क्या भीलवाड़ा में डीजीजीआई की छापेमारी ने 10 करोड़ से अधिक की जीएसटी चोरी का खुलासा किया?

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क्या भीलवाड़ा में डीजीजीआई की छापेमारी ने 10 करोड़ से अधिक की जीएसटी चोरी का खुलासा किया?

सारांश

भीलवाड़ा में जीएसटी चोरी के बड़े मामले का पर्दाफाश करते हुए डीजीजीआई ने 10 करोड़ रुपये की चोरी का खुलासा किया है। क्या यह कार्रवाई जीएसटी अनुपालन को बढ़ावा देगी? जानें इस विस्तृत रिपोर्ट में।

Key Takeaways

  • भीलवाड़ा में जीएसटी चोरी की कार्रवाई
  • 10 करोड़ रुपये से अधिक की चोरी का खुलासा
  • फर्जी बिलिंग नेटवर्क का पर्दाफाश
  • डीजीजीआई की सख्त कार्रवाई
  • राजस्थान में जीएसटी अनुपालन को बढ़ावा

भीलवाड़ा, 28 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। महानिदेशालय जीएसटी इंटेलिजेंस जयपुर जोनल यूनिट ने गुरुवार को भीलवाड़ा में जीएसटी चोरी और फर्जी बिलिंग के नेटवर्क के खिलाफ व्यापक छापेमारी की।

विशेष टीमों ने शहर के 10 से अधिक प्रोसेस हाउस और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर एक साथ कार्रवाई की। इस दौरान कई महत्वपूर्ण दस्तावेज और डिजिटल रिकॉर्ड्स बरामद किए गए हैं, जिनकी गहन जांच जारी है।

जानकारी के अनुसार, यह कार्रवाई मुख्य रूप से निखिल डाड के ठिकानों पर केंद्रित थी, जो पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष लक्ष्मीनारायण डाड के पुत्र हैं। इसके अलावा, माहेश्वरी केमिकल से जुड़े अनुज सोमानी के प्रतिष्ठानों पर भी डीजीजीआई ने तलाशी ली। प्रारंभिक जांच में 10 करोड़ रुपये से अधिक की जीएसटी चोरी का खुलासा हुआ है। अधिकारियों का कहना है कि यह राशि और बढ़ सकती है, क्योंकि बरामद दस्तावेजों और डिजिटल रिकॉर्ड्स का विश्लेषण अभी जारी है।

डीजीजीआई की यह कार्रवाई राजस्थान में जीएसटी चोरी के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाइयों में से एक मानी जा रही है। स्थानीय सूत्रों के अनुसार, यह छापेमारी जीएसटी नियमों के उल्लंघन और फर्जी बिलिंग के जरिए बड़े पैमाने पर कर चोरी के नेटवर्क को उजागर करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

विभागीय अधिकारियों ने बताया कि बरामद दस्तावेजों और रिकॉर्ड्स की गहन जांच के बाद कर चोरी की पूरी तस्वीर सामने आएगी। इस कार्रवाई से भीलवाड़ा के व्यावसायिक समुदाय में हड़कंप मच गया है। डीजीजीआई ने स्पष्ट किया कि जीएसटी चोरी के खिलाफ ऐसी कार्रवाइयां भविष्य में भी जारी रहेंगी, ताकि कर चोरी पर अंकुश लगाया जा सके।

अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई न केवल स्थानीय स्तर पर, बल्कि पूरे राज्य में जीएसटी अनुपालन को बढ़ावा देने के लिए एक मजबूत संदेश देती है। जांच पूरी होने तक और जानकारी की प्रतीक्षा है।

Point of View

यह स्पष्ट है कि जीएसटी चोरी जैसे मामलों की गहन जांच आवश्यक है। इससे न केवल सरकार की आय में वृद्धि होती है, बल्कि यह समाज में कर अनुपालन की भावना को भी बढ़ावा देता है। हमें ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई की आवश्यकता है ताकि भविष्य में ऐसे अपराधों पर काबू पाया जा सके।
NationPress
30/08/2025

Frequently Asked Questions

डीजीजीआई की छापेमारी का मुख्य उद्देश्य क्या था?
डीजीजीआई की छापेमारी का मुख्य उद्देश्य भीलवाड़ा में जीएसटी चोरी और फर्जी बिलिंग के नेटवर्क का पर्दाफाश करना था।
इस कार्रवाई से क्या परिणाम निकलेंगे?
इस कार्रवाई के परिणामस्वरूप जीएसटी चोरी के मामलों की संपूर्ण जानकारी सामने आएगी और विभागीय अधिकारियों की जांच के बाद दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।