कैप्टन स्मित मच्छार: चाकू से घायल होकर भी 170+ यात्रियों की जान बचाने वाले भारतीय पायलट की पूरी कहानी
सारांश
मुख्य बातें
फ्लाईदुबई के भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार ने 1 अक्टूबर 2026 को दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाइट एफजेड1073 के कॉकपिट में हुई हिंसक झड़प के दौरान 170 से अधिक यात्रियों की जान बचाने में अहम भूमिका निभाई। इजरायली अधिकारियों ने उन्हें एक बड़े हादसे को टालने का श्रेय दिया है।
कॉकपिट में क्या हुआ
इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के बयान के अनुसार, को-पायलट ने कैप्टन स्मित पर चाकू से हमला किया और विमान के नियंत्रण में दखल देने की कोशिश की। घटना उस वक्त हुई जब बोइंग 737 विमान दुबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट से बेन गुरियन इंटरनेशनल एयरपोर्ट, इजरायल की ओर उड़ान भर रहा था।
झड़प के दौरान विमान अचानक तेज़ी से नीचे की ओर आने लगा। रिपोर्टों के अनुसार, घायल होने के बावजूद कैप्टन स्मित कॉकपिट का दरवाज़ा खोलने में सफल रहे, जिससे एक क्रू मेंबर और कुछ यात्री अंदर पहुँच सके और को-पायलट को काबू करने में मदद मिली।
आपातकालीन लैंडिंग और यात्रियों की सुरक्षा
विमान पर दोबारा नियंत्रण हासिल होने के बाद फ्लाइट को उत्तर-पश्चिमी सऊदी अरब के तबुक की ओर मोड़ा गया, जहाँ उसने सुरक्षित लैंडिंग की। सभी यात्रियों के सुरक्षित होने की पुष्टि की गई, जबकि दोनों पायलटों को चिकित्सा उपचार के लिए ले जाया गया। नई दिल्ली स्थित भारतीय दूतावास, रियाद ने बाद में बताया कि कैप्टन स्मित की स्थिति स्थिर है। आपातकालीन लैंडिंग के बाद यात्रियों को बाद में इजरायल पहुँचाया गया।
फ्लाईदुबई ने पुष्टि की कि फ्लाइट डेक पर एक घटना हुई थी और जाँच पूरी होने तक इजरायल आने-जाने वाली उड़ानें निलंबित रहेंगी। एयरलाइन ने जाँच से पहले किसी भी अटकलबाज़ी से बचने की अपील की है।
कैप्टन स्मित का करियर और अनुभव
उनकी लिंकडइन प्रोफाइल के अनुसार, कैप्टन स्मित जून 2022 से फ्लाईदुबई के साथ डायरेक्ट-एंट्री कैप्टन के रूप में कार्यरत हैं। इससे पहले उन्होंने भारतीय लो-कॉस्ट एयरलाइन स्पाइसजेट में 2011 से 2022 तक एक दशक से अधिक समय तक काम किया, जहाँ उन्होंने लाइन-ट्रेनिंग कैप्टन और सीनियर कमांडर जैसी ज़िम्मेदारियाँ निभाईं।
उपलब्ध जानकारी के अनुसार, कैप्टन स्मित के पास कमर्शियल एविएशन में 13 वर्षों से अधिक का अनुभव है और उन्होंने बोइंग 737 पर करीब 10,000 घंटे की उड़ान पूरी की है।
टेक्सटाइल बिजनेस से पायलट बनने तक का सफर
कैप्टन स्मित ने एक पॉडकास्ट में बताया था कि उन्होंने शुरुआत में अपने परिवार के टेक्सटाइल बिजनेस से जुड़ी पढ़ाई की थी। मैनेजमेंट की पढ़ाई के दौरान एविएशन से जुड़े एक सेमिनार में हिस्सा लेने के बाद उनकी विमान उड़ाने में रुचि जागी और उन्होंने अपना करियर बदलने का फैसला किया।
उन्होंने न्यूजीलैंड में पायलट ट्रेनिंग ली। उस दौर में यह प्रशिक्षण उन्हें करीब ₹16 से 17 लाख में पड़ा था। उन्होंने बताया कि एविएशन में करियर बनाने के इस फैसले को लेकर शुरुआत में उनकी माँ चिंतित थीं, जबकि उनके पिता इस बदलाव के प्रति अधिक सहज थे।
इजरायली नेतृत्व की सराहना और आगे की जाँच
प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने कैप्टन स्मित के साथ-साथ उन यात्रियों और क्रू मेंबर्स की भी तारीफ की जिन्होंने कॉकपिट की झड़प के दौरान हस्तक्षेप किया। गौरतलब है कि हमले के पीछे को-पायलट का मकसद क्या था और घटनाएँ किस क्रम में हुईं, इसकी जाँच अभी जारी है।
यह घटना उड़ान सुरक्षा और कॉकपिट क्रू स्क्रीनिंग को लेकर गंभीर सवाल खड़े करती है। अधिकारियों द्वारा जाँच पूरी होने के बाद ही स्थिति की पूरी तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।