1 अक्टूबर 2026
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कैप्टन स्मित मच्छार: चाकू से घायल होकर भी 170+ यात्रियों की जान बचाने वाले भारतीय पायलट की पूरी कहानी

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कैप्टन स्मित मच्छार: चाकू से घायल होकर भी 170+ यात्रियों की जान बचाने वाले भारतीय पायलट की पूरी कहानी

सारांश

टेक्सटाइल बिजनेस छोड़कर न्यूजीलैंड में ट्रेनिंग लेने वाले भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार ने चाकू से घायल होने के बावजूद 170 से अधिक यात्रियों की जान बचाई। फ्लाईदुबई की फ्लाइट एफजेड1073 में को-पायलट के हमले के बाद उनकी साहसिक कार्रवाई ने विमान को तबुक में सुरक्षित उतरवाया।

मुख्य बातें

कैप्टन स्मित मच्छार ने 1 अक्टूबर 2026 को फ्लाईदुबई फ्लाइट एफजेड1073 में को-पायलट के चाकू हमले के बाद 170 से अधिक यात्रियों की जान बचाई।
घायल होने के बावजूद कैप्टन स्मित ने कॉकपिट का दरवाज़ा खोला, जिससे क्रू और यात्री अंदर पहुँचकर को-पायलट को काबू कर सके।
विमान को उत्तर-पश्चिमी सऊदी अरब के तबुक में सुरक्षित लैंड कराया गया; रियाद स्थित भारतीय दूतावास ने कैप्टन की स्थिति स्थिर बताई।
इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कैप्टन स्मित और सहायक क्रू-यात्रियों की प्रशंसा की।
कैप्टन स्मित के पास बोइंग 737 पर करीब 10,000 घंटे की उड़ान और 13 वर्ष से अधिक का कमर्शियल एविएशन अनुभव है।
को-पायलट के हमले का मकसद और घटनाक्रम की जाँच अभी जारी है; फ्लाईदुबई ने इजरायल की उड़ानें अस्थायी रूप से निलंबित कर दी हैं।

फ्लाईदुबई के भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार ने 1 अक्टूबर 2026 को दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाइट एफजेड1073 के कॉकपिट में हुई हिंसक झड़प के दौरान 170 से अधिक यात्रियों की जान बचाने में अहम भूमिका निभाई। इजरायली अधिकारियों ने उन्हें एक बड़े हादसे को टालने का श्रेय दिया है।

कॉकपिट में क्या हुआ

इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के बयान के अनुसार, को-पायलट ने कैप्टन स्मित पर चाकू से हमला किया और विमान के नियंत्रण में दखल देने की कोशिश की। घटना उस वक्त हुई जब बोइंग 737 विमान दुबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट से बेन गुरियन इंटरनेशनल एयरपोर्ट, इजरायल की ओर उड़ान भर रहा था।

झड़प के दौरान विमान अचानक तेज़ी से नीचे की ओर आने लगा। रिपोर्टों के अनुसार, घायल होने के बावजूद कैप्टन स्मित कॉकपिट का दरवाज़ा खोलने में सफल रहे, जिससे एक क्रू मेंबर और कुछ यात्री अंदर पहुँच सके और को-पायलट को काबू करने में मदद मिली।

आपातकालीन लैंडिंग और यात्रियों की सुरक्षा

विमान पर दोबारा नियंत्रण हासिल होने के बाद फ्लाइट को उत्तर-पश्चिमी सऊदी अरब के तबुक की ओर मोड़ा गया, जहाँ उसने सुरक्षित लैंडिंग की। सभी यात्रियों के सुरक्षित होने की पुष्टि की गई, जबकि दोनों पायलटों को चिकित्सा उपचार के लिए ले जाया गया। नई दिल्ली स्थित भारतीय दूतावास, रियाद ने बाद में बताया कि कैप्टन स्मित की स्थिति स्थिर है। आपातकालीन लैंडिंग के बाद यात्रियों को बाद में इजरायल पहुँचाया गया।

फ्लाईदुबई ने पुष्टि की कि फ्लाइट डेक पर एक घटना हुई थी और जाँच पूरी होने तक इजरायल आने-जाने वाली उड़ानें निलंबित रहेंगी। एयरलाइन ने जाँच से पहले किसी भी अटकलबाज़ी से बचने की अपील की है।

कैप्टन स्मित का करियर और अनुभव

उनकी लिंकडइन प्रोफाइल के अनुसार, कैप्टन स्मित जून 2022 से फ्लाईदुबई के साथ डायरेक्ट-एंट्री कैप्टन के रूप में कार्यरत हैं। इससे पहले उन्होंने भारतीय लो-कॉस्ट एयरलाइन स्पाइसजेट में 2011 से 2022 तक एक दशक से अधिक समय तक काम किया, जहाँ उन्होंने लाइन-ट्रेनिंग कैप्टन और सीनियर कमांडर जैसी ज़िम्मेदारियाँ निभाईं।

उपलब्ध जानकारी के अनुसार, कैप्टन स्मित के पास कमर्शियल एविएशन में 13 वर्षों से अधिक का अनुभव है और उन्होंने बोइंग 737 पर करीब 10,000 घंटे की उड़ान पूरी की है।

टेक्सटाइल बिजनेस से पायलट बनने तक का सफर

कैप्टन स्मित ने एक पॉडकास्ट में बताया था कि उन्होंने शुरुआत में अपने परिवार के टेक्सटाइल बिजनेस से जुड़ी पढ़ाई की थी। मैनेजमेंट की पढ़ाई के दौरान एविएशन से जुड़े एक सेमिनार में हिस्सा लेने के बाद उनकी विमान उड़ाने में रुचि जागी और उन्होंने अपना करियर बदलने का फैसला किया।

उन्होंने न्यूजीलैंड में पायलट ट्रेनिंग ली। उस दौर में यह प्रशिक्षण उन्हें करीब ₹16 से 17 लाख में पड़ा था। उन्होंने बताया कि एविएशन में करियर बनाने के इस फैसले को लेकर शुरुआत में उनकी माँ चिंतित थीं, जबकि उनके पिता इस बदलाव के प्रति अधिक सहज थे।

इजरायली नेतृत्व की सराहना और आगे की जाँच

प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने कैप्टन स्मित के साथ-साथ उन यात्रियों और क्रू मेंबर्स की भी तारीफ की जिन्होंने कॉकपिट की झड़प के दौरान हस्तक्षेप किया। गौरतलब है कि हमले के पीछे को-पायलट का मकसद क्या था और घटनाएँ किस क्रम में हुईं, इसकी जाँच अभी जारी है।

यह घटना उड़ान सुरक्षा और कॉकपिट क्रू स्क्रीनिंग को लेकर गंभीर सवाल खड़े करती है। अधिकारियों द्वारा जाँच पूरी होने के बाद ही स्थिति की पूरी तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह घटना कॉकपिट क्रू स्क्रीनिंग और मानसिक स्वास्थ्य आकलन की वैश्विक कमज़ोरियों को फिर से उजागर करती है — जर्मनविंग्स 2015 के बाद से यह बहस थमी नहीं है। फ्लाईदुबई का 'जाँच से पहले टिप्पणी नहीं' का रुख समझ में आता है, लेकिन सवाल यह है कि को-पायलट को उड़ान से पहले की मंज़ूरी मिली कैसे। भारत के लिए यह गर्व का पल है, मगर नागरिक उड्डयन नियामकों को इस घटना को महज़ वीरता की कहानी तक सीमित नहीं रखना चाहिए — यह कॉकपिट सुरक्षा प्रोटोकॉल की समीक्षा का अवसर भी है।
RashtraPress
1 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कैप्टन स्मित मच्छार कौन हैं?
कैप्टन स्मित मच्छार फ्लाईदुबई के भारतीय पायलट हैं, जो जून 2022 से एयरलाइन के साथ कार्यरत हैं। उनके पास कमर्शियल एविएशन में 13 वर्षों से अधिक का अनुभव है और बोइंग 737 पर करीब 10,000 घंटे की उड़ान का रिकॉर्ड है।
फ्लाइट एफजेड1073 में क्या हुआ था?
1 अक्टूबर 2026 को दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की फ्लाइट एफजेड1073 के कॉकपिट में को-पायलट ने कैप्टन स्मित पर कथित तौर पर चाकू से हमला किया और विमान के नियंत्रण में दखल देने की कोशिश की। घायल कैप्टन ने कॉकपिट का दरवाज़ा खोला, जिससे क्रू और यात्रियों ने को-पायलट को काबू किया और विमान को सऊदी अरब के तबुक में सुरक्षित उतारा गया।
कैप्टन स्मित मच्छार पायलट कैसे बने?
कैप्टन स्मित ने शुरुआत में अपने परिवार के टेक्सटाइल बिजनेस से जुड़ी पढ़ाई की थी। मैनेजमेंट की पढ़ाई के दौरान एक एविएशन सेमिनार में हिस्सा लेने के बाद उन्होंने करियर बदलने का फैसला किया और न्यूजीलैंड में पायलट ट्रेनिंग ली, जिस पर उस समय करीब ₹16 से 17 लाख का खर्च आया।
फ्लाईदुबई ने इस घटना के बाद क्या कदम उठाए?
फ्लाईदुबई ने जाँच पूरी होने तक इजरायल आने-जाने वाली अपनी उड़ानें अस्थायी रूप से निलंबित कर दी हैं। एयरलाइन ने घटना की पुष्टि की है और जाँच से पहले किसी भी अटकलबाज़ी से बचने की अपील की है।
को-पायलट के हमले का मकसद क्या था?
को-पायलट के हमले का मकसद और कॉकपिट के अंदर घटनाओं का क्रम अभी जाँच के दायरे में है। अधिकारी इस मामले की जाँच कर रहे हैं और जाँच पूरी होने के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी।
राष्ट्र प्रेस
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