओं की कुल संख्या बढ़ाकर 957 कर दी गई है, जो पहले 697 थी। नई वस्तुओं में सोलर, विंड और परमाणु बिजली जैसे ऊर्जा स्रोत भी शामिल किए गए हैं।
प्रोड्यूसर प्राइस इंडेक्स (PPI) क्या है और यह WPI से कैसे अलग है?
PPI एक नया सूचकांक है जो उत्पादकों द्वारा प्राप्त कीमतों को मापता है और इसमें आउटपुट, इनपुट तथा मुख्य सेवा क्षेत्रों को शामिल किया गया है। यह आने वाले वर्षों में WPI की जगह लेगा और भारत के महंगाई मापन को वैश्विक मानकों के अनुरूप बनाएगा।
सर्विस PPI में कौन-कौन से क्षेत्र शामिल होंगे?
सर्विस PPI में बैंकिंग, बीमा, रेलवे, टेलीकॉम और एयर ट्रैवल क्षेत्रों को शामिल किया गया है। यह सूचकांक तिमाही आधार पर जारी किया जाएगा, जबकि WPI और मुख्य PPI मासिक आधार पर।
पुराना WPI कब तक जारी रहेगा?
सरकार के अनुसार WPI और नया PPI अगले पाँच वर्षों तक एक साथ प्रकाशित किए जाएँगे। यह संक्रमण काल उपयोगकर्ताओं को दोनों सूचकांकों की तुलना करने और नई व्यवस्था के अनुकूल ढलने का अवसर देगा।
राष्ट्र प्रेस
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