कैप्टन स्मित मच्छार की बहादुरी पर सर्वदलीय सराहना, सत्ता पक्ष-विपक्ष ने एक स्वर में की तारीफ
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार ने फ्लाईदुबई की उस फ्लाइट को सुरक्षित उतारकर सैकड़ों यात्रियों की जान बचाई, जिस पर दुबई से तेल अवीव के रास्ते हमला हुआ था। उनके इस असाधारण साहस और कौशल की सत्ता पक्ष तथा विपक्ष — दोनों ओर के नेताओं ने 1 अक्टूबर 2026 को एक स्वर में प्रशंसा की।
मुख्य घटनाक्रम
रिपोर्टों के अनुसार, दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की फ्लाइट पर हमला हुआ, जिसमें पायलट घायल हो गए और उनकी जान लेने की कोशिश की गई। इन विपरीत परिस्थितियों के बावजूद कैप्टन मच्छार ने विमान को नियंत्रण में रखा और सभी यात्रियों को सुरक्षित बचाने में सफलता हासिल की। यह ऐसे समय में आया है जब अंतरराष्ट्रीय उड़ान सुरक्षा को लेकर वैश्विक स्तर पर चिंताएँ बढ़ रही हैं।
सत्ता पक्ष की प्रतिक्रिया
उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा, 'मैं कैप्टन स्मित मच्छार को बधाई देता हूँ और उनका बहुत-बहुत धन्यवाद करता हूँ, जो भारत का गौरव बनकर उभरे हैं। आज पूरी दुनिया में हमारे पायलट मच्छार के नाम की चर्चा हो रही है।' उन्होंने आगे कहा कि कैप्टन मच्छार ने 'वही ऊर्जा, हिम्मत, कौशल, बुद्धि और समझदारी' का प्रदर्शन किया जो भारत की रग-रग में बसी है।
महाराष्ट्र सरकार के मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने कहा, 'कल दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाइट पर हमला हुआ, जिसमें पायलट घायल हो गए और उन्हें मारने की कोशिश की गई। इसके बावजूद, उन्होंने सफलतापूर्वक यात्रियों की जान बचाई। इतनी हिम्मत दिखाने के लिए मैं स्मित को बधाई देता हूँ।'
विपक्ष की प्रतिक्रिया
कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने कहा, 'कोई भी इंसानियत को बचाता है, तो उसकी बहादुरी को सलाम करना चाहिए। निश्चित रूप से कैप्टन स्मित ने बहुत अच्छा काम किया है, हमारा सिर गर्व से ऊँचा होना चाहिए कि उन्होंने गिरते हुए प्लेन को संभाल लिया।'
राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के सांसद मनोज झा ने कहा, 'जाहिर तौर पर कैप्टन स्मित को बहुत-बहुत शुभकामनाएँ। वह जल्द स्वस्थ हों और उनके साथ पूरे देशवासियों की दुआएँ हैं।' कांग्रेस नेता भूपेश बघेल ने इस घटना की तुलना 9/11 जैसी संभावित आपदा से करते हुए कहा, 'मिल रही खबरों के आधार पर कहा जा सकता है कि 9/11 जैसी घटना हो सकती थी, लेकिन इसे रोका गया और यात्रियों की जान बचाई गई।'
विशेषज्ञ क्या कहते हैं
विमानन विशेषज्ञों के अनुसार, पायलट के घायल होने की स्थिति में विमान को नियंत्रित रखना अत्यंत जटिल कार्य है और इसके लिए असाधारण प्रशिक्षण एवं मानसिक दृढ़ता की आवश्यकता होती है। गौरतलब है कि यह घटना अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारतीय नागरिक उड्डयन क्षेत्र की दक्षता को रेखांकित करती है।
आम जनता पर असर और आगे क्या
कैप्टन मच्छार के साहस की चर्चा सोशल मीडिया पर भी तेज़ी से फैली और देशभर से उनके लिए शुभकामनाओं का तांता लग गया। सांसद मनोज झा ने उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना की, जिससे स्पष्ट है कि वे अभी उपचाराधीन हैं। आने वाले दिनों में केंद्र सरकार की ओर से उनके लिए किसी सम्मान की घोषणा की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।