गौतमबुद्धनगर में फर्जी फर्मों के खिलाफ कार्रवाई, 9 गिरफ्तार, करोड़ों की टैक्स चोरी का खुलासा

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गौतमबुद्धनगर में फर्जी फर्मों के खिलाफ कार्रवाई, 9 गिरफ्तार, करोड़ों की टैक्स चोरी का खुलासा

सारांश

गौतमबुद्धनगर में राज्य कर विभाग ने बोगस फर्मों के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई की है, जिसमें 9 व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया है। इस जांच में करोड़ों रुपए की टैक्स चोरी के एक संगठित नेटवर्क का खुलासा हुआ है।

मुख्य बातें

गौतमबुद्धनगर में फर्जी फर्मों का बड़ा पर्दाफाश हुआ।
9 व्यक्तियों की गिरफ्तारी हुई है।
कुल 1788.99 करोड़ रुपए की टैक्स चोरी का खुलासा।
जांच के दौरान 78.27 करोड़ रुपए की आईटीसी ब्लॉक की गई।
सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति के तहत कार्रवाई।

गौतमबुद्धनगर, 19 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। राज्य कर विभाग ने जनपद गौतमबुद्धनगर में फर्जी फर्मों के खिलाफ एक महत्वपूर्ण अभियान चलाते हुए टैक्स चोरी के एक संगठित नेटवर्क का खुलासा किया है।

उपायुक्त (प्रशासन) राज्य कर, नोएडा के अनुसार, विभाग द्वारा संचालित विशेष जांच अभियान में बड़ी संख्या में फर्जी कंपनियों का खुलासा हुआ है, जो सिर्फ कागजों पर काम कर रही थीं और सरकारी राजस्व को भारी नुकसान पहुंचा रही थीं।

अधिकारियों ने बताया कि राज्य कर विभाग, गौतमबुद्धनगर जोन नोएडा ने पंजीकृत फर्मों की गहन जांच और भौतिक सत्यापन (रेकी) के दौरान राज्य क्षेत्राधिकार के अंतर्गत 20 फर्म और केंद्रीय क्षेत्राधिकार के तहत 60 फर्मों को पूरी तरह से बोगस या अस्तित्वहीन पाया। जांच में यह सामने आया कि इन फर्मों ने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर धोखाधड़ी से जीएसटी पंजीकरण प्राप्त किया था, जिसका मुख्य उद्देश्य कर चोरी करना था।

विभाग ने तुरंत इन सभी फर्मों के पंजीकरण को निरस्त कर आगे की विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है। जांच में यह भी उजागर हुआ कि इन फर्जी फर्मों ने लगभग 1027 अन्य फर्मों को लगभग 637 करोड़ रुपए की इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) पास की। इनमें से 455 फर्में उत्तर प्रदेश में और 574 अन्य राज्यों में पंजीकृत हैं।

इस घोटाले की गंभीरता को देखते हुए विभाग ने अब तक 78.27 करोड़ रुपए की आईटीसी ब्लॉक कर दी है। इसके अतिरिक्त, विभाग ने इन फर्मों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए कुल 1788.99 करोड़ रुपए की कर मांग सृजित की है। बोगस फर्मों के चेन एनालिसिस के माध्यम से वास्तविक लाभार्थियों की पहचान कर उनके संबंधित कर निर्धारण अधिकारियों को सूचित किया गया है। इस प्रक्रिया में अब तक 162.89 करोड़ रुपए की अतिरिक्त मांग भी उत्पन्न की गई है।

उपायुक्त ने कहा कि शासन की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के तहत ऐसे करापवंचन मामलों में सख्त कार्रवाई की जा रही है। फर्जी कंपनियों के पीछे सक्रिय मास्टरमाइंड्स की पहचान कर उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जा रही है। सभी मामलों में संबंधित पुलिस थानों में एफआईआर दर्ज कराई गई है। इस कार्रवाई के दौरान अब तक 9 व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया है। अधिकारियों का कहना है कि आगे भी जांच जारी रहेगी और इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों को चिन्हित कर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि टैक्स चोरी के खिलाफ सख्त कार्रवाई का संदेश भी देता है। ऐसे मामलों में सख्ती जरूरी है ताकि भविष्य में कोई भी ऐसा करने की हिम्मत न करे।
RashtraPress
14 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

गौतमबुद्धनगर में हुई फर्जी फर्मों की जांच का कारण क्या था?
राज्य कर विभाग ने टैक्स चोरी के एक संगठित नेटवर्क का खुलासा करने के लिए फर्जी फर्मों की जांच की।
कितनी फर्जी फर्मों का पर्दाफाश किया गया?
जांच में 80 से अधिक फर्जी फर्में पाई गईं, जिनमें से 20 राज्य और 60 केंद्रीय क्षेत्राधिकार के अंतर्गत थीं।
इस कार्रवाई के दौरान कितने लोग गिरफ्तार हुए?
अब तक 9 व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया है।
विभाग ने कितनी राशि की टैक्स चोरी का खुलासा किया?
विभाग ने कुल 1788.99 करोड़ रुपए की कर मांग सृजित की है।
जीएसटी पंजीकरण के लिए फर्जी दस्तावेजों का उपयोग कैसे हुआ?
इन फर्मों ने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर धोखाधड़ी से जीएसटी पंजीकरण प्राप्त किया था।
राष्ट्र प्रेस
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