ओडिशा कैबिनेट ने हायर एजुकेशन में रिजर्वेशन नीति में किया बड़ा बदलाव

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ओडिशा कैबिनेट ने हायर एजुकेशन में रिजर्वेशन नीति में किया बड़ा बदलाव

सारांश

ओडिशा कैबिनेट ने हायर एजुकेशन के लिए रिजर्वेशन नीति में महत्वपूर्ण बदलाव को मंजूरी दी है। इस नई नीति के तहत एसटी, एससी और एसईबीसी छात्रों के लिए सीटें बढ़ाई जाएंगी, जिससे शिक्षा में समानता के प्रयास को बल मिलेगा।

Key Takeaways

  • ओडिशा में रिजर्वेशन नीति में बड़ा बदलाव किया गया है।
  • एसटी, एससी और एसईबीसी छात्रों के लिए सीटें बढ़ाई जाएंगी।
  • यह नीति सभी राज्य विश्वविद्यालयों और कॉलेजों पर लागू होगी।
  • शैक्षिक अधिकारों की सुरक्षा के लिए यह एक महत्वपूर्ण कदम है।

भुवनेश्वर, 4 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। ओडिशा कैबिनेट ने शनिवार को राज्य में मेडिकल, इंजीनियरिंग और अन्य हायर और टेक्निकल एजुकेशन कोर्सों में एडमिशन के लिए रिजर्वेशन पॉलिसी में महत्वपूर्ण सुधार को मंजूरी दी।

नई नीति के अनुसार, एडमिशन में शेड्यूल्ड ट्राइब्स (एसटी) को 22.5 प्रतिशत, शेड्यूल्ड कास्ट्स (एससी) को 16.25 प्रतिशत और सोशली एंड एजुकेशनली बैकवर्ड क्लासेस (एसईबीसी) को 11.25 प्रतिशत का रिजर्वेशन दिया जाएगा।

यह रिवाइज्ड रिजर्वेशन पॉलिसी सभी राज्य विश्वविद्यालयों, उनसे जुड़े कॉलेजों और संस्थानों, साथ ही आईआईटी और पॉलिटेक्निक में लागू होगी। इसमें इंजीनियरिंग, टेक्नोलॉजी, मैनेजमेंट, कंप्यूटर एप्लीकेशन, मेडिसिन, सर्जरी, डेंटल साइंस, नर्सिंग, फार्मेसी, एलाइड हेल्थ साइंस, वेटेरिनरी साइंस, आयुर्वेद, होम्योपैथी, एग्रीकल्चर और एलाइड साइंस, आर्किटेक्चर, प्लानिंग, और सिनेमैटिक आर्ट्स और टेक्नोलॉजी जैसे कई विषय शामिल हैं।

इसके अतिरिक्त, यह नीति उन सभी अंडरग्रेजुएट और पोस्टग्रेजुएट प्रोग्राम पर भी लागू होगी जो राज्य सरकार द्वारा समय-समय पर नोटिफाई किए गए कोर्स में सर्टिफिकेट, डिप्लोमा, और डिग्री प्रदान करते हैं।

सरकार ने कहा कि ओडिशा में एसटी की जनसंख्या 22 प्रतिशत से अधिक होने के बावजूद तकनीकी, पेशेवर और मेडिकल कोर्स में रिजर्वेशन लंबे समय से 12 प्रतिशत तक सीमित था। इसी प्रकार, एससी की जनसंख्या का 17 प्रतिशत से अधिक हिस्सा है, लेकिन उन्हें केवल 8 प्रतिशत रिजर्वेशन दिया गया था। पहले एसईबीसी छात्रों के लिए कोई रिजर्वेशन नहीं था। इस असमानता ने सामाजिक न्याय और बराबरी को सुनिश्चित करने में बाधाएं उत्पन्न की थीं।

बयान में कहा गया है कि आज़ादी के बाद से पिछले 78 वर्षों में, इन समुदायों के लिए अनुपातिक रिजर्वेशन सुनिश्चित करने के लिए कई आंदोलन और मांगें उठाई गईं, लेकिन अब तक किसी भी सरकार ने ऐसा कदम नहीं उठाया था।

सरकार ने इस कदम को शैक्षिक अधिकारों की सुरक्षा और एसटी, एससी और पिछड़े वर्ग के समुदायों के छात्रों को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया, साथ ही विश्वास जताया कि यह एक खुशहाल ओडिशा बनाने में महत्वपूर्ण योगदान देगा।

आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, राज्य में अंडरग्रेजुएट और पोस्टग्रेजुएट स्तर पर मेडिकल सीटों की कुल संख्या 2,421 है। नई नीति लागू होने से, एसटी सीटें 290 से बढ़कर 545 हो जाएंगी, जबकि एससी सीटें 193 से बढ़कर 393 हो जाएंगी। एसईबीसी छात्रों को अब 272 रिजर्व सीटें मिलेंगी, जो पहले उपलब्ध नहीं थीं।

इसी तरह, राज्य में कुल 44,579 इंजीनियरिंग सीटों में से, एसटी सीटें 5,349 से बढ़कर 10,030 हो जाएंगी, और एससी सीटें 3,566 से बढ़कर 7,244 हो जाएंगी। नई रिजर्वेशन पॉलिसी के अंतर्गत एसईबीसी छात्रों को 5,015 सीटें दी जाएंगी, जबकि पहले ये जीरो थीं।

Point of View

जो कि अतीत में एक चुनौती रही है।
NationPress
08/04/2026

Frequently Asked Questions

नई रिजर्वेशन पॉलिसी कब लागू होगी?
नई रिजर्वेशन पॉलिसी तुरंत प्रभाव से लागू हो जाएगी।
इस नीति का लाभ किसे मिलेगा?
इस नीति का लाभ शेड्यूल्ड ट्राइब्स (एसटी), शेड्यूल्ड कास्ट्स (एससी) और सोशली एंड एजुकेशनली बैकवर्ड क्लासेस (एसईबीसी) के छात्रों को मिलेगा।
कितनी सीटें बढ़ाई जाएंगी?
एसटी सीटें 290 से बढ़कर 545, एससी सीटें 193 से 393 और एसईबीसी के लिए नई 272 सीटें होंगी।
क्या यह नीति सभी संस्थानों पर लागू होगी?
हाँ, यह नीति सभी राज्य विश्वविद्यालयों और संबंधित संस्थानों पर लागू होगी।
सरकार ने इस कदम को क्यों उठाया?
सरकार ने इसे शिक्षा के अधिकारों की सुरक्षा और सामाजिक न्याय को सुनिश्चित करने के लिए उठाया है।
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