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क्या राहुल-तेजस्वी ने अतिपिछड़ों के लिए 'न्याय संकल्प' जारी किया, सरकारी ठेकों में 50 प्रतिशत आरक्षण का वादा किया?

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क्या राहुल-तेजस्वी ने अतिपिछड़ों के लिए 'न्याय संकल्प' जारी किया, सरकारी ठेकों में 50 प्रतिशत आरक्षण का वादा किया?

सारांश

बिहार विधानसभा चुनाव के लिए महागठबंधन ने अति पिछड़ा न्याय संकल्प कार्यक्रम में 10 वादों का ऐलान किया है। राहुल गांधी और तेजस्वी यादव ने आरक्षण और विकास के मुद्दों पर चर्चा की। इस कार्यक्रम के जरिए अति पिछड़ों को मुख्यधारा में लाने का प्रयास किया जा रहा है।

मुख्य बातें

अति पिछड़ा न्याय संकल्प कार्यक्रम की घोषणा बिहार में 50 प्रतिशत आरक्षण का वादा जातीय जनगणना की आवश्यकता अति पिछड़ा अत्याचार निवारण कानून का प्रस्ताव महागठबंधन की गारंटी

पटना, २४ सितंबर (राष्ट्र प्रेस)। बिहार में इस वर्ष होने वाले विधानसभा चुनावों के मद्देनजर गतिविधियां तेज हो गई हैं। इस दौरान, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और तेजस्वी यादव सहित महागठबंधन के अन्य नेताओं ने अति पिछड़ा न्याय संकल्प कार्यक्रम में भाग लिया और १० संकल्प लागू करने का आश्वासन दिया।

राहुल गांधी ने कहा कि वर्तमान में देश में जिस जनसंख्या का जितना हिस्सा है, उतनी भागीदारी नहीं मिल रही है। उन्होंने बिहार के लोगों का वोटर अधिकार यात्रा में समर्थन देने के लिए धन्यवाद दिया।

जातीय जनगणना पर चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि इससे स्थिति स्पष्ट हो जाएगी। अति पिछड़ा, आदिवासी, ओबीसी और दलितों को जितनी भागीदारी मिलनी चाहिए, वह नहीं मिलती। हम अति पिछड़ा वर्ग को एक विजन देना चाहते हैं।

कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने नीतीश सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि 20 वर्षों से बिहार में वे सत्ता में हैं, लेकिन कुछ नहीं किया।

उन्होंने कहा कि यह विजन अति पिछड़ों का विजन है और इसे पूरा करना हमारी गारंटी है। राहुल गांधी ने 10 वादों का उल्लेख करते हुए कहा कि बिहार में एससी-एसटी की तर्ज पर अति पिछड़ा अत्याचार निवारण कानून बनाया जाएगा। इसके तहत 25 करोड़ रुपए तक के सरकारी ठेकों और आपूर्ति के टेंडर में ईबीसी, ओबीसी, एससी, एसटी के लिए 50 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान होगा। इसके अतिरिक्त, राज्य के सभी निजी शिक्षण संस्थानों में आरक्षण लागू किया जाएगा।

उन्होंने आगे कहा कि अति पिछड़ा वर्ग के लिए पंचायत और नगर निकायों में 20 प्रतिशत आरक्षण को बढ़ाकर 30 प्रतिशत किया जाएगा। इसके अलावा, आबादी के अनुपात में आरक्षण की 50 प्रतिशत की सीमा को बढ़ाने के लिए विधानमंडल से पारित कानून को संविधान की 9वीं अनुसूची में शामिल करने के लिए केंद्र सरकार को भेजा जाएगा।

उन्होंने कहा कि आवासीय भूमिहीनों को शहरी क्षेत्र में 3 डिसमिल और ग्रामीण क्षेत्रों में 5 डिसमिल भूमि दी जाएगी। उन्होंने उपस्थित लोगों को आश्वस्त करते हुए कहा कि यह महागठबंधन की गारंटी है और इसे पूरा किया जाएगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह देखना होगा कि क्या ये वादे वास्तव में धरातल पर उतरेंगे या सिर्फ चुनावी नारों का हिस्सा बनकर रह जाएंगे।
RashtraPress
28 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

महागठबंधन ने अति पिछड़ा न्याय संकल्प कार्यक्रम में क्या वादे किए?
महागठबंधन ने 10 वादों का ऐलान किया, जिसमें 50 प्रतिशत आरक्षण और अति पिछड़ा अत्याचार निवारण कानून शामिल हैं।
राहुल गांधी ने किस विषय पर बात की?
उन्होंने जातीय जनगणना और अति पिछड़ों की भागीदारी की आवश्यकता पर जोर दिया।
आरक्षण के लिए क्या नए प्रावधान किए गए हैं?
सरकारी ठेकों में 50 प्रतिशत आरक्षण और निजी शिक्षण संस्थानों में आरक्षण लागू करने का प्रस्ताव है।
राष्ट्र प्रेस
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